दावोस (स्विट्जरलैंड) में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के बीच हुई यह बैठक वैश्विक राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ मानी जा रही है।
ट्रंप-जेलेंस्की बैठक- कहाँ और कब हुई?
यह महत्वपूर्ण बैठक गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को स्विट्जरलैंड के पहाड़ी शहर दावोस में आयोजित की गई। यह बैठक विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) के 56वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के मौके पर एक द्विपक्षीय वार्ता (Bilateral Meeting) के रूप में हुई।
क्यों हुई बैठक- मुख्य उद्देश्य
इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य रूस और यूक्रेन के बीच पिछले चार वर्षों से चले आ रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए एक शांति समझौते (Peace Deal) की रूपरेखा तैयार करना था।
- युद्ध विराम – ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि “लाखों लोग मारे जा रहे हैं” और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
- समझौते की निकटता – बैठक से पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि रूस और यूक्रेन एक समझौते के “काफी करीब” हैं।
- सुरक्षा गारंटी – जेलेंस्की इस बैठक के माध्यम से अमेरिका से भविष्य के लिए सुरक्षा गारंटी और युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना चाहते थे।
बैठक का स्वरूप (किस प्रकार की बैठक थी?)
यह एक बंद कमरे में हुई द्विपक्षीय बैठक (Closed-door Bilateral Meeting) थी, जो लगभग 50 से 60 मिनट तक चली। इसमें दोनों देशों के वरिष्ठ सलाहकार और प्रतिनिधि भी शामिल थे। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने प्रेस से संक्षिप्त बात की, जिसमें उन्होंने बातचीत को “सकारात्मक और रचनात्मक” बताया।
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की यू-टर्न नीति, यूरोप को राहत, टैरिफ की धमकी वापस, ग्रीनलैंड की चाह अब भी कायम
अमेरिका और यूक्रेन के बीच अन्य महत्वपूर्ण चर्चाएँ
बैठक में केवल युद्ध समाप्ति ही नहीं, बल्कि कई अन्य रणनीतिक बिंदुओं पर भी बातचीत हुई:
- हवाई रक्षा प्रणाली (Air Defense) – जेलेंस्की ने यूक्रेन के आसमान को रूसी मिसाइलों और ड्रोनों से बचाने के लिए अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल प्रणालियों और इंटरसेप्टर की मांग की।
- शांति दस्तावेज (Peace Documents) – जेलेंस्की ने खुलासा किया कि युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से तैयार किए गए दस्तावेज “लगभग तैयार” (Nearly Ready) हैं। उन्होंने कहा कि उनकी टीमें रोजाना इस पर काम कर रही हैं।
- रूस पर दबाव – जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि केवल यूक्रेन को ही समझौता नहीं करना चाहिए, बल्कि रूस को भी झुकना होगा। उन्होंने ट्रंप से आग्रह किया कि वे पुतिन पर दबाव बनाए रखें।
- त्रिपक्षीय वार्ता का प्रस्ताव – बैठक के बाद यह घोषणा की गई कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिका-रूस-यूक्रेन के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी ताकि अंतिम समझौते को रूप दिया जा सके।
ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (Board of Peace)
दावोस में ही ट्रंप ने अपने नए “बोर्ड ऑफ पीस” पहल का चार्टर हस्ताक्षरित किया। हालांकि यूक्रेन को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है, लेकिन जेलेंस्की ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन के प्रयासों से दुनिया भर के आठ युद्ध समाप्त होने की कगार पर हैं।
प्रमुख उद्धरण (Quotes)
डोनाल्ड ट्रंप – “पुतिन को मेरा संदेश है कि युद्ध समाप्त होना चाहिए। बहुत सारे लोग मारे जा रहे हैं। हम एक समझौते के बहुत करीब हैं।”
वलोडिमिर जेलेंस्की – “ट्रंप के साथ बातचीत उत्पादक रही। सुरक्षा गारंटी के बिना कोई भी शांति समझौता काम नहीं करेगा और इसके लिए अमेरिका का समर्थन अनिवार्य है।”
यह बैठक दर्शाती है कि 2026 में वैश्विक कूटनीति का केंद्र अब युद्ध के मैदान से हटकर बातचीत की मेज पर आ गया है। हालांकि ट्रंप ने कहा कि “अभी थोड़ा रास्ता बाकी है”, लेकिन जेलेंस्की का यह कहना कि “दस्तावेज तैयार हैं”, इस बात का संकेत है कि आने वाले हफ्तों में एक बड़े शांति समझौते की घोषणा हो सकती है।
स्विट्जरलैंड के दावोस में WEF के वार्षिक सम्मेलन में ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बताया







