संसद में शीतकालीन सत्र चल रहा है, आज शीतकालीन सत्र के आठवें दिन संसद में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा हो रही है।इस गीत के ऐतिहासिक महत्व पर लोकसभा में होने वाली चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नें की। आज की कार्यवाही शुरू होने से पहले राज्यसभा में पूर्व राज्यपाल स्वराज कौशल जी को श्रद्धांजलि दी गई,उसके बाद संसद में वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि जिस मंत्र ने देश के आजादी के आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा की और त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया था। उस वंदे मातरम का पुण्य स्मरण करना इस सदन में हम सबके लिये सौभाग्य की बात है।

कई बार हुआ विश्वासघात
इस दौरान पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को भी घेरा उन्होंने कहा कि पिछली सदी में वंदे मातरम के साथ कई बार विश्वासघात हुआ है। इसे कई बार विवादों में भी घसीटा गया है,मुस्लिम लीग ने इसका कई बार विरोध किया किया है जिन्ना ने 1937 में इसका विरोध किया तब नेहरू जी ने मुस्लिम लीग की निंदा नहीं की। जिन्ना के विरोध के बाद नेहरू जी को अपनी कुर्सी के जाने का खतरा लगा रहा था,जिन्ना के विरोध के बाद नेहरू डर गए थे।वंदे मातरम के कुछ शब्दों पर मुस्लिमो को ऐतराज था कांग्रेस ने इसकी समीक्षा की बात भी की थी। कांग्रेस ने वंदे मातरम के टुकड़े कर दिए थे, कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के दबाव में फैसला लिया था।
आज हमारे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के मौके लोकसभा मै करीब दस घंटे चर्चा हो है। जो देर रात तक चलने की संभावना है,वही कांग्रेस की तरफ से मुख्य वक्ताओं में गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी का नाम है।
You may also read – Winter Session of Parliament Begins — संसद का शीतकालीन सत्र शुरू — पूर्वहफ़्ते की हलचल अब संसद में
गौरव गोगोई नें किया पलटवार
पीएम मोदी जी के भाषण के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा आज प्रधानमंत्री के भाषण से दो जो बातें समझ आईं है। उसमें पहली बात ऐसा लगा जैसे उनके राजनीतिक पूर्वजो न ही अंग्रेजों से लड़ लड़ाई की है और वहीं दूसरी बात जो गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी वंदे मातरम को राजनीतिक रूप से विवादित करना चाहते है।
गौरव गोगोई ने कटाक्ष करते हुए कहा कि आप हर बार नेहरू जी और कांग्रेस पर निशाना साधते हैं पर आप जितनी कोशिश कर लें आप नेहरू जी पर कोई दाग नहीं लगा पाएंगे उन्होंने यह भी कहा कि आप सन 1937 के कांग्रेस अधिवेशन की बात करते हैं।उसे लेकिन मैं यह पूछना चाहता हूं कि जब सन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन हुआ था तब तब आपके राजनीतिक पूर्वज कहां थे गोगोई ने कहा मुस्लिम लीग ने वंदे मातरम का पूर्ण बहिष्कार करने की मांग की थी, तब हमारे नेता मौलाना अबुल कलाम आजाद साहब ने कहा था कि मुझे वंदे मातरम से कोई आपत्ति नहीं यही फर्क है हमारे मौलाना आजाद और मुस्लिम लीग में पर उस समय हिंदू महासभा ने भी वंदे मातरम की आलोचना की थी।
गौरव गोगोई जी ने अपनी बातों में यह भी कहा कि झंडा ऊंचा रहे हमारा जय हिंद इंकलाब जिंदाबाद सत्यमेव जयते भारत छोड़ो जैसे कई गीत और नारे थे जो आजादी के लिए बोले और गाये गए जिन शब्दों ने हमे स्वतंत्रता संग्राम में भारत के समाज को ताकत दी जो विरोध मंगल पांडे ने किया था। उसके बाद भारत में एक अलग बेचैनी थी जिसके कारण अंग्रेजों का जुल्म बढ़ गया था।
अखिलेश यादव नें सरकार पर साधा निशाना
वंदे मातरम पर विशेष चर्चा के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान को सिर्फ गाना काफी नहीं इसे निभाने की जरूरत है, वंदे मातरम को जो लोग तोड़ने का काम कर रहे हैं उस पर तंज कसते हुए कहा अखिलेश यादव ने कहा वंदे मातरम कोई दिखावा नहीं है यह राजनीति का विषय नहीं है ऐसा लगता है कि लोग को सरफरोशी की तमन्ना लेकर वंदे मातरम दिल से बोलते थे वहीं कुछ लोग अंग्रेजों के लिए जासूसी का भी काम करते थे।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष हर चीज पर कब्जा करना चाहता है यह लोग का हर बात पर श्रेय लेने चाहते हैं, जो महापुरुष इनके नहीं हैं ये उन्हें भी कब्जाने की कोशिश करते हैं इनकी बातों से तो लगता है कि वंदे मातरम इन्हीं का बनवाया हुआ गीत है।
पीएम नें कहा वंदे मातरम वैदिक युग को दिलाता है याद
पीएम ने कहा हम जब भी वंदे मातरम कहते हैं तो यह हमें हमारे वैदिक युग की याद दिलाते है वेदों मे कहा गया है कि माता भूमि (पुत्रोऽहं पृथिव्या) अर्थात जिसका अर्थ है कि यह भूमि मेरी माता है और मैं उस पृथ्वी की संतान हूं यह वही विचार है जो भगवान श्री राम जी ने व्यक्त किया था उन्होंने कहा था कि जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी वंदे मातरम् यही इसी महान सांस्कृतिक परंपरा की आधुनिक अभिव्यक्ति है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा आज भी 15 अगस्त और 26 जनवरी को हर घर तिरंगा की बात होती है देश में चारों तरफ देशभक्ति और वंदे मातरम का भाव दिखता है वंदे मातरम केवल गीत नहीं है यह हमें प्रेरणा देता है कि हम एक साथ मिलजुल कर रहे पूज्य गांधी ने जो भाव प्रकट किया थे वह भाव आज भी हमारे बीच मौजूद है ये भाव आज भी हमें आपस में जोड़ता है।
गौरव गोगोई नें लगाया आरोप
पीएम मोदी के भाषण के बाद कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा आज प्रधानमंत्री के भाषण से दो जो बातें समझ आईं है उसमें पहली बात ऐसा लगा जैसे उनके राजनीतिक पूर्वजो न ही अंग्रेजों से लड़ लड़ाई की है और वहीं दूसरी बात जो गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी पूरा वंदे मातरम को राजनीतिक रूप से विवादित करना चाहते है।






