कल महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के छठे मैच में मुंबई इंडियंस ने गुजरात जायंट्स को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले में 7 विकेट से हराया। नवी मुंबई के डी.वाई. पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में खेले गए इस मैच में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 192/5 का बड़ा स्कोर बनाया, लेकिन मुंबई की बल्लेबाजी ने संयम, आक्रामकता और साझेदारियों से इसे सफलतापूर्वक पीछा कर दिखाया।
मुंबई ने जीता टॉस
मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल नजर आ रही थी और शाम के समय ओस की भूमिका भी अहम मानी जा रही थी। ऐसे में पहले गेंदबाजी का फैसला रणनीतिक रूप से अहम था।
गुजरात जायंट्स की पारी : टीम प्रयास से 192 रन
पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात जायंट्स ने आक्रामक शुरुआत की। सलामी बल्लेबाजों ने पावरप्ले में ही रन गति को तेज रखा और मुंबई के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। हालांकि गुजरात की पारी की खास बात यह रही कि कोई भी बल्लेबाज व्यक्तिगत रूप से अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका, लेकिन लगभग सभी बल्लेबाजों ने छोटी-छोटी उपयोगी पारियां खेलीं।
टॉप ऑर्डर से लेकर मध्यक्रम तक गुजरात की बल्लेबाजों ने स्ट्राइक रोटेट करते हुए और मौके मिलने पर बाउंड्री लगाते हुए स्कोरबोर्ड को लगातार चलायमान रखा। मुंबई की गेंदबाजी योजनाओं के बावजूद गुजरात ने विकेट बचाते हुए रन गति बनाए रखी।
मध्य ओवरों में मुंबई की स्पिन गेंदबाजी ने कुछ हद तक लगाम लगाने की कोशिश की, लेकिन गुजरात की बल्लेबाजों ने जोखिम कम रखते हुए रन निकालने का तरीका खोज लिया। डेथ ओवरों में गुजरात ने फिर से आक्रामक रुख अपनाया और अंतिम ओवरों में तेज़ी से रन जोड़ते हुए स्कोर को 190 के पार पहुंचा दिया।
निर्धारित 20 ओवरों में गुजरात जायंट्स ने 5 विकेट पर 192 रन बनाए। यह एक बड़ा स्कोर था, जो आमतौर पर किसी भी टीम के लिए मजबूत स्थिति मानी जाती है।
मुंबई की गेंदबाजी : कोशिश अच्छी, असर सीमित
मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों ने अनुशासन के साथ गेंदबाजी करने की कोशिश की, लेकिन सपाट पिच और छोटी बाउंड्री के कारण उन्हें ज्यादा मदद नहीं मिल सकी। पावरप्ले में रन रोकना चुनौतीपूर्ण रहा। मध्य ओवरों में कुछ कसी हुई गेंदबाजी जरूर देखने को मिली, मगर गुजरात की बल्लेबाजों ने नियमित अंतराल पर बाउंड्री निकालकर दबाव को कम कर दिया।
फील्डिंग में मुंबई से कुछ चूक हुई, जिसका फायदा गुजरात को मिला और स्कोर और मजबूत हो गया।
लक्ष्य का पीछा : मुंबई की ठोस शुरुआत
193 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत आक्रामक लेकिन नियंत्रित रही। सलामी बल्लेबाजों ने बिना किसी जल्दबाजी के गेंदबाजों को परखा और रन गति को ऊंचा बनाए रखा। पावरप्ले के भीतर ही मुंबई ने स्पष्ट संकेत दे दिया था कि वह बड़े लक्ष्य से घबराने वाली नहीं है।
एक विकेट जल्दी गिरने के बावजूद मुंबई की रन गति प्रभावित नहीं हुई। टीम ने लगातार साझेदारियां बनाईं और लक्ष्य को छोटे हिस्सों में बांटकर हासिल करने की रणनीति अपनाई।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी पारी
कप्तान हरमनप्रीत कौर एक बार फिर बड़े मुकाबले में टीम की सबसे मजबूत कड़ी साबित हुईं। उन्होंने पारी को संभालते हुए एक छोर से रन बनाना जारी रखा। हरमनप्रीत ने जोखिम और संयम के बीच संतुलन बनाए रखा और गेंदबाजों की गलती पर बाउंड्री लगाने से नहीं चूकीं।
उनकी पारी ने न सिर्फ रन गति को बनाए रखा बल्कि दूसरे बल्लेबाजों को भी खुलकर खेलने का आत्मविश्वास दिया। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ता चला गया।
गुजरात की गेंदबाजी : दबाव में बिखरती योजना
गुजरात जायंट्स के गेंदबाजों के लिए इतना बड़ा स्कोर बचाना आसान नहीं रहा। शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने की कोशिश की गई, लेकिन मुंबई की बल्लेबाजों ने समझदारी से खेलते हुए जोखिम कम रखा। मध्य ओवरों में गेंदबाजी में निरंतरता की कमी साफ नजर आई।
डेथ ओवरों में गुजरात को विकेट की सख्त जरूरत थी, लेकिन मुंबई की बल्लेबाजों ने हालात को अपने पक्ष में बनाए रखा और मैच को हाथ से फिसलने नहीं दिया।
यह मुकाबला न सिर्फ उच्च-स्कोरिंग था बल्कि दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन दिखाया। गुजरात ने टीम प्रयासों से मजबूत स्कोर खड़ा किया, जबकि मुंबई ने कप्तानी पारी, रणनीति और साझेदारियों के दम पर चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। हरमनप्रीत की मैच-प्रभावी बल्लेबाजी और केरी-अमनजोत की कीमती पारी ने मुंबई की जीत को निर्णायक बनाया।







