नेपाल में बालेन शाह की सरकार आने के बाद एक से बड़े एक फैसले हो रहे है। इन्ही फैसलों में अब प्राइवेट स्कूलों पर गाज गिरने वाली है। नेपाल सरकार ने प्राइवेट स्कूल को बंद करने का आदेश दिया है। नेपाली सरकार द्वारा प्राइवेट स्कूलों को इसलिए बंद कर दिया गया है क्योंकि सरकारी स्कूलों के रहने के बावजूद अधिकतर लोग अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते है। जहां शिक्षा का व्यवसायीकरण होते जा रहा है तो वही प्राइवेट स्कूल फीस की मोटी रकम अभिभावकों से लेती है।
शायद यही वजह है कि नेपाल सरकार ने यह फैसला लिया है। अब बालेन शाह चाहते है कि मंत्रियों से लेकर अधिकारियों तक के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़े। जिससे नेपाल में सामाजिक समानांतर का संदेश दिया जाए। हालांकि इस खबर की पुष्टि हम नहीं करते। यह वायरल खबर नेपाल में लगातार तेजी से फैल रही है।
छात्र राजनीति पर पहले ही लगा चुके है बैन
बालेन शाह की सरकार आने के बाद छात्र राजनीति पर बैन लग चुका है। अब कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र कॉलेज में राजनीति नहीं कर सकेंगे। यह फैसला छात्रों के भविष्य को देखते हुए लिया गया है। ज्ञात हो कि zen Z आंदोलन में कई कॉलेज के छात्र सम्मिलित थे। छात्र राजनीति से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। ओली सरकार जब सत्ता में थी तब युवाओं में अस्थिरता थी शायद यही वजह थी कि नेपाल के लोगों ने सड़कों में उतरकर ओली सरकार के खिलाफ आवाज उठाई और ओली सरकार को सत्ता मोह त्यागना पड़ा।
बालेन शाह जब से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे है तो एक के बाद एक निर्णय लेते जा रहे है। जब बालेन शाह चुनावी अभियान पर थे तब उन्होंने नेपाल की जनता से वादा किया था कि जब वह सत्ता में अपनी सरकार बनाएंगे तब नेपाल की जनता से किया हुआ एक एक वादा निभाया जाएगा। नेपाल की जनता भी बालेन शाह से खुश है और उनके द्वारा लिए गए निर्णय का स्वागत कर रही है।
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5वी कक्षा तक के छात्रों को नहीं देनी होगी परीक्षा
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने एक और निर्णय नेपाल की जनता और उनके बच्चों के लिए लिया। अब 5वी तक के बच्चों को परीक्षा नहीं देनी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि 5वी तक के बच्चे अब बेसिक पढ़ाई करेंगे। कई बार कोर्स कवर करने के चक्कर में बच्चे वह टॉपिक ठीक से पढ़ ही नहीं पाते जो टॉपिक उनको पढ़ना चाहिए। अब 5वी तक के बच्चों पर बेसिक शिक्षा पर बल दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा के माध्यम से उनके ज्ञान को मजबूत किया जाएगा। बच्चे जब छोटे होते है तो कई बार परीक्षा आने पर परीक्षा का मानसिक दवाब ले लेते है जिससे बच्चे कई बार गलत कदम उठा लेते है। अब अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने समझदारी भरा निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह के प्रमुख क्रांतिकारी फैसले
बालेन शाह ने नेपाल के 47वे प्रधानमंत्री के रूप में 27 मार्च 2026 को राष्ट्रपति के सामने शपथ लिया था। शपथ के बाद से ही बालेन शाह एक्शन में है। उन्होंने 5वी तक की कक्षा में परीक्षाओं पर पाबंदी तो लगाई ही लेकिन साथ ही साथ कोचिंग सेंटरों को 15 दिन के अन्दर बंद करने का भी आदेश दे दिया। कोचिंग सेंटरों के मालिकों को 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया। बालेन शाह ने नेपाल में जितने भी इंस्टीट्यूट विदेशी नाम से चल रहे है उनके नाम बदलने का भी आदेश दे चुके है।
एक और फैसला यह किया गया कि अब ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पर नागरिकता की कड़ाई नहीं होगी उस पर छूट दी जा रही है। भ्रष्टाचार में भी अंकुश लगाने का काम बालेन शाह की सरकार कर रही है। वह ओली सरकार के समय अवैध रूप से कमाई गई संपत्तियों पर एक्शन ले रहे है।
कई पूर्व मंत्रियों को गिरफ्तार करवा चुके है। गिरफ्तार किए गए ऐसे मंत्री थे जो आंदोलन के समय भ्रष्टाचार में सम्मिलित थे। बालेन शाह की कैबिनेट में सभी युवा चेहरे दिख रहे है। उनकी कैबिनेट की औसत उम्र 38 वर्ष है जो कि किसी भी देश को सबसे युवा कैबिनेट है। नेपाल की सरकार अब हर जगह युवाओं को मौका दे रही है। बालेन शाह रोजगार के अवसर भी तलाश रहे है और नेपाली युवाओं को रोजगार भी दे रहे है। Zen Z आंदोलन में सहभागी रहे सभी छात्र अब बालेन शाह सरकार के समर्थक है। हम आपको बता दे कि बालेन शाह पहले रैपर थे बाद में वो काठमांडू के मेयर बने और वही से उनकी राजनीतिक किस्मत चमकी और अब वो नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री है।







