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कड़कड़ाती ठंड और तेज हवा में 77 वें गणतंत्र दिवस की परेड के लिए सभी सेना बटालियन की रिहर्सल जारी

कड़कड़ाती ठंड और तेज हवा में 77 वें गणतंत्र दिवस की परेड के लिए सभी सेना बटालियन की रिहर्सल जारी
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 8, 2026 7:09 अपराह्न
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भारत इस वर्ष अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। कड़कड़ती ठंड और तेज हवाओं के बीच नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सेना की विभिन्न बटालियनों की रिहर्सल पिछले कई हफ्तों से जारी है। सैनिकों के जूतों की थाप और हवा में गूंजते राष्ट्रभक्ति के गीतों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा से भर दिया है।

भारत के लिए इस दिवस का महत्व

गणतंत्र दिवस केवल एक छुट्टी का दिन नहीं है बल्कि यह वह दिन है जब 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था और हमारा देश एक लोकतांत्रिक गणराज्य बना था। यह दिवस हमारी संप्रभुता अखंडता और विविधता में एकता का प्रतीक है।

2026 की विशेष थीम और मुख्य अतिथि

मुख्य थीम – वंदे मातरम् और आत्मनिर्भर भारत

इस बार गणतंत्र दिवस को एक विशेष नाम और स्वरूप दिया गया है। वर्ष 2026 की मुख्य थीम वंदे मातरम् है जो हमारे राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चुनी गई है। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की झलक भी पूरे कार्यक्रम में देखने को मिलेगी।

मुख्य अतिथि

इस साल का समारोह कूटनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। 77वें गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ (EU) के दो प्रमुख नेता यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। यह पहली बार है जब किसी अंतर्राष्ट्रीय संगठन के दो प्रमुख एक साथ इस समारोह का हिस्सा बन रहे हैं।

गणतंत्र दिवस समारोह का संपूर्ण योजना

यह कार्यक्रम केवल परेड तक सीमित नहीं है बल्कि इसकी एक निर्धारित प्रक्रिया है जो कई घंटों तक चलती है

कार्यक्रम का समय और स्थान

  • स्थान – कर्तव्य पथ पूर्व में राजपथ नई दिल्ली।
  • समय – परेड सुबह 9:30 से 10:00 बजे के आसपास शुरू होती है।
  • अवधि –  90-120 मिनट लगभग ।
  • प्रारंभ –  कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ होती है।

क्या-क्या होता है  परेड में

ध्वजारोहण – राष्ट्रपति द्वारा तिरंगा फहराया जाता है और 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्रगान होता है।

मार्चिंग दल –  थल सेना नौसेना और वायु सेना की विभिन्न रेजिमेंटों के जवान अपने पारंपरिक अंदाज में कदमताल करते हैं। इस बार आर्मी एनिमल कंटिंजेंट सेना के पशु दल को भी विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है।

शक्ति प्रदर्शन – भारत की रक्षा शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए स्वदेशी टैंक मिसाइल सिस्टम जैसे आकाश ब्रह्मोस और रडार दिखाए जाते हैं।

 फ्लाईपास्ट –  यह दर्शकों का सबसे पसंदीदा हिस्सा होता है। राफेल सुखोई-30 और तेजस जैसे लड़ाकू विमान आसमान में कलाबाजियां दिखाते हैं। इस बार वंदे मातरम् थीम पर आधारित विशेष हवाई फॉर्मेशन बनाई जाएगी।

समारोह की झांकियां (Tableaux)

इस बार विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की लगभग 16 से 20 झांकियां शामिल होंगी। कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं

  • उत्तर प्रदेश – महाकुंभ 2025 की भव्यता।
  • मध्य प्रदेश – कूनो नेशनल पार्क और चीतों की वापसी।
  • गुजरात – धोरडो पर्यटन और विरासत।
  • बिहार –  नालंदा विश्वविद्यालय का पुनरुत्थान।
  • हरियाणा –  श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश।

आम आदमी के लिए जाने और बुकिंग की प्रक्रिया

यदि आप दिल्ली में हैं और इस भव्यता को साक्षात देखना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और सरल हो गई है।

टिकट बुकिंग के लिए ऐप और पोर्टल

सरकार ने आम लोगों के लिए आमंत्रण (Aamantran) पोर्टल और ऐप लॉन्च किया है।

आधिकारिक वेबसाइट/ मोबाइल ऐप – Aamantran ऐप यह गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर पर उपलब्ध है।

टिकट की कीमतें और श्रेणियां

  ₹100 प्रीमियर –  यह सीट वीवीआईपी और सलामी मंच के पास होती है जहाँ से आप राष्ट्रपति और मुख्य अतिथियों को करीब से देख सकते हैं।

 ₹20 पेट्रियट –  ये सीटें कर्तव्य पथ के किनारों पर होती हैं जहाँ से फ्लाईपास्ट का सबसे अच्छा दृश्य दिखाई देता है।

बुकिंग के चरण (Steps for Booking)

  • आमंत्रण पोर्टल पर मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन करें।
  • ओटीपी (OTP) से वेरिफिकेशन करें।
  • कार्यक्रम (Republic Day Parade) चुनें।
  • अपनी जानकारी और फोटो आईडी आधार वोटर आईडी आदि अपलोड करें।
  • ऑनलाइन पेमेंट करें और अपना ई-टिकट डाउनलोड करें।

महत्वपूर्ण नोट –  टिकटों की बिक्री 5 जनवरी से 14 जनवरी तक चलती है। कोटा सीमित होने के कारण टिकट सुबह 9 बजे पोर्टल खुलते ही बुक हो जाते हैं।

ऑफलाइन काउंटर (Offline Counters)

अगर आप ऑनलाइन बुक नहीं कर पा रहे हैं तो दिल्ली में इन जगहों पर जाकर आईडी दिखाकर टिकट ले सकते हैं

  • सेना भवन गेट नं. – 5
  • शास्त्री भवन गेट नं. – 3
  • जंतर मंतर मुख्य द्वार
  • संसद भवन रिसेप्शन
  • राजीव चौक और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन।

परेड में नई चीजें और आधुनिकता

स्वदेशी तकनीक –  इस बार मेक इन इंडिया के तहत बनी आर्टिलरी गन्स और ड्रोन स्वार्म्स (Drones) का विशेष प्रदर्शन होगा।

डिजिटल इंडिया – परेड के दौरान क्यूआर कोड आधारित सूचना तंत्र होगा जिससे दर्शक अपनी सीट पर बैठकर झांकी की जानकारी मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।

  • महिला सशक्तिकरण – इस बार भी कई मार्चिंग दलों और फ्लाईपास्ट का नेतृत्व महिला अधिकारी करेंगी।
  • सावधानियां और दिशा-निर्देश
  • आईडी कार्ड –  बिना ओरिजिनल आईडी कार्ड के प्रवेश वर्जित है।
  • वर्जित वस्तुएं – मोबाइल के अलावा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बैग कैमरा रिमोट वाली चाबियां छाता और खाने का सामान ले जाना मना है।
  • मौसम – दिल्ली की कड़ाके की ठंड को देखते हुए पर्याप्त ऊनी कपड़े पहनकर ही जाएं।यह 77वां गणतंत्र दिवस भारत की बढ़ती शक्ति और अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति गौरव का प्रतीक बनेगा।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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