नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली ने घरेलू एकदिवसीय टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी करते हुए अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। लंबे समय बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खेलते हुए दोनों दिग्गज बल्लेबाज़ों ने शानदार शतक जड़कर यह साफ कर दिया कि क्लास कभी आउट ऑफ फॉर्म नहीं होती।

रोहित शर्मा ने जहां मुंबई की ओर से विस्फोटक अंदाज़ में रन बरसाए, वहीं विराट कोहली ने अपनी टीम के लिए संयम, आक्रामकता और अनुभव का बेहतरीन संगम दिखाते हुए यादगार शतकीय पारी खेली। घरेलू क्रिकेट में इन दोनों दिग्गजों की यह वापसी टूर्नामेंट ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिहाज़ से भी बेहद खास मानी जा रही है।
रोहित शर्मा का ‘हिटमैन अवतार’
मुंबई की कप्तानी संभालते हुए रोहित शर्मा ने विजय हजारे ट्रॉफी में उतरते ही गेंदबाज़ों पर कहर बरपा दिया। उन्होंने सिक्किम के खिलाफ मुकाबले में 94 गेंदों पर 155 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान रोहित ने चौकों–छक्कों की बरसात कर दी और मैदान के हर हिस्से में आकर्षक शॉट लगाए।
उनकी पारी में आक्रामकता के साथ-साथ अनुभव भी साफ झलक रहा था। रोहित ने सिर्फ 62 गेंदों में शतक पूरा किया और इसके बाद भी रन बनाने की रफ्तार कम नहीं की। इस पारी की बदौलत मुंबई ने लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल किया और 8 विकेट से बड़ी जीत दर्ज की।
विराट कोहली की क्लासिक सेंचुरी
वहीं दूसरी ओर, विराट कोहली ने भी विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी को यादगार बनाते हुए आंध्रप्रदेश के खिलाफ अपनी क्लासिक बल्लेबाज़ी का शानदार नमूना पेश किया। कोहली ने दबाव में उतरकर अपनी टीम को संभाला और एक शानदार शतक जमाया।
विराट की पारी रोहित से बिल्कुल अलग अंदाज़ की थी—जहां रोहित का बल्ला आग उगल रहा था, वहीं कोहली ने धैर्य, तकनीक और सही समय पर आक्रमण का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने सिंगल–डबल्स के साथ स्कोरबोर्ड को चलायमान रखा और मौका मिलते ही बड़े शॉट्स भी लगाए।
Also read – पाकिस्तान का बड़ा कदम: अंडर-19 खिलाड़ियों को लेकर ICC से भारत के खिलाफ शिकायत की तैयारी, जानिए पूरा मामला
घरेलू क्रिकेट में दिग्गजों की वापसी क्यों अहम
रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ियों की विजय हजारे ट्रॉफी में वापसी कई मायनों में महत्वपूर्ण है।
- इससे घरेलू क्रिकेट को नई चमक मिली है।
- युवा खिलाड़ियों को इन दिग्गजों के साथ खेलने और उनसे सीखने का मौका मिला है।
- चयनकर्ताओं को भी यह संदेश गया है कि बड़े खिलाड़ी किसी भी मंच पर प्रदर्शन करने को तैयार हैं।
हाल के महीनों में दोनों खिलाड़ियों के फॉर्म को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन घरेलू टूर्नामेंट में इस तरह का प्रदर्शन यह साबित करता है कि बड़े मैचों के खिलाड़ी अब भी पूरी तरह तैयार हैं।
चयनकर्ताओं और टीम इंडिया के लिए संकेत
विजय हजारे ट्रॉफी में रोहित और विराट के शतक भारतीय टीम प्रबंधन के लिए भी राहत की खबर हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय क्रिकेट और बड़े टूर्नामेंटों को देखते हुए इन दोनों का फॉर्म में लौटना बेहद अहम माना जा रहा है।
क्रिकेट फैंस के लिए उत्सव
इन दोनों दिग्गजों के शतक सिर्फ रन नहीं थे, बल्कि यह एक ऐलान था—कि रोहित शर्मा और विराट कोहली अब भी भारतीय क्रिकेट की रीढ़ हैं। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों से लेकर टीवी पर मैच देख रहे फैंस तक, हर कोई एक बार फिर इन दोनों के बल्ले से निकली जादुई पारियों का गवाह बना।
विजय हजारे ट्रॉफी में रोहित शर्मा और विराट कोहली के शतक ने यह साफ कर दिया है कि अनुभव, मेहनत और क्लास का कोई विकल्प नहीं होता। घरेलू क्रिकेट के मंच से दिया गया यह संदेश आने वाले दिनों में भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद सकारात्मक साबित हो सकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह शानदार फॉर्म अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी जारी रहेगा—लेकिन इतना तय है कि विजय हजारे ट्रॉफी में रोहित–विराट की वापसी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।






