बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाली Women’s World Cup Hockey 2026 में प्रवेश के लिए होने वाले क्वालीफायर टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए 20 सदस्यीय भारतीय महिला टीम की घोषणा कर दी गई है । यह महत्वपूर्ण टूर्नामेंट 8 से 14 मार्च तक हैदराबाद में खेला जाना है , जहां मेजबान भारत सहित आठ टीमें विश्वकप की टिकट पक्की करने के लिए आपस में मुकाबला करेंगी।यह प्रतियोगिता भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं बल्कि प्रतिष्ठा, पुनर्निर्माण और विश्वमंच पर वापसी का अवसर मानी जा रही है । घरेलू मैदान पर खेलने का लाभ महिला हॉकी टीम को आत्मविश्वास की नई ऊंचाइयों तक पहुँचा सकता है।
Women’s World Cup Hockey 2026
FIH महिला हॉकी विश्वकप 2026 के क्वालिफिकेशन के यह अंतिम कड़ी परीक्षा है।हैदराबाद में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी जिसमें शीर्ष तीन स्थानों में रहने वाली टीमों को महिला हॉकी विश्वकप में प्रवेश मिलेगा।प्रतियोगिता में भारत सहित इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, कोरिया, इटली, उरुग्वे, वेल्स और ऑस्ट्रिया की टीमें भाग ले रहीं हैं। पूल A में इंग्लैंड, इटली, कोरिया, ऑस्ट्रिया की टीमें है जबकि पूल B में भारत, उरुग्वे, स्कॉटलैंड और वेल्स की टीमों को रखा गया है। भारत इस टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत 8 मार्च को उरुग्वे के खिलाफ करेगा ।
कप्तानी सलीमा टेटे को , सविता पूनिया की अनुपस्थिति
टीम की कप्तानी युवा लेकिन अनुभवी मिडफील्डर सलीमा टेटे को सौंपी गई है । अनुभवी गोलकीपर और पूर्व कप्तान सविता पूनिया व्यक्तिगत कारणों से इस टीम का हिस्सा नहीं हैं,जो टीम के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सविता लंबे समय से भारतीय टीम की रीढ़ रहीं हैं ,ऐसे में उनकी अनुपस्थिति में गोलकीपिंग की जिम्मेदारी बन्सारी सोलंकी और बिचु देवी खारिबाम पर रहेगी।चयनकर्ताओं ने इस फैसले के जरिए नई पीढ़ी को मंच पर अवसर देने का संकेत भी दिया है।
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अनुभव और युवा जोश का मिश्रण
घोषित टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और युवा जोश का संतुलन देखने को मिला है।टीम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि चयन का आधार सिर्फ अनुभव नहीं बल्कि फिटनेस और हाल के दिनों में खिलाड़ियों के द्वारा किए गए प्रदर्शन भी है , पूरी टीम इस प्रकार है – बंसारी सोलंकी, बिचु देवी, खारिबाम (गोलकीपर) , सुशीला चानू, निक्की प्रधान, मनीषा चौहान, उदिता, इशिका चौधरी, नेहा, सलीमा टेटे(कप्तान), सोनीलता टोप्पो, साक्षी राणा, वैष्णवी फाल्के, रुतजा पिसाल, दीपिका सोरेंग,नवनीत कौर , इशिका , लालरेमसियामी,ब्यूटी डुंगडुंग, बलजीत कौर और अन्नू। टीम चयन में खास बात यह है कि कई युवा खिलाड़ियों को पहली बार इतने बड़े टूर्नामेंट में मौका मिला है, जिससे भारतीय हॉकी के भविष्य की झलक भी दिखाई देती है।
हैदराबाद बनेगा अंतर्राष्ट्रीय हॉकी का केंद्र
तेलंगाना सरकार और हॉकी इंडिया के सहयोग से हैदराबाद को इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट की मेजबानी मिली है , शहर का बालयोगी स्टेडियम अन्तर्राष्ट्रीय सुविधाओं से लैस है और यह पहले भी कई अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित किए जा चुके हैं ।
भारत के सामने चुनौती
हालांकि भारत मेजबान है लेकिन इस टूर्नामनेट में उसकी राह आसान नहीं होगी।इंग्लैंड और कोरिया जैसी मजबूत टीमें पूल चरण के बाद नॉकआउट के संभावित मुकाबलों में कठिन चुनौती पेश करेंगी । स्कॉटलैंड और वेल्स को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता क्योंकि यूरोपीय टीमें अपनी फिटनेस और ताकतवर खेल से किसी भी टीम को अचंभित कर सकती हैं ।
आक्रमण में नवनीत और लालरेमसियामी पर रहेगी नजर
भारतीय आक्रमण की जिम्मेदारी अनुभवी नवनीत कौर और तेज तर्रार लालरेमसियामी पर होगी। दोनों खिलाड़ी हाल में हुए मैचों में अपनी गोल-स्कोरिंग की क्षमता दिखा चुके हैं। यदि भारतीय टीम शुरुआती मैचों में बढ़त बनाने में कामयाब होती हैं, तो नॉकआउट मुकाबलों में उसका आत्मविश्वास बढ़ सकता है।
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विश्वकप की ओर निर्णायक कदम
भारतीय महिला हॉकी टीम पिछले कुछ वर्षों से निरंतर प्रगति कर रही है।ओलंपिक और प्रो लीग में मिले अनुभव ने टीम को मानसिक रूप से मजबूत बनाया है।अब लक्ष्य विश्वकप में स्थान सुरक्षित करने और वैश्विक हॉकी में पहचान बनाने की रहेगी। हैदराबाद में होने वाला यह क्वालीफायर टूर्नामेंट भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए परीक्षा की घड़ी भी है और अवसर भी। युवा कप्तान सलीमा टेटे के नेतृत्व में यदि टीम सामूहिक प्रदर्शन दिखाने में सफल रही तो, महिला विश्वकप हॉकी 2026 का टिकट दूर नहीं होगा।







