भारत का मौसम इस समय चरम रूपों में दिखाई दे रहा है। एक ओर देश का दक्षिण भारत में तूफान, भारी बारिश और समुद्री हवाओं से प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर उत्तरी भारत में ठंड की तेज़ लहर और शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दोनों क्षेत्रों में मौसम के बदलते तेवरों का असर न केवल दैनिक गतिविधियों पर बल्कि स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों पर भी पड़ा है। कई राज्यों में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

दक्षिण भारत में तूफान का प्रकोप — तेज़ हवाएँ और भारी बारिश
दक्षिण भारत के तटीय राज्यों — तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल और पुदुचेरी — में मौसम का स्वरूप पिछले कुछ दिनों से अत्यधिक प्रतिकूल बना हुआ है। समुद्र से उठे तेज़ दबाव क्षेत्र ने चक्रवात का रूप ले लिया है, जिसकी वजह से तटीय इलाकों में—
- 70–90 किमी/घंटा तक की तेज़ हवाएँ,
- लगातार भारी बारिश,
- समुद्री लहरों की ऊँचाई में वृद्धि,
- और कई क्षेत्रों में जलभराव
जैसी स्थितियाँ देखने को मिल रही हैं।
चक्रवात की दिशा बदलने और तट के पास पहुंचने की संभावना ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा और कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है।
स्कूल बंद — सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
दक्षिणी राज्यों में कई जिलों के स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। इसका मुख्य कारण—
- बच्चों की सुरक्षा,
- यातायात में बाधाएँ,
- जलभराव से सड़कों का बंद होना,
- और बिजली कटौती जैसी समस्याएँ
तमिलनाडु के चेन्नई, कांचीपुरम, नागपट्टिनम, तिरुनेलवेली जैसे कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने निर्देश जारी कर स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और श्रीकाकुलम जिले भी तूफान के प्रभाव से प्रभावित हैं, जहाँ स्कूलों को अस्थायी तौर पर बंद रखा गया है।
माता-पिता और अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को घर से बाहर न जाने दें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
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तटीय इलाकों में नुकसान और राहत कार्य
तटीय क्षेत्रों में स्थिति गंभीर होती जा रही है। कई इलाकों में—
- पेड़ उखड़ने,
- घरों को नुकसान,
- सड़कें बंद होने,
- और बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त होने
NDRF और SDRF की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी गई है और मछुआरों को तटों पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर भारत में ठंड का कहर — तापमान में भारी गिरावट
जब दक्षिण भारत तूफान और बारिश से जूझ रहा है, वहीं उत्तर भारत में सर्दी ने दस्तक दे दी है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में तापमान सामान्य से कई डिग्री नीचे पहुंच गया है।
- सुबह और रात को कड़ाके की ठंड,
- कई इलाकों में कोहरा,
- और शीतलहर के हालात बनने लगे हैं।
हिमाचल और उत्तराखंड के ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी होने से निचले क्षेत्रों में भी ठंड का असर बढ़ गया है। दिल्ली-NCR में भी न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
उत्तर भारत के स्कूलों पर भी सर्दी का असर
कई उत्तर भारतीय राज्यों में सुबह की पाली के स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कुछ जिलों में—
- स्कूलों का समय देर से शुरू करना,
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनने की अनिवार्यता,
- और बाहरी गतिविधियों पर अस्थायी रोक
जैसे निर्देश जारी किए गए हैं। अत्यधिक ठंड वाले क्षेत्रों में कुछ स्कूल 2–3 दिनों के लिए बंद भी किए गए हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट — जनता को सतर्क रहने की अपील
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण भारत में तूफान और उत्तर भारत ठंड का असर दोनों क्षेत्रों में अलर्ट जारी किए हैं:
दक्षिण भारत
- अत्यधिक वर्षा
- समुद्र में ऊँची लहरें
- भूस्खलन की संभावना
- तटीय क्षेत्रों को खाली कराने की तैयारी
उत्तर भारत
- शीतलहर चेतावनी
- घना कोहरा
- तापमान में और गिरावट
जनता को मौसम की ताज़ा जानकारी पर नजर रखने, गैर-जरूरी यात्रा से बचने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
प्रशासनिक तैयारियाँ — दोनों क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई
दक्षिण भारत में:
- राहत शिविरों की स्थापना
- नाव और बचाव दल तैनात
- आवश्यक वस्तुओं का भंडारण
- बिजली और पेयजल बहाली की तैयारी
उत्तर भारत में:
- सड़कों पर एंटी-फॉग उपाय
- मेडिकल टीमों को अलर्ट
- रैन बसेरों में व्यवस्था
- हॉस्पिटल और एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता

निष्कर्ष — मौसम की दो अलग-अलग चुनौतियों से जूझता भारत
एक ओर दक्षिण भारत में तूफान हवाओं, बारिश और समुद्री उथल-पुथल से जूझ रहा है, वहीं उत्तर भारत ठंड और शीतलहर के खतरे का सामना कर रहा है। इन दोनों स्थितियों का असर सबसे अधिक बच्चों और स्कूलों पर पड़ा है, जिससे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल बंद या समय बदला गया है।







