हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अतिथि अध्यापकों के हित में एक अच्छा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अतिथि अध्यापकों के मानदेय में 3% की वृद्धि की है। अब पीजीटी अतिथि अध्यापकों को मानदेय के रूप में ₹ 49,400 मिलेगा। तो वही जेबीटी अतिथि अध्यापकों को मानदेय के रूप में ₹36,700 मिलेगा। बढ़ा हुआ वेतन 1 जुलाई 2025 से प्रभावी रूप में लागू होगा। ज्ञात हो कि हरियाणा के अतिथि अध्यापक लंबे समय से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे। हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आखिकार उनकी सुन ही ली। अतिथि अध्यापकों की ओर से कहना है कि राज्य में लगातार महंगाई बढ़ रही है इसलिए मानदेय में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। हरियाणा सरकार का मॉडल पूरे देश में सबसे अच्छा कहा जाता हैं। जहां टीचर्स स्कूल में पढ़ाकर केवल अपनी रोजी रोटी चला पाते है तो वही उनसे कम पढ़े लिखे लाखों की कमाई करते है। यह हरियाणा सरकार का टीचर्स के प्रति सम्मान है जो वह अतिथि अध्यापकों की बात सुनते है।
जानिए पहले कितना था मानदेय…?
बढ़े हुए मानदेय के पहले हरियाणा के गेस्ट टीचरों का वेतन 3% कम था। पीजीटी अतिथि अध्यापकों का मानदेय ₹48,320 था। तो वही जेबीटी अतिथि अध्यापकों का मानदेय ₹35,920 था। शिक्षा विभाग ने यह बढ़ोतरी बेस रेट में 3% की बढ़ोतरी के आधार पर की है। बेस रेट के हिसाब से जेबीटी अतिथि अध्यापकों के मानदेय में 780 रुपए की बढ़ोत्तरी की गई और टीजीटी अतिथि अध्यापकों के मानदेय में 1080 की बढ़ोतरी की गई। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 जुलाई 2025 से प्रभावी रूप से लागू होगा। हम आपको बता दे कि जेबीटी और पीजीटी दोनों वर्ग के अतिथि अध्यापकों का बेसिक मानदेय क्रमशः 26000 रुपए और 36000 रुपए है। हरियाणा राज्य के अतिथि अध्यापकों के लगातार मांग को सुनते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनकी मांगों को मानते हुए उनके मानदेय में 3% की बढ़ोतरी की है।
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हरियाणा के एजुकेशन मॉडल की विशेषता
हरियाणा अपने शिक्षा के लिए जाना जाता है और हरियाणा सरकार अपने राज्य में अलग अलग माध्यम से अपने एजुकेशन मॉडल को बेहतर बना रही है।
- मॉडल संस्कृति स्कूल– इसके अंतर्गत पूरे राज्य में 1420 मॉडल संस्कृति स्कूल खोले गए है। इस मॉडल के तहत आर्थिक रूप से गरीब बच्चों को बेहतर अंग्रेजी शिक्षा उपलब्ध करवाना है।
- सुपर 40 कार्यक्रम– इस मॉडल के तहत बच्चों को निशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दी जाती है। यह मॉडल रोहतक से चालू हुआ था। यह मॉडल काफी सफल हुआ था।
- उम्मीद काउंसिलिंग– कक्षा 9 से हर बच्चे की काउंसिलिंग अनिवार्य है। इससे बच्चे की मानसिक स्थिति ठीक होती है साथ ही उसकी मानसिक अभिरुचि का पता चलता है।
- कौशल आधारित शिक्षा– हरियाणा सरकार ने कौशल आधारित शिक्षा पर जोर दिया है। वह ऐसे कोर्सेज को बढ़ावा दे रही है जिससे बच्चों को रोजगार प्राप्त हो।
- KG to PG– इसके तहत छोटे बच्चे की कक्षा (kindergarten) से पीजी तक की कक्षा एक ही कैंपस में हो ऐसा प्रयास हरियाणा सरकार कर रही हैं। इससे बच्चों को एक ही कैंपस का अनुभव प्राप्त होगा।
विभिन्न राज्यों में अतिथि अध्यापकों का मानदेय
वैसे तो अतिथि अध्यापक परमानेंट टीचर के जैसे ही पूरा काम करते है लेकिन अतिथि अध्यापकों का मानदेय परमानेंट टीचर के मानदेय से काफी कम रहता है। इसका एक बड़ा कारण परीक्षा भी रहती हैं। जो टीचर परिक्षा पास करके आते है उनका मानदेय शुरू से ही अतिथि अध्यापकों से अधिक रहता है। कई राज्यों में हरियाणा के अतिथि अध्यापकों के मानदेय से भी कम मानदेय दिया जा रहा है। दिल्ली में प्रतिदिन 1000 से 1500 रुपये तक दिए जा रहे है। छूटी पर कोई भी मानदेय नहीं मिलता है। इसी प्रकार मध्यप्रदेश में भी अलग अलग वर्गों में मानदेय निर्धारित है। वर्ग 1 को 18000, वर्ग 2 को 14000 और वर्ग 3 को 10000 दिए जाते है। कई राज्य के अतिथि अध्यापक अपने नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। हरियाणा सरकार ने एक निर्धारित पैमाना लागू किया है जिसके अनुसार कुछ वर्षों की सेवा के बाद अतिथि शिक्षक नियमित हो जाता है। अन्य राज्यों के भी अतिथि अध्यापक इस मॉडल को लागू करवाने के लिए लगातार मांग कर रहे है। अगर हरियाणा मॉडल अन्य राज्यों में भी लागू हो जाता है तो अतिथि अध्यापकों को जीवन यापन में आसानी होगी।







