मई का दूसरा सप्ताह भारतीय उपमहाद्वीप के लिए मिश्रित मौसम लेकर आया है। IMD के अनुसार 10 मई 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो विपरीत रूप देखने को मिलेंगे। एक ओर जहाँ उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, वहीं दक्षिण भारत में समय से पूर्व मानसून की आहट और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मध्य भारत और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है जो स्थानीय स्तर पर लू (Heatwave) जैसी स्थिति पैदा कर सकती है।
क्षेत्रीय मौसम विवरण
उत्तर भारत – पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव
10 मई की सुबह से ही जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करना शुरू करेगा जिससे ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में छिटपुट वर्षा हो सकती है।
- दिल्ली-NCR और मैदानी इलाके – यहाँ मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा लेकिन शाम तक आंशिक बादल छा सकते हैं। अधिकतम तापमान 37°C से 39°C के बीच रहने का अनुमान है।
मध्य भारत – गर्मी का बढ़ता प्रकोप
मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ और विदर्भ के क्षेत्रों में शुष्क मौसम बना रहेगा। इन क्षेत्रों में आसमान साफ रहने और सीधी धूप के कारण दोपहर के समय तापमान में 2-3 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। लू के प्रति संवेदनशील लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है।
दक्षिण भारत – प्री-मानसून की सक्रियता
केरल, कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 10 मई को मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मानसूनी हवाएं मजबूत हो रही हैं जिससे यहाँ लगातार बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत – गरज-चमक के साथ बौछारें
पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में ‘काल बैसाखी’ (Nor’westers) जैसी स्थिति बन सकती है। यहाँ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बिजली कड़कने और बारिश की संभावना है।
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विभिन्न वर्गों के लिए विशेष सुझाव
मौसम की इन परिस्थितियों को देखते हुए समाज के विभिन्न वर्गों के लिए निम्नलिखित सावधानियां और सुझाव महत्वपूर्ण हैं
किसानों के लिए सुझाव (कृषि जगत)
- कटाई और भंडारण – जिन किसानों की रबी फसलें या ग्रीष्मकालीन फसलें कट चुकी हैं, वे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखें। पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के किसान अचानक होने वाली बारिश से बचाव के लिए तिरपाल का प्रबंध रखें।
- सिंचाई प्रबंधन – उत्तर और मध्य भारत के किसान वाष्पीकरण की उच्च दर को देखते हुए शाम या सुबह के समय हल्की सिंचाई करें।
- बागवानी – आम और लीची के बागों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का प्रयोग करें ताकि फल गिरने (Fruit Drop) की समस्या कम हो।
छात्रों और कामकाजी युवाओं के लिए
- बाहर निकलने का समय – यदि संभव हो, तो सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें। रविवार होने के कारण आउटडोर गतिविधियों की योजना शाम के समय बनाएं।
- हाइड्रेशन – काम के दौरान या पढ़ाई करते समय पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस (ORS), या नींबू पानी का सेवन करें। कैफीन युक्त पेय पदार्थों से बचें।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य सलाह
- लू से बचाव – बुजुर्गों को गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन या हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। उन्हें ठंडे और हवादार कमरों में रहना चाहिए।
- खान-पान – बच्चों को सड़क किनारे मिलने वाले कटे हुए फल या खुला जूस न दें, क्योंकि गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। ताज़ा और हल्का भोजन ही लें।
- त्वचा की सुरक्षा – बाहर निकलते समय सूती कपड़े पहनें और सिर को टोपी या छाते से ढकें।
यात्रियों और पर्यटकों के लिए (विशेषकर महाराष्ट्र और उत्तराखंड)
- पहाड़ी यात्रा – उत्तराखंड की ओर जाने वाले यात्री अचानक होने वाली बारिश और फिसलन के प्रति सतर्क रहें। रात के समय ड्राइविंग से बचें।
- तटीय क्षेत्र – दक्षिण भारत के समुद्र तटों पर जाने वाले पर्यटक स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें और ऊंची लहरों के दौरान पानी से दूर रहें।
सावधानी ही सुरक्षा है
10 मई 2026 का मौसम भारत की भौगोलिक विविधता को दर्शाएगा। जहाँ उत्तर में गर्मी अपनी पकड़ बना रही है वहीं दक्षिण में बारिश की ठंडक राहत देगी। मौसम विभाग की वेबसाइट और रेडियो/टीवी पर प्रसारित होने वाले बुलेटिनों पर नजर बनाए रखें। विशेषकर बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है इसलिए संतुलित दिनचर्या और पर्याप्त जलपान को प्राथमिकता दें।
अस्वीकरण – यह जानकारी IMD के तात्कालिक डेटा और मौसमी रुझानों पर आधारित है। मौसम की अनिश्चितताओं के कारण, अंतिम समय में होने वाले बदलावों के लिए आधिकारिक ‘मौसम’ ऐप या स्थानीय प्रशासन की घोषणाओं को ही अंतिम मानें।







