सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं हो सका है। संसद में जरूरी 66% वोट नहीं मिल पाने से नारी शक्ति वंदन अधिनियम गिर गया है। बीजेपी ने जहां कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK को नारी विरोधी पार्टी बताया है। वही कांग्रेस और अन्य पार्टियां बीजेपी को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए राजनीति करना बताया है।
इसी बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें कांग्रेस की तरफ से तिरुअनंतपुरम से सांसद शशि थरूर और संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजूजु को यह कहते दिखाई दे रहे है कि उन्हें कोई महिला विरोधी नहीं कह सकता। शशि थरूर ने कहा कि हमारी पार्टी महिला विरोधी नहीं है बस इस बात का विरोध कर रही है कि महिलाओं के 33% आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर राजनीति की जा रही है। ज्ञात हो कि शशि थरूर का नाता ज्यादातर कई महिलाओं के साथ जोड़ा जाता है शायद इसलिए शशि थरूर यह कह रहे है कि उन्हें कोई महिला विरोधी नहीं कह सकता।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद में नहीं हो पाया पारित
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संसद में जरूरी 66% वोट सरकार प्राप्त नहीं कर पाई। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रस्ताव के पक्ष में 298 वोट और विरोध में 230 वोट पड़े। जरूरी दो तिहाई वोट पाने में केंद्र सरकार सफल नहीं हो सकी। आगर 326 सांसद इसके पक्ष में अपना मत देते तो यह बिल सर्वसम्मति से सदन में पारित हो जाता। यह 11 साल में पहला मौका है जब केंद्र सरकार कोई भी बिल संसद में पारित करवाने में असफल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत के इतिहास में काला दिन करार दिया। नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस महिला विरोधी है। कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों का पूर्ण रूप से हनन कर रही है। वही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि संसद में जब बीजेपी 33% आरक्षण महिलाओं को दे रही है तो मुस्लिम महिलाएं क्यों पीछे है उनको भी समान रूप से आरक्षण मिलना चाहिए। अखिलेश यादव के आरोप में अमित शाह ने यह जवाब दिया कि संविधान में यह साफ लिखा है कि मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जा सकता क्योंकि वह पहले से ही अल्पसंख्यक के आरक्षण में आती है।
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राहुल ने बहन प्रियंका गांधी की की तारीफ
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पूरे बहस में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जबरदस्त तरीके से बीजेपी पर हमला किया। इस पूरे बहस में आकर्षण का केंद्र रही प्रियंका गांधी। महिला संबंधी बिल के लिए विपक्ष से किसी महिला को ही नेतृत्व करना था तो यह मौका प्रियंका गांधी को मिला। प्रियंका गांधी ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि महिलाओं के लिए अगर बीजेपी को कुछ करना है तो बिल्कुल करे लेकिन इस बिल को परिसीमन के साथ जोड़ना बिल्कुल गलत हैं। राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि प्रियंका गांधी महिलाओं की आवाज को अच्छे से जानती है और जिस तरीके से उन्होंने बीजेपी की तुष्टिकरण की राजनीति का जवाब दिया वो अत्यंत सराहनीय है।
विपक्ष का बीजेपी पर अगले चुनाव में लाभ लेने का आरोप
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित न होने से बीजेपी विपक्ष पर अपना गुस्सा लगातार निकाल रही है। बीजेपी कांग्रेस और अन्य पार्टियों को महिला विरोधी बता रही है तो विपक्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लाभ लेने के कदम को गलत ठहरा रही है। इन निम्न बिंदुओं पर विपक्ष बीजेपी को निशाना बना रही है–
1. दक्षिण राज्यों में बीजेपी की हालत- कांग्रेस का आरोप है कि दक्षिण राज्यों में बीजेपी की हालत ठीक नहीं है। हर लोकसभा चुनाव में बीजेपी को दक्षिण राज्यों में मुंह की खानी पड़ती है। बीजेपी पश्चिम और उत्तर भारत के सहारे चुनाव जीतना चाहता है ऐसा आरोप विपक्ष ने भाजपा पर लगाया।
2. महिला वोट बैंक को बढ़ाना- विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि महिला संबंधी बिल लाने से बीजेपी अपना ही फायदा करना चाहती है। पूरे देश की महिलाओं को अपने इस बिल से बीजेपी महिलाओं को खुश करना चाहती है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी की राजनीति को महिलाओं ने भली भांति समझा है और पूरे तरीके से ठुकरा दिया है।
3. परिसीमन को महिला संबंधी बिल में जोड़ना गलत- समाजवादी पार्टी ने बीजेपी पर परिसीमन का आरोप लगाया कि परिसीमन कर बीजेपी संसद में सीट बढ़ाकर खुद को फायदा पहुंचाना चाहती है लेकिन ऐसा हम होने नहीं देंगे। परिसीमन न करते हुए केवल महिलाओं को 33% आरक्षण मिले इस बात से सहमत है लेकिन परिसीमन केन्द्र सरकार न करे। इस पूरे मामले में बीजेपी की महिला सांसदों ने लोकसभा के मुख्य द्वार में बीजेपी के ख़िलाफ़ नारेबाजी की।







