इसी वर्ष आयोजित होने वाले फीफा विश्वकप फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए सभी प्रतिभागी टीमों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं । इन्हीं तैयारियों के बीच फ्रांस और ब्राजील के बीच एक अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच खेला गया, यह मुकाबला अमेरिका के मैसाचुसेट्स स्थित गिलेट स्टेडियम में खेला गया जिसमे फ्रांस ने ब्राजील को 2-1 से हरा दिया।
यह मुकाबला “रोड टू वर्ल्ड कप 2026” के तहत बेहद अहम माना जा रहा था, जहां दोनों टीमें अपनी रणनीति और संयोजन को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। करीब 66 हजार दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए इस मैच में ब्राज़ील को समर्थन अधिक मिला, लेकिन मैदान पर फ्रांस की धार ज्यादा तेज नजर आई।
पहला हाफ, फ्रांस ने बनाई बढ़त
फ्रांस की टीम की ओर से मैच का पहला गोल मैच के 32वें मिनट में किया गया , यह गोल टीम के कप्तान किलियन म्बाप्पे ने किया।यह गोल एक तेज काउंटर अटैक का नतीजा था, जिसने ब्राज़ील के खिलाड़ियों को चौंका दिया। म्बाप्पे हाल ही में घुटने की चोट से उबरकर लौटे थे, लेकिन उनके खेल में किसी भी तरह की कमी नहीं दिखी।
इस गोल के साथ वह फ्रांस के सर्वकालिक गोल रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच गए हैं। पहले हाफ में ब्राज़ील ने भी कुछ मौके बनाए। विनिशियस जूनियर और गैब्रियल मार्टिनेली ने आक्रमण में प्रयास किया, लेकिन फ्रांस की रक्षा पंक्ति ने उन्हें गोल करने का मौका नहीं दिया। फ्रांस की टीम हर काउंटर अटैक में खतरनाक दिखी और ब्राज़ील का मिडफील्ड अपेक्षाकृत कमजोर नजर आया।
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दूसरा हाफ, बराबर का संघर्ष
दूसरे हाफ की शुरुआत में मैच ने नया मोड़ लिया जब फ्रांस के डिफेंडर ड्यूट उपमेकनो को 55वें मिनट में रेड कार्ड दिखाया गया। उन्होंने ब्राज़ील के हमलावर को रोकने के प्रयास में फाउल किया, जिससे टीम को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। इस घटना के बाद लगा कि ब्राज़ील वापसी कर सकता है, लेकिन फ्रांस ने संयम बनाए रखा और रणनीतिक खेल जारी रखा।रेड कार्ड के बावजूद फ्रांस ने आक्रमण जारी रखा और 65 वें मिनट में ह्यूगो एक्टिके ने शानदार गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया।
यह गोल तेज काउंटर अटैक के बाद आया, जिसमें उन्हें सटीक पास मिला और उन्होंने बिना किसी गलती किए गेंद को गोल पोस्ट के अंदर भेज दिया। उनका यह गोल साबित करता है कि फ्रांस सिर्फ रक्षा ही नहीं, बल्कि कम खिलाड़ियों के बावजूद आक्रामक खेल खेलने में सक्षम है।इस गोल के बाद ब्राज़ील की टीम ने वापसी की कोशिश की ,फ्रांस का एक खिलाड़ी कम था और मैदान में गैप ज्यादा था ,इन्हीं गैपों का फायदा उठाते 78 वें मिनट में ग्लीसन ब्रेमर ने गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। यह गोल एक क्रॉस के बाद आया, जिससे मैच में रोमांच बढ़ गया।
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ब्राजील का प्रयास, लेकिन सफलता नहीं
एक गोल का अंतर कम करने के बाद ब्राज़ील की टीम और आक्रामक हो गई और फ्रांस के गोलपोस्ट पर लगातार हमले किए , लेकिन फ्रांस के गोलकीपर और रक्षापंक्ति के खिलाड़ियों ने ब्राजील के फॉरवर्डों के हर सवालों का जवाब दिया और मैच को अपने पक्ष में 2-1 से कर लिया।फ्रांस के कोच डेशान्प के लिए भी यह जीत बेहद खास रही क्योंकि यह उनके कोचिंग करियर में ब्राज़ील के खिलाफ पहली जीत है। इस मुकाबले को लेकर एम्बाप्पे ने भी कहा कि ब्राज़ील के खिलाफ खेलना हमेशा खास होता है और यह मैच टीम के स्तर को परखने का बड़ा मौका था।
बुलंद हौसलों के साथ उतरेगी फ्रांस
फ्रांस की यह जीत सिर्फ एक मैत्री मुकाबले की जीत नहीं, बल्कि आने वाले विश्व कप के लिए एक बड़ा संदेश है। टीम ने दिखाया कि वह दबाव, रेड कार्ड और कठिन परिस्थितियों में भी मैच जीतने की क्षमता रखती है।वहीं, ब्राज़ील को अपनी मिडफील्ड और डिफेंस में सुधार की जरूरत साफ नजर आई। कोच कार्लो एनसीलॉटीके लिए यह मैच कई सवाल छोड़ गया है, जिनका जवाब विश्व कप से पहले ढूंढना जरूरी होगा।
फ्रांस ने इस मुकाबले में सामरिक अनुशासन, तेज आक्रमण और मानसिक मजबूती का शानदार प्रदर्शन किया। 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए भी जीत दर्ज करना टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा।दूसरी ओर, ब्राज़ील के लिए यह हार एक चेतावनी है कि अगर टीम संतुलन और रचनात्मकता में सुधार नहीं करती, तो विश्व कप में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।







