कोलकाता।भारतीय फुटबॉल के सबसे बड़े महासंग्राम ‘कोलकाता डर्बी’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इसे देश का सबसे प्रतिष्ठित मुकाबला क्यों कहा जाता है। साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए इंडियन सुपर लीग 2025-26 के इस हाई-वोल्टेज मैच में मोहन बागान सुपर जायंट और ईस्ट बंगाल 1-1 से बराबरी पर रहे। पूरे 85 मिनट तक गोल के लिए तरस रहे इस मैच का असली रोमांच आखिरी पलों में देखने को मिला, जब दोनों टीमों ने बैक-टू-बैक गोल दागकर प्रशंसकों की धड़कनें बढ़ा दीं।
शुरुआती 45 मिनट: डिफेंस की मुस्तैदी और गोल करने की नाकाम कोशिशें
मैच की पहली सीटी बजते ही दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों ने एक-दूसरे के पाले पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। मोहन बागान की टीम ने शुरुआत में आक्रामक रणनीति अपनाई और गेंद को अपने नियंत्रण में रखते हुए ईस्ट बंगाल के हाफ में कई खतरनाक मूव बनाए। लिस्टन कोलाको और अभिषेक सिंह ने विंग्स का इस्तेमाल करते हुए विरोधी घेरे में पैठ बनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ईस्ट बंगाल की रक्षापंक्ति ने अपनी पोजिशनिंग मजबूत रखी और हर एक हमले को बॉक्स के बाहर ही रोक दिया।दूसरी तरफ, ईस्ट बंगाल की टीम सिर्फ बचाव करने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने मोहन बागान के आगे बढ़ने का फायदा उठाया और तेज जवाबी हमले किए। मिगुएल फिगुएरा के पास और पीवी विष्णु की रफ्तार ने मोहन बागान के बैकलाइन को लगातार व्यस्त रखा। शुरुआती आधे घंटे के खेल में दोनों ही टीमों को गोल करने के दो से तीन बेहद साफ मौके मिले, लेकिन कभी स्ट्राइकर्स का शॉट टारगेट से चूक गया तो कभी दोनों छोर पर मौजूद गोलकीपरों ने मुस्तैदी दिखाकर गेंद को नेट में जाने से रोक दिया।पहले हाफ के अंतिम मिनटों में खेल की आक्रामकता और बढ़ गई। मिडफील्ड में गेंद छीनने की होड़ में खिलाड़ियों के बीच कई बार तीखी शारीरिक टक्कर भी देखने को मिली। रेफरी को खेल पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोनों ही क्लबों के खिलाड़ियों ने पूरा जोर लगाया, लेकिन फॉरवर्ड लाइन की कमजोर फिनिशिंग और मजबूत डिफेंसिव स्ट्रक्चर के कारण पहला हाफ बिना किसी गोल के 0-0 की बराबरी पर छूटा।
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दूसरे हाफ का रोमांच और एडमंड का धमाका
दूसरे हाफ में खेल की रफ्तार और तेज हो गई। मोहन बागान ने मिडफील्ड पर कब्जा जमाकर लगातार हमले बोले। एक समय लग रहा था कि मोहन बागान की टीम जल्द ही बढ़त बना लेगी, लेकिन ईस्ट बंगाल के गोलकीपर प्रभसुखन गिल दीवार बनकर खड़े हो गए और कुछ बेहतरीन बचाव किए। जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ रही थीं, स्टेडियम में दर्शकों की बेचैनी साफ महसूस की जा सकती थी।आखिरकार 85वें मिनट में मैच का गतिरोध टूट गया। ईस्ट बंगाल के मिगुएल फिगुएरा ने मोहन बागान के डिफेंस को छकाते हुए एक सटीक पास निकाला, जिस पर एडमंड लालरिंडिका ने बिना कोई गलती किए गेंद को नेट में डाल दिया। गोल होते ही ईस्ट बंगाल के फैंस जश्न में डूब गए और ऐसा लगा कि मैच पूरी तरह उनके पाले में जा चुका है। मोहन बागान के खेमे में सन्नाटा पसर गया था।
कमिंग्स ने लगाई मोहन बागान की नैया पार
ईस्ट बंगाल की यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी और चार मिनट बाद ही मैच का पासा पलट गया। 89वें मिनट में मोहन बागान को एक कॉर्नर मिला। लिस्टन कोलासो के सटीक क्रॉस पर जेसन कमिंग्स ने हवा में उछलकर एक कड़क हेडर लगाया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। अब झूमने की बारी मोहन बागान के समर्थकों की थी। स्टेडियम का माहौल पूरी तरह बदल चुका था।इसके बाद इंजरी टाइम में भी दोनों टीमों ने विजयी गोल के लिए पूरा जोर लगाया। खिलाड़ियों ने अंतिम सेकंड तक संघर्ष किया, लेकिन रेफरी की अंतिम सीटी बजने तक स्कोरलाइन नहीं बदली। दोनों ही टीमों को इस कड़े मुकाबले से एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा, जिसने दर्शकों को फुटबॉल का असली रोमांच दिया।
कोचों की प्रतिक्रिया
मैच के बाद मोहन बागान के कोच सर्जियो लोबेरा ने अपने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि आखिरी मिनट तक हार न मानने का जज्बा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि एक गोल से पिछड़ने के बाद भी टीम ने जिस तरह से वापसी की, वह खिलाड़ियों की मानसिक मजबूती को दर्शाता है।वहीं, ईस्ट बंगाल के कोच ऑस्कर ब्रूजोन थोड़े निराश दिखे। उन्होंने माना कि दबाव के बीच टीम ने बेहतरीन फुटबॉल खेली, लेकिन खेल के अंतिम मिनटों में गोल खाना हमेशा दर्दनाक होता है। उन्हें अपने खिलाड़ियों की मेहनत पर पूरा गर्व है और टीम अगले मैच में मजबूत वापसी करेगी।

खिताबी दौड़ हुई और भी पेचीदा
इस ड्रा के बाद अंक तालिका के समीकरण और ज्यादा उलझ गए हैं। इस नतीजे ने साबित कर दिया है कि इस सीजन में ट्रॉफी उठाना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होने वाला है। दोनों टीमों को भले ही एक-एक अंक मिला हो, लेकिन इससे विजेता की रेस और खुली हो गई है। अब आने वाले मुकाबलों में दोनों ही क्लबों पर जीत दर्ज करने का भारी दबाव होगा, जिसने इस सीजन की खिताबी रेस को फुटबॉल प्रेमियों के लिए बेहद रोमांचक बना दिया है।







