भारत में इस समय मौसम के कई रंग एक साथ देखने को मिल रहे हैं। उत्तर भारत में जहाँ पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण बारिश और ओलावृष्टि का माहौल है, वहीं मध्य और पूर्वी भारत के कुछ हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं।
उत्तर भारत – बारिश, ओलावृष्टि और ऑरेंज अलर्ट
उत्तर भारत में एक सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण मौसम में अचानक बदलाव आया है।
- दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा – इन क्षेत्रों में धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिसका अर्थ है कि निवासियों को खराब मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है।
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश – यहाँ भी तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पहाड़ी राज्य – बर्फबारी और आंधी का कहर
पहाड़ी राज्यों में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय है। पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर हिमालयी क्षेत्रों पर दिख रहा है।
- हिमाचल प्रदेश – यहाँ अगले 48 घंटों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राज्य में 60 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी आंधी और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। ऊंचे इलाकों में ताज़ा बर्फबारी की भी संभावना है जिससे तापमान शून्य के करीब पहुंच सकता है।
- उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर – यहाँ भी मध्यम बारिश और बर्फबारी के कारण भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ गया है। पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।
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मध्य भारत और उत्तर प्रदेश – गर्मी का प्रकोप
मैदानी इलाकों के एक बड़े हिस्से में अभी भी सूरज के तेवर तल्ख हैं।
- लखनऊ और मध्य यूपी लखनऊ में पारा 36°C से 38°C के बीच झूल रहा है। तेज धूप के कारण उमस और गर्मी बढ़ गई है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के असर से यहाँ शाम तक बादलों की आवाजाही देखी जा सकती है।
- हीटवेव (लू) – मध्य प्रदेश, विदर्भ और राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान 40°C के पार जा रहा है। यहाँ प्री-मानसून बारिश की कमी के कारण लू जैसे हालात बन रहे हैं।
पूर्वोत्तर भारत – भारी बारिश का सिलसिला
पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश) में मानसून से पहले की भारी बारिश (Pre-monsoon rains) का दौर जारी है। यहाँ नमी युक्त हवाओं के कारण लगातार बादल बरस रहे हैं जिससे कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है।
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पूर्वोत्तर भारत – मेघालय में प्राकृतिक आपदा का कहर
पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने से भारी तबाही देखने को मिल रही है।
मेघालय की स्थिति – सबसे गंभीर स्थिति मेघालय के री भोई जिले में है। हाल ही में आए भीषण तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है
- प्रभावित गांव – 147 से अधिक।
- क्षतिग्रस्त घर – 1,028 से अधिक घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं।
- प्रभावित आबादी – 5,000 से अधिक लोग बेघर या प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा है।
प्रमुख मौसम सांख्यिकी और चेतावनी
| क्षेत्र | मुख्य प्रभाव | चेतावनी स्तर |
| दिल्ली/पंजाब/हरियाणा | बारिश, ओलावृष्टि, तेज हवाएं | ऑरेंज अलर्ट |
| हिमाचल प्रदेश | 60 किमी/घंटा की आंधी, बर्फबारी | ऑरेंज अलर्ट (अगले 48 घंटे) |
| पूर्वोत्तर भारत | निरंतर भारी बारिश | येलो/ऑरेंज अलर्ट |
| मध्य भारत | हीटवेव (लू) | सावधानी बरतें |
कृषि और स्वास्थ्य पर प्रभाव
- किसानों के लिए – पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के किसानों के लिए ओलावृष्टि चिंताजनक है। तैयार फसलों को इससे नुकसान पहुँच सकता है।
- स्वास्थ्य – तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव (कहीं बारिश तो कहीं भीषण गर्मी) के कारण वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने पर्याप्त पानी पीने और सीधे धूप से बचने की सलाह दी है।
भारत इस समय मौसम के दो चरम छोरों के बीच फंसा हुआ है। एक तरफ पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश का ‘कूलिंग इफ़ेक्ट’ है, तो दूसरी तरफ मध्य भारत की तपन। आने वाले 3-4 दिनों तक उत्तर भारत में मौसम का यह मिजाज जारी रहने की संभावना है।
विशेष नोट – तापमान में इस उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन और अल-नीनो के प्रभाव को माना जा रहा है जिससे मौसम का चक्र अनिश्चित हो गया है।







