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76वें संविधान दिवस पर राष्ट्रपति का संबोधन: भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान

76th Constitution Day President speech
नवजोत कौर सिद्धू
On: नवम्बर 28, 2025 12:30 पूर्वाह्न
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आज पूरा देश संविधान दिवस मना रहा है। और मुख्य कार्यक्रम दिल्ली के पुरानें संसद भवन में हो रहा है। जिस कार्यक्रम की अध्यक्ष राष्ट्रपति स्वयं हैं। संविधान दिवस 2025 पर पुराने संसद भवन में राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय कक्ष में किया गया। 

संविधान दिवस पर आज होने वाले ऐतिहासिक कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नें की,जिसमें उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा के अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री और दोनों सदनों के सांसद शामिल रहे।

दुनियां का सबसे लंबा लिखित संविधान

जानिये पहला संविधान दिवस कब मनाया गया

भारत में 26 नवंबर 1949 को संविधान को अपनाया गया, लेकिन इसके बाद ठीक अगले साल यानी 26 नवंबर 1949 को देश में पहला संविधान दिवस नहीं मनाया गया। देश में पहला संविधान दिवस साल 2015 में मनाया गया।

दरअसल, संविधान दिवस मनाने का फैसला इसके निर्माता डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए लिया गया था।  बता दें कि भारत की संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान को अपनाया था। हालांकि, इसे लागू 26 जनवरी 1950 से किया गया था। 

इसलिए 26 नवंबर को संविधान दिवस और 26 जनवरी को पूरा देश गणतंत्र दिवस मनाता है।

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राष्ट्रपति नें कहा मुझे खुशी हुई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा संविधान दिवस के ऐतिहासिक मौके पर आप सभी के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। आज ही के दिन, 26 नवंबर, 1949 को, संविधान भवन के इसी सेंट्रल हॉल में, संविधान सभा के सदस्यों ने भारत के संविधान का ड्राफ्ट बनाने का काम पूरा किया था। उस साल इसी दिन, हम भारत के लोगों ने अपना संविधान अपनाया था। 

राष्ट्रपति नें कहा मुझे खुशी हुई

आजादी के बाद, संविधान सभा ने भारत की अंतरिम संसद के तौर पर भी काम किया। ड्राफ्टिंग कमेटी के चेयरमैन, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, हमारे संविधान के मुख्य बनाने वालों में से एक थे। उन्होंने यह भी कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।

अब 9 भाषाओं में हमारा संविधान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया समेत नौ भाषाओं में संविधान का ट्रांसलेटेड वर्जन जारी किया।

बहन बेटिंयो को मिला न्याय- राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि विश्व के विशालतम लोकतंत्र में आज भारत एक उदाहरण के तौर पर खड़ा है। बीते दशक में हमारी संसद ने जन आकांक्षाओं को व्यक्त करने के उदाहरण पेश किए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नें कहा कि आप सभी सांसदों को मैं बहुत-बहुत बधाई देती हूं कि तीन तलाक जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाकर हमारी संसद ने बहन-बेटियों को न्याय दिलाया है।

पीएम मोदी नें कहा आजादी, बराबरी और सम्मान देता है संविधान

संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नें कह कि हम अपने संविधान बनाने वालों को श्रद्धांजलि देते हैं। उनकी दूर की सोच हमें एक विकसित भारत बनाने की हमारी कोशिश में हमेशा प्रोत्साहित करती है। हमारा संविधान हमें सम्मान, बराबरी और आजादी को सबसे ज्यादा अहमियत देता है। 

यह हमें अधिकार तो देता ही है, साथ ही हमें नागरिक के तौर पर हमारी जिम्मेदारियों की भी याद दिलाता है, जिन्हें हमें हमेशा पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। ये जिम्मेदारियां एक मजबूत लोकतंत्र की नींव हैं। पीएम नें कहा कि आइए हम अपने कामों से संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का अपना वादा दोहराएं।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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