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करौंदे का पारंपरिक अचार – स्वाद सेहत और साल भर सुरक्षित रखने की संपूर्ण विधि

करौंदे का पारंपरिक अचार - स्वाद सेहत और साल भर सुरक्षित रखने की संपूर्ण विधि
नवजोत कौर सिद्धू
On: मई 18, 2026 11:54 पूर्वाह्न
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करौंदे का अचार भारतीय रसोइयों की एक ऐसी विरासत है जो अपनी तीखी खटास और बेमिसाल कुरकुरेपन के लिए जानी जाती है। करौंदा (Cranberry जैसा दिखने वाला फल) औषधीय गुणों से भरपूर करौंदे का पारंपरिक अचार होता है और गर्मियों  में बाजारों में अपनी रौनक बिखेरता है।

​करौंदे का अचार –  खट्टा-तीखा और कुरकुरा स्वाद

​करौंदा जिसे वैज्ञानिक भाषा में Carissa carandas कहा जाता है एक कांटेदार झाड़ी पर लगने वाला फल है। इसका अचार न केवल भोजन का स्वाद बढ़ाता है बल्कि यह पाचन के लिए भी उत्तम माना जाता है।

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​सामग्री (Ingredients)

​एक किलो करौंदे के अचार के लिए आपको निम्नलिखित सामग्रियों की आवश्यकता होगी

मुख्य सामग्री

  • करौंदे – 1 किलो (ताजे और सख्त)
  • हरी मिर्च –  250 ग्राम (वैकल्पिक, तीखापन बढ़ाने के लिए)
  • सरसों का तेल –  500 मिलीलीटर (शुद्ध कच्ची घानी)

मसाले (खड़े और पिसे हुए)

  • सौंफ –  100 ग्राम (हल्की दरदरी पिसी हुई)
  • पीली सरसों/राई की दाल –  100 ग्राम
  • मेथी दाना –  25 ग्राम
  • कलौंजी (मंगरेल) –  2 बड़े चम्मच
  • हल्दी पाउडर –  3 बड़े चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर –  2 बड़े चम्मच (कश्मीरी मिर्च रंग के लिए भी डाल सकते हैं)
  • हींग –  1 छोटा चम्मच (शुद्ध और तेज खुशबू वाली)
  • नमक – 150-200 ग्राम (स्वाद अनुसार पर अचार में नमक थोड़ा ज्यादा ही रहता है)

​पारंपरिक विधि (Step-by-Step Recipe)

  • ​ तैयारी (Preparation) – सबसे पहले करौंदों को अच्छी तरह धो लें। अब इन्हें एक सूती कपड़े पर फैलाकर पंखे की हवा में या 2 घंटे की हल्की धूप में सुखाएं। ध्यान रहे करौंदों पर नमी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए, वरना अचार जल्दी खराब हो जाएगा।
  • ​काटना (Cutting) – करौंदों को बीच से दो हिस्सों में काट लें। यदि इनके बीज काले या सख्त हो गए हैं, तो उन्हें निकाल दें। अगर बीज कच्चे और सफेद हैं, तो उन्हें रहने दें। हरी मिर्च को भी धोकर, सुखाकर लंबे टुकड़ों में काट लें।
  • ​ मसालों को भूनना – ​एक भारी तले की कड़ाही में मेथी दाना और सौंफ को हल्का सा भून लें (बस नमी निकल जाए)। ठंडा होने पर इन्हें दरदरा पीस लें। ध्यान रहे, मसालों का पाउडर नहीं बनाना है, दरदरापन ही अचार को असली बनावट देता है।
  • ​तेल गरम करना – ​सरसों के तेल को एक कड़ाही में तब तक गरम करें जब तक कि उसमें से धुआं न निकलने लगे। इसके बाद गैस बंद कर दें और तेल को गुनगुना होने तक ठंडा होने दें।

​मिक्सिंग प्रक्रिया 

  • ​एक बड़े बर्तन में कटे हुए करौंदे और मिर्च डालें।
  • ​इसमें हल्दी, नमक, लाल मिर्च, हींग, कलौंजी और तैयार किए हुए दरदरे मसाले (सौंफ, मेथी, सरसों) डालें।
  • ​अब इसमें आधा तेल डालें और अच्छी तरह मिलाएं ताकि हर करौंदे पर मसाले की कोटिंग हो जाए।

​अचार को साल भर सुरक्षित रखने के “प्रो टिप्स” (Preservation Tips)

​अचार बनाना एक कला है, लेकिन उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखना एक विज्ञान। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं

  • कांच या चीनी मिट्टी के बर्तन का प्रयोग –  अचार को हमेशा कांच के जार (Glass Jar) या मर्तबान में ही रखें। प्लास्टिक या स्टील के बर्तनों में अचार के एसिड के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है।
  • तेल का स्तर – यह सबसे महत्वपूर्ण टिप है। अचार डालने के 2-3 दिन बाद जब अचार थोड़ा नीचे बैठ जाए, तो बचा हुआ सरसों का तेल गरम करके ठंडा करें और जार में डाल दें। अचार हमेशा तेल में डूबा रहना चाहिए। तेल एक प्राकृतिक संरक्षक (Preservation layer) का काम करता है जो फफूंद (Mould) को रोकता है।
  • धूप दिखाना – अचार को जार में भरने के बाद 4-5 दिनों तक रोज 3-4 घंटे की धूप दिखाएं। इससे मसालों का स्वाद करौंदों के अंदर तक चला जाता है और नमी पूरी तरह खत्म हो जाती है।
  • नमी से बचाव – अचार निकालने के लिए हमेशा सूखे और साफ चम्मच का प्रयोग करें। जार का ढक्कन हमेशा टाइट बंद रखें।
  • नमक की मात्रा – अचार में नमक की मात्रा सामान्य सब्जी से थोड़ी अधिक होनी चाहिए। नमक केवल स्वाद के लिए नहीं, बल्कि बैक्टीरिया को पनपने से रोकने के लिए भी होता है।

​करौंदे के अचार के स्वास्थ्य लाभ

  • विटामिन C का खजाना –  यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है।
  • आयरन से भरपूर –  एनीमिया की शिकायत वाले लोगों के लिए यह लाभकारी है।
  • पाचन में सहायक –  इसमें मौजूद फाइबर और मसाले पाचन तंत्र को सक्रिय रखते हैं।

​करौंदे का यह पारंपरिक अचार न केवल आपकी थाली की शोभा बढ़ाएगा, बल्कि इसकी चटपटी खटास गर्मियों के आलस को भी दूर कर देगी। यदि आप ऊपर दी गई सावधानियों का पालन करते हैं, तो यह अचार साल भर तक उतना ही ताजा और कुरकुरा बना रहेगा जैसा कि पहले दिन था।

अगली बार जब आप बाजार जाएं और ये छोटे सफ़ेद-गुलाबी फल देखें, तो इन्हें घर लाना न भूलें

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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