मिडिल ईस्ट तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। यह बैठक भारत में पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी कही जा सकती है। लगातार बढ़ते पेट्रोल डीजल के भ्रामक जानकारी से पूरी देश की जनता असमंजस की स्थिति में है। अमेरिका इजरायल का ईरान के साथ युद्ध अब कम होने का नाम नहीं ले रहा है। कच्चे तेल की कीमत लगातार ऊंचाई पर जा रही है।
वही गैस सिलेंडर भी दिन प्रतिदिन ऊंचाई पर जा रहा है। इससे आम जनता पर भी असर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री अपने पूर्व के संबोधन में पहले भी कह चुके है कि अमेरिका इजरायल का ईरान के साथ युद्ध का असर भारत पर ज्यादा न पड़े इसका प्रभाव कम करने के लिए भारत सरकार प्रतिबद्ध है। लेकिन एक पहलू यह भी है कि सरकार कितना भी कह ले कि भारत में इस युद्ध का असर कम पड़ेगा परंतु गैस की कालाबाजारी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पेट्रोल पंप में लंबी लाइन सरकार के झूठ का पर्दाफाश साफ तौर पर कर रही है।
वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्रियों ने दी ग्राउंड रिपोर्ट की जानकारी
लगभग सभी राज्य के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल थे। सभी राज्य के मुख्यमंत्री ने अपने राज्य में केंद्र सरकार के निर्णय का स्वागत करने के लिए भरोसा जताया। इस साल बहुत से राज्यों में आम चुनाव है। चुनाव को देखते हुए राज्य सरकार यह नहीं चाहेगी कि किसी भी प्रकार की हानि उनके राज्य को युद्ध के कारण पड़े।
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इन बिंदुओं से समझते है युद्ध का राज्यों पर असर
1. आम चुनाव – इस साल बहुत से राज्य में आम चुनाव है अगर राज्यों ने इस स्थिति को ठीक से कंट्रोल में ले लिया तो उनके लिए चुनाव में आगे की राह आसान हो जाएगी।
2. जनता का दवाब– आम जनता लगातार गैस की किल्लत से परेशान हैं। केंद्र सरकार ने एथेनॉल का उपयोग करने का आदेश पहले ही दे दिया है। वहां पेट्रोल डीजल के रेट तो नहीं बढ़े है लेकिन पेट्रोल पंप के बाहर लाइन जनता का गुस्सा साफ दिखा रही है।
3. केंद्र सरकार का निर्णय– लोकसभा में सवाल पूछे जाने पर पेट्रोलियम मंत्री ने साफ जवाब दिया कि देश में पेट्रोल डीजल की कमी बिल्कुल नहीं है। देश में पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल का स्टॉक है। जहां कही भी लॉकडाउन की भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है वह पूरी तरीके से निराधार है।
विपक्ष लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ उठा रही आवाज
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी जहां कई मंचों पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेर चुके है। वह लगातार यह बोलते आएं है कि भारत का प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर देश को चलाता है। देश का प्रधानमंत्री जब देश को ठीक से चला नहीं पा रहा है तो अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी भी लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंश कर कांग्रेस पार्टी पर हल्ला बोल रही है और साफ तौर पर कांग्रेस पार्टी को नासमझ बोल रहे है। भारतीय जनता पार्टी यह कह रही है कि इतने विकट परिस्थिति को नरेंद्र मोदी ने जो संभाला है वो तारीफ के काबिल है। इमरजेंसी के दौरान इन्दिरा गांधी ने क्या किया वह आज पूरे देश के सामने है।







