नई दिल्ली: इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) 2025-26 में बुधवार को खेले गए एक बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में पंजाब एफसी ने चेन्नईयन एफसी को 1-0 से हराकर महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए। मैच का फैसला अंत के क्षणों में हुए आत्मघाती गोल से हुआ, जिसने पूरे मुकाबले की तस्वीर बदल दी। पंजाब की टीम ने लगातार आक्रामक खेल दिखाया, जबकि चेन्नईयन ने लंबे समय तक मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर मुकाबला बराबरी पर बनाए रखा, लेकिन आखिरकार 84वें मिनट में किस्मत ने उसका साथ छोड़ दिया।
मैदान पर शुरुआती घमासान: पंजाब का दबदबा
मैच की शुरुआत से ही पंजाब एफसी ने अपने घरेलू दर्शकों के भारी समर्थन का फायदा उठाते हुए आक्रामक रुख अपनाया। पंजाब के कोच ने एक स्पष्ट रणनीति के साथ टीम उतारी थी—शुरुआती 15 मिनटों में गोल दागकर विपक्षी टीम पर मानसिक दबाव बनाना। पंजाब के फॉरवर्ड्स ने पहले ही मिनट से चेन्नई की रक्षापंक्ति (डिफेंस) की कड़ी परीक्षा लेनी शुरू कर दी।मैच का सबसे रोमांचक पल 11वें मिनट में आया, जब पंजाब के स्ट्राइकर ने एक शानदार तालमेल दिखाते हुए चेन्नई के गोलकीपर मोहम्मद नवाज को छकाकर गेंद गोल पोस्ट की ओर धकेल दी। पूरा स्टेडियम ‘गोल-गोल’ के शोर से गूंजने ही वाला था कि तभी चेन्नई के अनुभवी डिफेंडर प्रीतम कोटल संकटमोचक बनकर सामने आए। कोटल ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए गोल लाइन के बिल्कुल करीब से गेंद को बाहर क्लियर किया। यह बचाव इतना सटीक था कि इसने मैच की दिशा बदल दी और चेन्नई को शुरुआती झटके से उबार लिया।
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मोहम्मद नवाज की जांबाजी और मिडफील्ड का संघर्ष
पहले हाफ में गेंद पर नियंत्रण के मामले में पंजाब एफसी काफी आगे रही। एनसुंगुसी एफियोंग और बेडे ओसुजी की जोड़ी ने चेन्नई के डिफेंस में कई बार दरारें पैदा कीं। हालांकि, चेन्नईयन एफसी के गोलकीपर मोहम्मद नवाज आज एक अलग ही आत्मविश्वास में नजर आ रहे थे। उन्होंने पंजाब के स्ट्राइकर्स द्वारा लगाए गए कम से कम तीन ‘ऑन टारगेट’ शॉट को बेहद चतुराई से रोका। नवाज की मुस्तैदी की बदौलत ही चेन्नई की टीम मैच में बनी रही।दूसरी तरफ, चेन्नईयन एफसी ने काउंटर-अटैक के जरिए पंजाब को डराने की कोशिश की। फरुख चौधरी और डेनियल चिमा चुक्वू ने कुछ बेहतरीन मूव्स बनाए, लेकिन पंजाब की मजबूत रक्षापंक्ति और उनके मुस्तैद डिफेंडरों ने उन्हें ‘बॉक्स’ के अंदर ज्यादा आजादी नहीं दी। मिडफील्ड में दानी रामिरेज ने पंजाब के लिए इंजन का काम किया, जो न केवल रक्षा में मदद कर रहे थे बल्कि हमलों की योजना भी बना रहे थे।
दानी रामिरेज: पंजाब की जीत के सूत्रधार
अगर इस मैच के तकनीकी नायक की बात की जाए, तो वह निर्विवाद रूप से पंजाब के मिडफील्डर दानी रामिरेज थे। उन्होंने पूरे 90 मिनट तक मैदान के हर हिस्से में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। रामिरेज ने जिस तरह से खेल की गति को नियंत्रित किया और चेन्नई के हमलों को बीच में ही काटा, वह काबिलेवी तारीफ था। उनकी खेल की समझ और सटीक पासिंग ने पंजाब को लगातार बढ़त बनाए रखने में मदद की। उनके इसी शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें अंत में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ के खिताब से नवाजा गया।
84वां मिनट: वह पल जिसने तोड़ा चेन्नई का दिल
मैच जैसे-जैसे अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा था, मैदान पर तनाव साफ महसूस किया जा सकता था। 80 मिनट का खेल बीत चुका था और स्कोरबोर्ड अभी भी 0-0 की बराबरी दिखा रहा था। लेकिन 84वें मिनट में पंजाब एफसी को एक कॉर्नर मिला। गेंद को बेहद तेज गति के साथ बॉक्स के बीचों-बीच क्रॉस किया गया। वहां खिलाड़ियों के बीच गेंद पर कब्जा करने की जबरदस्त होड़ मची थी। इसी अफरा-तफरी के बीच गेंद चेन्नईयन एफसी के मिडफील्डर लालरिनलियाना ह्नामते के शरीर से टकराई और दुर्भाग्यवश सीधे अपने ही नेट में जा घुसी।

इंजरी टाइम का रोमांच
गोल खाने के बाद चेन्नई ने बराबरी हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इंजरी टाइम के दौरान चेन्नई के खिलाड़ी पागलों की तरह पंजाब के बॉक्स पर हमले कर रहे थे। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई थी कि अंतिम कॉर्नर के दौरान चेन्नई के गोलकीपर मोहम्मद नवाज भी गोल करने की उम्मीद में पंजाब के बॉक्स तक चले आए थे। हालांकि, पंजाब के डिफेंस ने कोई और गलती नहीं की और अंतिम सीटी बजने तक अपनी 1-0 की बढ़त को बरकरार रखा।
आगे की चुनौती
इस जीत ने पंजाब एफसी को अंक तालिका में एक बड़ी मजबूती दी है। अब वे प्लेऑफ की दौड़ में एक प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे हैं। कोच के लिए यह राहत की बात है कि टीम ने अंतिम समय तक दबाव बनाए रखा, जिसका परिणाम उन्हें अंक के रूप में मिला।वहीं, चेन्नईयन एफसी के लिए यह हार किसी गहरे जख्म की तरह है। टीम ने पूरे मैच में अनुशासित फुटबॉल खेली, डिफेंस में जान लगाई और मौके भी बनाए, लेकिन एक छोटी सी मानवीय चूक और किस्मत की बेरुखी ने उनसे मैच छीन लिया। चेन्नई को अब अपने अगले मैचों में न केवल अपनी फिनिशिंग पर काम करना होगा, बल्कि इस मानसिक हार से उबरकर वापसी करनी होगी।







