इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के मौजूदा सीजन में खिताब की दावेदारी अब एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गई है। मंगलवार की शाम कोलकाता के प्रतिष्ठित सॉल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए एक महत्वपूर्ण मुकाबले में इंटर काशी ने बड़ा उलटफेर करते हुए लीग की दिग्गज टीम मोहन बागान सुपर जायंट को गोलरहित ड्रॉ पर रोक दिया। इस मैच से पहले मोहन बागान को जीत का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन इंटर काशी के खिलाड़ियों ने मैदान पर जिस तरह का जुझारू प्रदर्शन किया, उसने न केवल बागान के समर्थकों को निराश किया बल्कि अंक तालिका में भी खलबली मचा दी है।
मैदान पर मोहन बागान का दबदबा पर फिनिशिंग में चूके
मैच की शुरुआत से ही मोहन बागान ने आक्रामक तेवर अपनाए। घरेलू मैदान और हजारों समर्थकों की मौजूदगी में टीम ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। कोच की रणनीति साफ थी कि शुरुआत में ही गोल दागकर इंटर काशी पर दबाव बनाया जाए। दिमित्री पेट्राटोस और जेमी मैकलारेन जैसे दिग्गज फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने पहले हाफ में कई बार इंटर काशी के गोल पोस्ट पर हमले किए। मिडफील्ड से भी गेंद की सप्लाई लगातार बनी रही, लेकिन विपक्षी टीम की मुस्तैद रक्षा पंक्ति ने हर बार खतरे को टालने में सफलता हासिल की।पहले हाफ के खेल के दौरान एक समय ऐसा आया जब लगा कि मोहन बागान का खाता खुल जाएगा। एक शानदार तालमेल के बाद गेंद विपक्षी पेनल्टी बॉक्स में पहुँची, लेकिन फिनिशिंग के वक्त खिलाड़ी चूक गए और गेंद गोल पोस्ट के काफी करीब से निकल गई। इस तरह के कई सुनहरे मौके मेजबान टीम ने गंवाए। दर्शकों को उम्मीद थी कि दूसरे हाफ में टीम अपनी गलतियों को सुधारेगी, लेकिन वहां भी कहानी कमोवेश वैसी ही रही।
read more :
- इंडियन सुपर लीग 2025-26 टॉप टीमों के बीच कांटे की जंग
- इंडियन सुपर लीग 2025-26 आत्मघाती गोल बना चेन्नईयन एफसी की हार का कारण
इंटर काशी की रक्षात्मक दीवार और अटूट अनुशासन
इंटर काशी की टीम ने इस मैच में बहुत ही सधे हुए अंदाज में फुटबॉल खेला। इंटर काशी के खिलाड़ियों ने पूरे 90 मिनट तक अटूट अनुशासन दिखाया। उन्होंने मोहन बागान के खिलाड़ियों को खुलकर खेलने के लिए मैदान पर जगह ही नहीं दी। खासकर टीम के डिफेंस और गोलकीपर के बीच जो तालमेल दिखा, वह काबिले तारीफ था। कई मौकों पर गोलकीपर ने अद्भुत बचाव किए, जिसने मोहन बागान के स्ट्राइकर्स को मानसिक रूप से भी कमजोर कर दिया।इंटर काशी को हालांकि आक्रमण करने के बहुत कम मौके मिले, लेकिन जब भी उनके पास गेंद आई, उन्होंने जवाबी हमलों के जरिए मोहन बागान के डिफेंडरों को व्यस्त रखा। यह मैच इंटर काशी के लिए किसी बड़ी जीत से कम नहीं है क्योंकि उन्होंने मोहन बागान जैसी टीम को उसके घर में शून्य पर रोक दिया।
अंक तालिका का समीकरण और बढ़ता तनाव
इस ड्रॉ का सबसे बड़ा असर अंक तालिका के ऊपरी हिस्से पर पड़ा है। मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के बीच अब अंकों की बराबरी हो गई है। हालांकि, बेहतर गोल अंतर होने के कारण ईस्ट बंगाल अभी भी पहले पायदान पर बनी हुई है। मोहन बागान के पास इस मैच को जीतकर अकेले शीर्ष पर जाने का मौका था, जिसे उन्होंने गंवा दिया। इसके साथ ही जमशेदपुर एफसी और बेंगलुरु एफसी जैसी टीमें भी अब खिताब की रेस में मजबूती से खड़ी हैं। अंकों का अंतर इतना कम है कि अब आने वाला हर मुकाबला नॉकआउट जैसा महसूस होने लगा है।फुटबॉल के जानकारों का कहना है कि इस साल आईएसएल का विजेता कौन होगा, इसका फैसला शायद लीग के आखिरी दिन ही हो पाएगा। शीर्ष की चार टीमों के बीच जिस तरह की कांटे की टक्कर चल रही है, उसे देखते हुए कोई भी गलती अब बर्दाश्त नहीं की जा सकती। इंटर काशी द्वारा मोहन बागान को रोकने के बाद अब दूसरी छोटी टीमों का भी हौसला बढ़ा है, जो आने वाले समय में बड़ी टीमों का खेल बिगाड़ सकती हैं।

अब महा-मुकाबले यानी कोलकाता डर्बी पर टिकी हैं निगाहें
इस नाटकीय मोड़ के बाद अब पूरी दुनिया के फुटबॉल प्रेमियों की नजरें आगामी कोलकाता डर्बी पर टिक गई हैं। मोहन बागान का अगला बड़ा इम्तिहान ईस्ट बंगाल के खिलाफ होना है। यह मैच न केवल प्रतिष्ठा की लड़ाई होगा, बल्कि इस सीजन के चैंपियन का फैसला करने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। चूंकि दोनों टीमें अंकों के मामले में एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं, इसलिए डर्बी का रोमांच इस बार दोगुना होने वाला है।विशेषज्ञों का मानना है कि मोहन बागान को अपने फिनिशिंग डिपार्टमेंट पर कड़ी मेहनत करनी होगी। टीम मौके तो बना रही है लेकिन गोल करने के मामले में उनके पैर डगमगा रहे हैं। अगर डर्बी में भी यही हाल रहा, तो खिताब का सपना टूट सकता है। वहीं, ईस्ट बंगाल की टीम इस स्थिति का पूरा फायदा उठाना चाहेगी। कुल मिलाकर, आईएसएल 2025-26 अब अपने उस पड़ाव पर है जहाँ हर सेकंड रोमांच और उत्साह से भरा होने वाला है। मैदान पर खिलाड़ियों के पसीने और प्रशंसकों की दुआओं के बीच अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय फुटबॉल का यह ताज किसके सिर सजता है।







