मुंबई: इंडियन सुपर लीग (ISL) 2025-26 के एक बेहद रोमांचक मैच में ईस्ट बंगाल एफसी ने मुंबई सिटी एफसी को उसी के मैदान पर 2-1 से मात दे दी। अंधेरी स्थित मुंबई फुटबॉल एरीना में खेले गए इस मुकाबले में पहले हाफ तक मुंबई की टीम हावी थी, लेकिन दूसरे हाफ में ईस्ट बंगाल ने जबरदस्त खेल दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
अपने घरेलू मैदान पर खेल रही मुंबई सिटी ने मैच की शुरुआत में बढ़त जरूर बना ली थी, लेकिन ईस्ट बंगाल ने हार नहीं मानी और दूसरे हाफ में जबरदस्त वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत सिर्फ तीन अंकों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने ईस्ट बंगाल के बढ़ते आत्मविश्वास, मजबूत टीम भावना और खिताब की दौड़ में उसकी गंभीर दावेदारी को भी और पुख्ता कर दिया।
पहला हाफ मुंबई का दबदबा
मैच की शुरुआत काफी तेज रही। सीटी बजते ही मुंबई सिटी एफसी ने अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली अपनाई। मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण रखते हुए मुंबई के खिलाड़ियों ने ईस्ट बंगाल की रक्षापंक्ति को लगातार व्यस्त रखा। मैच के महज 8वें मिनट में ही स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया, जब मुंबई के स्टार मिडफील्डर ब्रैंडन फर्नांडिस ने अपनी जादुई चमक दिखाई।
ब्रैंडन ने करीब 25 गज की दूरी से गेंद को रिसीव किया और विपक्षी डिफेंडर्स को मौका दिए बिना एक करारा शॉट लगाया। गेंद सीधे गोल पोस्ट के ऊपरी कोने में जा धंसी। ईस्ट बंगाल के गोलकीपर ने डाइव तो लगाई, लेकिन ब्रैंडन के शॉट में इतनी ताकत और सटीकता थी कि वह केवल दर्शक बनकर रह गए। इस शुरुआती गोल ने मुंबई को 1-0 की बढ़त दिला दी।मैच का पहला हाफ इसी स्कोर पर समाप्त हुआ।
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दूसरा हाफ बंगाल की वापसी
ईस्ट बंगाल ने हाफ टाइम के बाद अपनी रणनीति बदली और टीम ने अपनी रक्षात्मक मानसिकता को छोड़कर ‘अटैकिंग’ मोड अपनाया। विंग्स से लगातार हमले शुरू हुए और मुंबई के डिफेंडर्स जो अब तक शांत थे, दबाव में आने लगे।मैच के 58वें मिनट में ईस्ट बंगाल को वह मौका मिला जिसकी उन्हें तलाश थी। एक काउंटर अटैक के दौरान मुंबई के डी-एरिया के भीतर फाउल हुआ और रेफरी ने बिना किसी संदेह के पेनल्टी का इशारा किया। दबाव काफी था, लेकिन स्ट्राइकर युसूफ एल एज़ेज्जारी ने पूरी शांति के साथ गेंद को संभाला। उन्होंने गोलकीपर को छकाते हुए गेंद को जाल में उलझा दिया और स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। इस गोल ने मैच की पूरी तस्वीर बदल दी।
नंदकुमार का निर्णायक गोल
जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां आगे बढ़ रही थीं, मैच का तनाव बढ़ता जा रहा था। मुंबई बराबरी के बाद फिर से बढ़त बनाने के लिए छटपटा रही थी, वहीं ईस्ट बंगाल अब जीत की खुशबू सूंघ चुकी थी। मैच के अंतिम 10 मिनटों में दोनों टीमों ने कई बदलाव किए।मैच के 86वें मिनट में नंदकुमार सेकार, जो पूरे मैच में अपनी रफ्तार से मुंबई को परेशान कर रहे थे, ने दाईं ओर से एक बेहतरीन दौड़ लगाई। उन्होंने दो डिफेंडर्स को अपनी ड्रिब्लिंग से मात दी और एक बेहद कठिन कोण से गोल दाग दिया। 2-1 की बढ़त लेने के बाद ईस्ट बंगाल ने बाकी का समय चतुराई से निकाला और मुंबई को वापसी का कोई मौका नहीं दिया ।
अंक तालिका पर असर
इस जीत के साथ ईस्ट बंगाल के पास अब महत्वपूर्ण अंक हो गए हैं और वे शीर्ष चार की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं। पिछले कुछ मैचों में टीम का प्रदर्शन औसत रहा था, लेकिन इस वापसी ने खिलाड़ियों का मनोबल काफी बढ़ा दिया है। दूसरी ओर, मुंबई सिटी एफसी के लिए यह हार एक बड़ा झटका है। अपने ही घर में अंक गंवाना उन्हें टूर्नामेंट के अंत में भारी पड़ सकता है।

विशेषज्ञों की राय: कहां हुई चूक?
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई सिटी ने पहले हाफ में बढ़त मिलने के बाद खेल को बहुत हल्का ले लिया था। उन्होंने अपने मौकों को गोल में बदलने में देरी की। फुटबॉल में एक गोल की बढ़त कभी भी सुरक्षित नहीं मानी जाती, और ईस्ट बंगाल ने इसी का फायदा उठाया। ईस्ट बंगाल की शारीरिक फिटनेस और अंत तक लड़ने की क्षमता ने इस मैच में अंतर पैदा किया।
कुल मिलाकर यह मुकाबला सिर्फ खिलाड़ियों के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग रणनीतियों के बीच भी था। जहां मुंबई अपनी कलात्मकता पर भरोसा कर रही थी, वहीं ईस्ट बंगाल ने अपनी ताकत और धैर्य का परिचय दिया। फुटबॉल प्रेमियों के लिए यह मैच एक बार फिर यह साबित कर गया कि जब तक आखिरी सीटी न बज जाए, तब तक कुछ भी मुमकिन है। ईस्ट बंगाल के लिए यह जीत एक नए सवेरे जैसी है, जबकि मुंबई को अपनी गलतियों से सबक लेकर अगले मैच में उतरना होगा।
ईस्ट बंगाल के नायक नंदकुमार सेकार ने मैच के बाद कहा, “यह जीत पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। हम जानते थे कि मुंबई एक मजबूत टीम है, लेकिन हमने कभी हार नहीं मानी। यह गोल मेरे लिए खास है, लेकिन तीन अंक सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।”







