मध्यप्रदेश के बालाघाट में SP आदित्य मिश्रा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान ASI के बार बार हंसने पर ASI को निलंबित कर दिया। यह मामला तब का है जब SP आदित्य मिश्रा लंबित शिकायतों को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेसिंग कर पुलिस स्टाफ से चर्चा कर रहे थे। जब SP ने स्पष्टीकरण मांगा तो ASI के द्वारा सही स्पष्टीकरण न मिलने पर उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया गया। उन्हें रक्षित केंद्र अटैच किया गया है और मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी लगाई है। निलंबित हुए ASI का नाम रामकिशोर राहंगडाले बताया जा रहा है। SP आदित्य मिश्रा को काफी अनुशासनात्मक अधिकारी माना जाता है। ऐसे में अगर कोई अधिकारी बैठक के दौरान अनुशासनहीनता करेगा तो उस पर गाज गिरनी तो तय है।
कौन है आदित्य मिश्रा
आदित्य मिश्रा मध्यप्रदेश कैडर में 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी है। अभी वो मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के बैहार में एसपी के रूप में पदभार संभाल रहे है। आदित्य मिश्रा को काफी सूझबूझ से भरा अधिकारी माना जाता है। वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के दौरान उन्होंने एक ASI को सस्पेंड किया क्योंकि वो पुलिस अधिकारियों के बैठक के दौरान हंस रहे थे। आदित्य मिश्रा बालाघाट जिले में अभी पदस्थ है। बालाघाट में क्राइम कम हुए है और चोरी के मामले भी कई हद तक कम हुए है। SP के रूप में आदित्य मिश्रा ने बहुत हद तक बालाघाट जिले में अपराध पर अंकुश लगाया है।
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मीडिया के सामने दिया आदित्य मिश्रा ने स्पष्टीकरण
वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के बैठक के बाद जब मीडिया द्वारा सवाल पूछा गया तब SP आदित्य मिश्रा ने कहा कि पुलिस अधिकारी जनता के बीच सामंजस्य बैठाने का काम करता है और पुलिस को एक गंभीर व्यक्ति के रूप में देखा जाता हैं। अगर किसी सीरियस मुद्दे पर बैठक चल रही है तो किसी अधिकारी का बार बार हंसना पुलिस की गंभीरता पर सवाल उठता है। ऐसे में एक सीनियर ऑफिसर होने के नाते इन हरकतों पर एक्शन लेना बनता है इससे आगे और भी अधिकारियों को सीख मिलती है।
मध्यप्रदेश पुलिस की स्थिति
मध्यप्रदेश सरकार अभी 7500 पुलिस आरक्षक की भर्ती कर रही है। भर्ती की पूरी प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। आने वाले दिसंबर में पुलिस आरक्षकों की फिर से भर्ती निकलने वाली है। मप्र सरकार इसलिए इतने आरक्षकों की भर्ती कर रही है क्योंकि हर साल हजारों की संख्या में पुलिस आरक्षक सेवानिवृत होते है। ऐसे में उनके पदों को भरने के लिए नए पदों का सृजन मध्यप्रदेश सरकार कर रही है। पुलिस आरक्षक बैंड भर्ती भी 650 की संख्या में मप्र सरकार कर रही है। युवाओं के पास सुनहरा अवसर है कि वह इन पदों की भर्ती परीक्षा में बैठकर पुलिस बल का हिस्सा बने। पुलिस आरक्षक बैंड भर्ती के लिए हर जिले में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रचार प्रसार किया जा रहा है और युवाओं से पुलिस आरक्षक बैंड बल में जुड़ने के लिए आग्रह किया जा रहा है।







