भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार 24 मई 2026 को संपूर्ण भारत के मौसम में बड़ा विरोधाभास देखने को मिलेगा। जहां एक तरफ उत्तर और मध्य भारत के मैदानी इलाके भीषण गर्मी और ‘सीवियर हीटवेव’ (भीषण लू) की चपेट में उबल रहे होंगे वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में प्री-मॉनसून की सक्रियता के चलते भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।
उत्तर और मध्य भारत – भीषण लू का प्रकोप (ऑरेंज और रेड अलर्ट)
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में आसमान से अंगारे बरसने का सिलसिला जारी है। IMD के अनुसार, शुष्क पश्चिमी हवाओं के कारण तापमान सामान्य से 4 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है।
- दिल्ली-NCR – देश की राजधानी और आसपास के इलाकों (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में लू का ‘ऑरेंज अलर्ट’ रहेगा। यहाँ अधिकतम तापमान 44°C से 45°C के बीच रहने का अनुमान है। दोपहर के समय तेज धूल भरी गर्म हवाएं चलेंगी।
- उत्तर प्रदेश – राज्य के पश्चिमी और मध्य हिस्से भीषण गर्मी से त्रस्त हैं। बांदा, झांसी, और प्रयागराज जैसे जिलों में तापमान 46°C से 48°C के करीब पहुंच सकता है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 43°C और न्यूनतम 29°C रहने की उम्मीद है। रातें भी गर्म और बेचैन करने वाली होंगी।
- पंजाब और हरियाणा – अमृतसर, बठिंडा, रोहतक और चंडीगढ़ में भी पारा 44°C से 46°C के बीच रहेगा। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक कड़क धूप के साथ तीव्र लू (Heatwave) चलने की आशंका है।
- राजस्थान और मध्य प्रदेश – पश्चिमी राजस्थान (जैसलमेर, बाड़मेर) और मध्य प्रदेश (भोपाल, ग्वालियर) के कुछ हिस्से अत्यधिक गर्म रहेंगे। भोपाल में अधिकतम तापमान 41°C से 43°C के आसपास रहने का अनुमान है।
दक्षिण भारत – भारी बारिश और गरज-चमक
इसके विपरीत दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय होने और मॉनसून की शुरुआती हलचल के कारण मौसम पूरी तरह मेहरबान है।
- केरल और लक्षद्वीप – IMD ने यहाँ अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ क्षेत्रों में ‘भारी से बहुत भारी बारिश’ का अलर्ट जारी किया है। तटीय इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
- तमिलनाडु और कर्नाटक – बेंगलुरु सहित दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ बारिश की प्रबल संभावना है। बेंगलुरु और चेन्नई में अधिकतम तापमान 33°C से 37°C के बीच रहने से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहेगा। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में हालांकि आंशिक रूप से गर्मी का असर रहेगा।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत – आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश
- पूर्वोत्तर राज्य: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 24 मई को ‘भारी से अत्यधिक भारी’ बारिश की चेतावनी दी गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslides) की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट किया गया है।
- बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल – बिहार के कुछ जिलों में आंधी और आंशिक बारिश से आंशिक राहत मिल सकती है, जिससे पटना का तापमान 42°C के आसपास टिकेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि गांगेय पश्चिम बंगाल (कोलकाता) में मौसम गर्म और बेहद उमस भरा (Hot & Humid) रहेगा।
पहाड़ी क्षेत्र – राहत की बौछारें
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश (शिमला) और उत्तराखंड (नैनीताल) के ऊंचाई वाले इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से छिटपुट बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। शिमला में अधिकतम तापमान 28°C और नैनीताल में 31°C के आसपास रहने से पर्यटकों को मैदानी इलाकों की तुलना में काफी राहत मिलेगी।
मुख्य शहरों का संभावित तापमान तालिका
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | मुख्य मौसम स्थिति |
| नई दिल्ली | 45°C | 28°C | भीषण लू, तेज गर्म हवाएं |
| लखनऊ | 43°C | 29°C | गर्म और शुष्क, आंशिक लू |
| मुंबई | 33°C | 30°C | उमस भरा मौसम, आंशिक बादल |
| कोलकाता | 36°C | 30°C | अत्यधिक उमस, गर्म हवा |
| बेंगलुरु | 32°C | 23°C | गरज के साथ बारिश, सुहावना |
| पटना | 42°C | 28°C | गर्म मौसम, शाम को तेज हवाएं |
read also
आईएमडी (IMD) द्वारा स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव
- हीटवेव वाले क्षेत्रों के लिए – दोपहर 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े, टोपी या छतरी से ढकें।
- हाइड्रेशन बनाए रखें – प्यास न लगने पर भी लगातार पानी पीते रहें। ओआरएस (ORS) का घोल, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और घर का बना आम पन्ना जैसी चीजों का सेवन करें।
- बारिश और आंधी वाले क्षेत्रों के लिए – पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के लोग आंधी-तूफान के समय बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें। ऊंचे पेड़ों, कच्चे मकानों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
महत्वपूर्ण नोट – यह पूर्वानुमान आईएमडी (IMD) के वैज्ञानिक मॉडलों और उपग्रह से प्राप्त तात्कालिक बुलेटिन पर आधारित है। मौसम में अचानक बदलाव संभव है, अतः किसी भी आपातकालीन यात्रा से पूर्व अपने क्षेत्र के स्थानीय ‘नाउकास्ट’ (Nowcast) या तात्कालिक मौसम चेतावनियों की जांच अवश्य कर लें।







