12 मई 2026 का दिन भारतीय शिक्षा इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक के रूप में दर्ज हो गया है। महीनों की अनिश्चितता और देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद, केंद्र सरकार ने आखिरकार 2026 NEET-UG परीक्षा को रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है।
परीक्षा रद्द करने का मुख्य कारण
परीक्षा के आयोजन के तुरंत बाद से ही देश के विभिन्न हिस्सों से पेपर लीक, सॉल्वर गैंग की सक्रियता और तकनीकी अनियमितताओं की खबरें आ रही थीं। शुरुआती जांच में पुख्ता सबूत मिलने के बाद, शिक्षा मंत्रालय ने माना कि परीक्षा की शुचिता (Integrity) के साथ समझौता किया गया है।
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पेपर लीक के गंभीर आरोप
- टेलीग्राम और डार्क वेब – जांच में पाया गया कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लीक हो गए थे।
- बिहार और गुजरात कनेक्शन – पटना और गोधरा जैसे केंद्रों से बड़ी गिरफ्तारियां हुईं, जहाँ छात्रों ने कबूल किया कि उन्हें परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र रटवाए गए थे।
- करोड़ों का खेल – आशंका जताई जा रही है कि एक-एक प्रश्नपत्र के लिए छात्रों से 30 से 50 लाख रुपये तक वसूले गए।
शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया और सरकार का रुख
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गहरा खेद व्यक्त करते हुए कहा
”छात्रों का हित हमारे लिए सर्वोपरि है। हम भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। सिस्टम की खामियों को दूर करने के लिए और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए यह मामला CBI को सौंपा जा रहा है।”
सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कामकाज की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का भी गठन किया है।
छात्रों का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
24 लाख से अधिक छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी गुस्सा है।
- मानसिक तनाव – छात्र पिछले 2-3 सालों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। अचानक परीक्षा रद्द होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है।
- सड़कों पर छात्र – दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पटना और कोटा की गलियों तक छात्र ‘Justice for NEET Aspirants’ के नारों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।
CBI जांच का दायरा
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) अब इस पूरे सिंडिकेट की जांच करेगी
- NTA के अधिकारियों की भूमिका की जांच।
- प्रिंटिंग प्रेस से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की चेन का विश्लेषण।
- हवाला ऑपरेटरों और बिचौलियों के नेटवर्क को ध्वस्त करना।
मुख्य सांख्यिकी और डेटा (Quick Facts)
| विवरण | विवरण/डेटा |
| कुल अभ्यर्थी | 24,00,000+ (24 लाख से अधिक) |
| परीक्षा केंद्र | देश-विदेश में लगभग 4,500+ केंद्र |
| परीक्षा की तिथि | मई 2026 |
| निरस्तीकरण की तिथि | 12 मई 2026 |
| जांच एजेंसी | केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) |
| पुनः परीक्षा (Re-exam) | संभावित (अधिसूचना जल्द अपेक्षित) |
पुनः परीक्षा (Re-Exam) की जानकारी
सरकार ने घोषणा की है कि छात्रों को फिर से परीक्षा देनी होगी।
- अगली तारीख – अभी तक किसी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अगले 45 से 60 दिनों के भीतर परीक्षा दोबारा आयोजित की जा सकती है।
- एडमिट कार्ड – छात्रों को पुराने पंजीकरण के आधार पर ही नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
- अतिरिक्त शुल्क – पुनः परीक्षा के लिए छात्रों से कोई अतिरिक्त आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
आगे की राह और सुधार
इस घटना ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि
- परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT Mode) बनाया जाए।
- प्रश्नपत्रों के कई सेट अंतिम समय में रैंडम तरीके से चुने जाएं।
- पेपर लीक विरोधी कड़े कानूनों (Anti-Paper Leak Law) को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
NEET-UG 2026 का रद्द होना केवल एक परीक्षा का रद्द होना नहीं है, बल्कि लाखों मेधावी छात्रों के सपनों पर लगा एक अस्थायी विराम है। अब सबकी निगाहें CBI और सरकार के अगले कदमों पर टिकी हैं ताकि भविष्य में ऐसी धांधली की पुनरावृत्ति न हो।
नोट – यह जानकारी चाहिए वर्तमान घटनाक्रमों और उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित एक संक्षिप्त रिपोर्ट है। आधिकारिक अपडेट के लिए छात्रों को NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र रखनी चाहिए।







