सोशल मीडिया चलाने वाले यूजर्स को एक बड़ा झटका लगने वाला है। Meta अब अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सब्सक्रिप्शन बेस्ड करने वाली है। यूजर्स को अब वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम में लेटेस्ट फीचर्स पाने के लिए भुगतान करना पड़ेगा। नॉर्मल वॉट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम चलाने वाले यूजर्स को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं करना होगा। जिन यूजर्स को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स में लेटेस्ट अपडेट चाहिए होंगे वह भुगतान कर के सब्सक्रिप्शन बेस्ड सोशल मीडिया अकाउंट्स को use कर सकते है। इसके लिए Meta ने paid-based सोशल मीडिया को खास कैटिगरी में रखा है, जिसके अनुसार Instagram Plus और Facebook Plus के लिए $3.99 प्रति महीना व साथ ही whatsapp Plus के लिए $2.99 प्रति महीना तक का भुगतान शुल्क यूजर्स को चुकाना होगा। जिन्हें instagram plus, facebook plus और whatsapp plus का सब्सक्रिप्शन नहीं लेना है उनको किसी प्रकार की बाध्यता नहीं होगी।
Ad फ्री और extra फीचर्स
कंपनी की तरफ से यह जानकारी दी जा रही है कि Meta के सब्सक्रिप्शन बेस्ड सोशल मीडिया अकाउंट्स को use करने पर यूजर्स को कई फीचर्स का फायदा मिल पाएगा। आइए जानते है कुछ फीचर्स के बारे में –
- Ad Free – Meta user’s को नए सब्सक्रिप्शन बेस्ड सोशल मीडिया में Ad फ्री का ऑप्शन मिलेगा। इससे ग्राहकों को Ad नहीं दिखेगा।
- Extra security – आज के दौर में लोग बेहतर सुरक्षा के साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को use करना चाहते है। यह तब और खास बन जाता है जब आपका अकाउंट पब्लिक हो।
- Pinned chats – अभी तक वॉट्सएप में किसी तीन चैट्स को ही पिन करने की इजाजत है लेकिन प्लस verson use करके यूजर्स तीन से अधिक चैट्स को भी पिन कर सकते है।
- Custom थीम और रिंगटोन – नए फीचर्स में कस्टम थीम के साथ यूजर्स को नए-नए रिंगटोन भी उपलब्ध होंगे जो वॉट्सऐप Plus version को बेहतर बनाएगा।
- Account verification – अगर यूजर्स paid-based सोशल मीडिया का use करते हैं तो उन्हें बेहतर सुरक्षा उनके अकाउंट को Meta दे पाएगा और ब्लू टिक के लिए अतिरिक्त से पैसा नहीं देना पड़ेगा।
Meta को होगा करोड़ों का फायदा
माना जा रहा है कि Plus version आने के बाद Meta को बहुत फायदा होगा। Meta के पास इससे हजारों करोड़ों की अतिरिक्त कमाई आ सकती है। दुनियाभर में कई अरब यूजर्स मेटा के फैले हुए हैं। अगर दुनिया के 5% यूजर्स इस सब्सक्रिप्शन बेस्ड सोशल मीडिया को ले तो Meta को एक अनुमान के मुताबिक कंपनी को हर महीने अरबों की कमाई हो सकती है। ऐसे में Meta Apple और YouTube को पीछे छोड़ सकता है। वर्तमान दौर के डिजिटलीकरण के युग में सारी चीजें डिजिटल रूप ले रही है ऐसे में Meta का सब्सक्रिप्शन बेस्ड फीचर्स यूजर्स को लुभाएगा तो है ही लेकिन ग्राहकों की जेब खाली कर Meta अपनी जेब भरने की पूरी तैयारी में है। अगर 399 रूपये वाले प्लान को 10 करोड़ लोग खरीदते है तो मेटा को 39,900 करोड़ रुपए की कमाई हर महीने होगी। एक पहलू यह भी है कि Meta free सुविधा को बंद नहीं कर सकता क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो सभी paid version नहीं लेंगे और Meta के ग्राहकों में भारी गिरावट आ जाएगी।
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विज्ञापन पर निर्भरता होगी कम
अभी Meta अपनी मोटी कमाई उसके प्लेटफॉर्म में होने वाले विज्ञापनों के कारण कर पाता है। फेसबुक और इंस्टाग्राम में Meta की कमाई का मुख्य जरिया विज्ञापन ही है। कई बड़े बड़े स्टार इसी प्लेटफॉर्म का use कर अपना विज्ञापन करते है जिससे मेटा को फायदा पहुंचता है। अगर कंपनी paid version को लाने में सफल रही तो कंपनी विज्ञापन पर निर्भर कम रहेगी और उसकी मोटी कमाई विज्ञापन से नहीं बल्कि paid version से होगी। Meta कंपनी में लाखों कर्मचारी काम करते है। उनको वेतन देने के लिए मेटा ज्यादातर विज्ञापन से मिलने वाली राशि से करता है। Meta को अच्छी तरीके से पता है कि अगर वह ग्राहकों को एक्स्ट्रा फीचर्स के नाम पर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा तो यूजर्स भी उसके extra फीचर्स को खरीदेंगे। भारत में ही कई कंटेंट क्रिएटर्स अपनी कमाई इंस्टाग्राम और फेसबुक से करते हैं। कंटेंट क्रिएटर्स को पब्लिसिटी तो मिलती है, साथ में Meta को भी जबरदस्त फायदा मिलता है। आने वाला समय AI का है और Meta Ai features लॉन्च करके इस राह में अपना कदम बढ़ाए जा रहा है।







