चंद्रमा पर अध्ययन करने के लिए NASA आज आर्टेमिस मिशन II लॉन्च करने की तैयारी में है। इस मिशन को फ्लोरिडा स्थित NASA के स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई है।
इस मिशन से आने वाले समय में चंद्रमा की धरती पर मानव को उतारा जाएगा जिससे और बारीकी से चंद्रमा का अध्ययन किया जा सकेगा। फिलहाल यह मिशन 4 अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के कक्षक में ले जाएगा। यह चारों अंतरिक्ष यात्री चन्द्रमा की धरती पर बिना उतरे चंद्रमा के चारों ओर परिक्रमा कर चंद्रमा की कक्षा का बारीकी से अध्ययन करेंगे। यह मिशन NASA के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण रहने वाला है।
चार अंतरिक्ष यात्री जायेंगे इस मिशन पर
NASA के इस महत्वाकांक्षी मिशन का हिस्सा 4 अंतरिक्ष यात्री बनने जा रहे है। रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच, जेरेमी हैनसेन ये सभी चंद्रमा की कक्षा का अध्ययन करने के लिए फ्लोरिडा स्थित NASA space सेंटर से उड़ान भरेंगे। जिस अंतरिक्ष यान से चंद्रमा तक का सफर करेंगे उस अंतरिक्ष यान का नाम SLS है जो चारों अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा के चारों ओर भ्रमण कराएगा।
इसके पहले भी मानव चंद्रमा पर जा चुका है जिस मिशन का नाम अपोलो था। अपोलो मिशन काफी कारगर रहा था लेकिन दुनिया की बड़ी आबादी को आज भी यह संदेह है कि अपोलो चंद्रमा की सतह पर उतरा था भी कि नहीं। हालांकि आने वाले समय में NASA चंद्रमा की धरती पर मानव यान को उतारने की पूरी तैयारी में है। मौसम को देखते हुए लॉन्चिंग समय और दिनांक बदला भी जा सकता है।
read more :
- साल 2026 मे ISRO का पहला मिशन परीक्षण PSLV C62 मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च
- अंतरिक्ष में भारत की बढ़ती शक्ति LVM3-M6 और ISRO का वैश्विक दबदबा
चारों अंतरिक्ष यात्री किस चीज का करेंगे अध्ययन
आज जब यह मिशन लॉन्च होगा तब सबसे ज्यादा खुश वो चारों अंतरिक्ष यात्री होंगे जो पहली बार इस ऐतिहासिक मिशन का हिस्सा बनने जा रहे है। चंद्रमा का परिक्रमण कर ये चारों अंतरिक्ष यात्री चन्द्रमा का मौसम, चंद्रमा का वातावरण और उसके गड्ढे पर रिसर्च करेंगे। जो कि काफी अहम माना जा रहा है। कई देशों के स्पेस एजेंसी का ये भी कहना है कि चंद्रमा धीरे धीरे भारत के पास आता जा रहा है जिससे भविष्य में पृथ्वी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जब आर्टेमिस III 2028 में लॉन्च होगा तब हम मनुष्य को चंद्रमा की सतह पर उतरते देख सकते है।
भारत भी कर रहा चंद्रमा में जाने की तैयारी
केवल NASA ही चंद्रमा पर रिसर्च नहीं कर रहा है बल्कि इसरो (indian space research organisation) भी चंद्रमा में अपनी विशेष रुचि बनाए हुआ है। पिछले वर्षों में इसरो ने एक से बढ़कर एक उपलब्धि हासिल की है जो इसरो के लिए काफी गर्व की बात है। चंद्रयान 2 और चंद्रयान 3 ने पूरी दुनिया में नाम किया था। चंद्रयान मिशन विक्रम रोवर की सहायता से चंद्रमा के दक्षिणी गोलार्ध पर उतरा था। ऐसा करने वाला भारत पहला देश बन गया था। इसरो भी अब रोवर तक सीमित नहीं होना चाहता अब इसरो मनुष्य को चंद्रमा की धरती पर उतारकर वहां के मौसम का विशेष अध्ययन करेगा जो पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण होगा।







