रूस की राजधानी मॉस्को में यूक्रेन द्वारा एक बार फिर एक बड़ा ड्रोन हमला किया गया है। यह ड्रोन हमले रूस की राजधानी मॉस्को और उसके आस पास के क्षेत्रों में किए गए है। इस ड्रोन हमले से 1 भारतीय की मौत और 3 के घायल होने की खबरें आ रही हैं। रूस में स्थित भारतीय दूतावास इस घटना पर लगातार अपनी नजर बनाए हुआ है। भारतीय दूतावास के एक अधिकारी ने कहा कि भारतीय दूतावास ने घटनास्थल का दौरा किया व अस्पताल में घायलों से मिलकर उनकी स्थिति को जाना।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने यूक्रेन के द्वारा पिछले 24 घंटे के अंदर दागे गए लगभग 1000 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर हवा में ही मार गिराया। कुछ ड्रोन रिहायशी इलाके में आ कर गिरे जिससे काफी लोग घायल हो गए। घायल होने वालों में से 3 भारतीय थे और मरने वालों में 1 भारतीय शख्स था। भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी भारत के विदेश विभाग को दे दी है।
जानिए हमले के पीछे की वजह
रूस और यूक्रेन कई वर्षों से युद्ध संघर्ष के दौर से गुजर रहे है। कभी रूस यूक्रेन पर बमबारी करता है तो कभी यूक्रेन रूस पर। यह युद्ध इसलिए भी हो रहा है क्योंकि यूक्रेन रूस के प्रभाव से हटकर यूरोपीय संघ में जुड़ना चाहता है। रूस ऐसा नहीं चाहता वह चाहता है कि यूक्रेन उसके अधीन रहे। वह अनौपचारिक रूप से यूक्रेन पर शासन कर सके। रूस यूक्रेन का युद्ध कब खत्म होगा इसके बारे में कुछ कहा नहीं सकता।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी युद्ध जारी रखने की चेतावनी रूस को दे चुके है। वही रूस के राष्ट्रपति ब्लामीदिर पुतिन अपनी सैन्य शक्ति का हवाला देते हुए यूक्रेन को झुकने को मजबूर कर रहे है। कुछ दिनों पहले रूस ने यूक्रेन पर हवाई हमला किया था जिससे काफी लोगों की मौत हुई थी। यूक्रेन का दावा था कि यह हवाई हमला यूक्रेन के रिहायशी इलाकों को टारगेट कर किया गया है। उसी का बदला लेते हुए यूक्रेन ने देर रात रूस पर 1000 से ज्यादा ड्रोन की बमबारी की। कुछ ड्रोन को हवा में ही रूस ने मार गिराया और जिनको वह नहीं मार पाया वह रिहायशी इलाके में जा कर गिरे जहां कुछ लोगों की मौत व घायल होने की खबर है।
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रूस – यूक्रेन युद्ध का कारण
सोवियत संघ रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 से लगातार जारी है। दोनों देश झुकने को तैयार नहीं है। दोनों देश यह कहते आ रहे है कि युद्ध का निशाना रिहायशी इलाके नहीं लेकिन दोनों देश के बम रिहायशी इलाकों में जाकर ही गिरते है। यूक्रेन रूस के प्रभाव को कम करते हुए NATO देशों की सूची में सम्मिलित होना चाहता है लेकिन रूस ऐसा नहीं चाहता है। वह यूक्रेन पर अपना भू राजनीतिक प्रभाव बरकरार रखना चाहता है। आइए जानते है रूस यूक्रेन के युद्ध के अहम कारण –
- NATO का विस्तार – यूक्रेन अपने विकास के लिए NATO में शामिल होना चाहता है। रूस ऐसा नहीं चाहता है। वह यूक्रेन के NATO देशों में शामिल होने के पीच अपने सैन्य सुरक्षा को खतरे में बता रहा है।
- सोवियत संघ की विरासत – रूस के राष्ट्रपति पुतिन यह हमेशा से कहते आ रहे है कि यूक्रेन रूस के प्रभाव क्षेत्र में ही रहेगा। इतिहास गवाह है कि हमेशा से यूक्रेन रूस के प्रभाव में ही रहा है। यह सांस्कृतिक विरासत है इसे न चाहते हुए कोई भी बदल नहीं सकता।
- क्रीमिया का विलय – वर्ष 2014 में यूक्रेन में रूस विचारधारा समर्थक राष्ट्रपति को हटाए जाने पर दोनों देशों के बीच और विवाद बढ़ गया था। विवाद के बाद रूस ने क्रीमिया पर कब्जा कर लिया था।
- भाषाई मतभेद – जहां यूक्रेन पश्चिमी यूरोप का हिस्सा है तो वही रूस का एक बड़ा हिस्सा पूर्वी यूरोप में आता है। दोनों देशों में भाषाई मतभेद के कारण भी विवाद होते आया है। पश्चिमी यूरोप में रुसी भाषा की अधिक आबादी है और इन्हीं लोगों पर अपना हक जमाते हुए रूस हस्तक्षेप करते आया है।
दोनों देशों के बीच का निष्कर्ष
अगर दोनों देश विश्व युद्ध से बचना चाहते है तो दोनों देशों को शांति वार्ता करनी होगी। एक तरफ ईरान और अमेरिका विश्व युद्ध की आग में झुलस रहे है तो वही दूसरी ओर भारत और पाकिस्तान आतंकवाद के मुद्दे पर लगातार एक दुसरे के सामने खड़े मिलते है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन का प्रभाव पूरी दुनिया में हैं। अगर वह चाहे तो वह यूक्रेन को शांति वार्ता के लिए आमंत्रित कर सकते है।
यूक्रेन भी शांति वार्ता करना चाहेगा लेकिन अगर रूस ने किसी भी प्रकार की शर्त रखी तो यूक्रेन को लिए शर्त को मानना काफी ज्यादा नुकसान देय होगा क्योंकि यूक्रेन बिना किसी शर्त के ही शांति वार्ता में आना चाहेगा। अगर दोनों देश शांति वार्ता में युद्ध रोकने के कदम में कामयाब हुए तो विश्व के लिए यह एक राहत की खबर होगी।







