16 फरवरी, 2026 से नई दिल्ली का ऐतिहासिक भारत मंडपम एक ऐसे समागम का साक्षी बनने जा रहा है जो न केवल भारत बल्कि वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) परिदृश्य की दिशा तय करेगा। India AI Impact Summit 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक भविष्यगामी विजन है। यह आयोजन भारत के AI for All सभी के लिए एआई के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
पाँच दिनों तक चलने वाले इस शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के नीति निर्माता, तकनीकी दिग्गज, स्टार्टअप संस्थापक, शोधकर्ता और शिक्षाविद एक मंच पर जुटेंगे।
इसका उद्देश्य एआई के नैतिक उपयोग, आर्थिक विकास में इसकी भूमिका और सामाजिक बदलाव की क्षमताओं पर गहन मंथन करना है।
आयोजन की मुख्य विशेषताएं (Highlights)
स्थान – भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली।
अवधि -.16 फरवरी से 20 फरवरी 2026 (5 दिन)
प्रतिभागी – 50+ देशों के प्रतिनिधि, 500+ स्टार्टअप्स, और 200+ वैश्विक वक्ता।
मुख्य विषय – सुरक्षित एआई, कृषि और स्वास्थ्य में नवाचार, और एआई गवर्नेंस।
दैनिक कार्यक्रम और चर्चा के मुख्य विषय
शिखर सम्मेलन के प्रत्येक दिन को एक विशिष्ट थीम के इर्द-गिर्द बुना गया है, ताकि एआई के हर पहलू पर सूक्ष्मता से चर्चा की जा सके
दिन 1 (16 फरवरी) – उद्घाटन और इंडिया एआई विजन
पहले दिन का केंद्र बिंदु भारत की राष्ट्रीय एआई रणनीति होगी।
- प्रमुख सत्र – भारत को वैश्विक एआई हब बनाना।
- चर्चा – कैसे भारत का विशाल डेटासेट और युवा जनसांख्यिकी इसे दुनिया की एआई फैक्ट्री बना सकती है।
- लॉन्च – इस दिन National AI Compute Capacity के विस्तार की घोषणा होने की संभावना है।
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दिन 2 (17 फरवरी) – एआई और अर्थव्यवस्था (Agri-Tech & Industry 4.0)
दूसरा दिन एआई के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर केंद्रित होगा।
- कृषि – एआई-आधारित सटीक खेती (Precision Farming) और फसल पूर्वानुमान।
- विनिर्माण – स्मार्ट फैक्ट्रियों और सप्लाई चेन में एआई का एकीकरण।
- MSME – छोटे उद्योगों को एआई टूल्स के माध्यम से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना।
दिन 3 (18 फरवरी) – सामाजिक प्रभाव (Healthcare & Education)
तीसरे दिन मानव कल्याण के लिए एआई पर ध्यान दिया जाएगा।
- स्वास्थ्य सेवा – कैंसर के शुरुआती निदान और ग्रामीण क्षेत्रों में एआई-संचालित टेलीमेडिसिन।
- शिक्षा – व्यक्तिगत शिक्षण (Personalized Learning) और क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा के लिए एआई अनुवादक।
दिन 4 (19 फरवरी) – नैतिकता, सुरक्षा और गवर्नेंस
एआई के सबसे चुनौतीपूर्ण पहलुओं पर गहन विमर्श।
- Deep Fakes और दुष्प्रचार – एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए तकनीकी और कानूनी ढांचे।
- डेटा गोपनीयता – नागरिकों के डेटा की सुरक्षा और सॉवरेन एआई (Sovereign AI) की अवधारणा।
- एआई एथिक्स – एल्गोरिदम में पूर्वाग्रह (Bias) को कम करना।
दिन 5 (20 फरवरी) – स्टार्टअप इकोसिस्टम और भविष्य की राह
अंतिम दिन युवा उद्यमियों और भविष्य की तकनीकों के नाम होगा।
- पिचिंग सत्र – AI Rising Star प्रतियोगिता, जहाँ टॉप स्टार्टअप्स को फंडिंग के अवसर मिलेंगे।
- क्वांटम एआई – एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग के मेल से आने वाली अगली लहर।
प्रमुख वक्ता और पैनलिस्ट (कौन चर्चा करेगा?)
इस आयोजन में दुनिया की सबसे प्रभावशाली हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है
- सरकारी नेतृत्व – भारत के प्रधानमंत्री, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री, और विभिन्न देशों के डिजिटल अर्थव्यवस्था मंत्री।
- तकनीकी दिग्गज (Global Tech Leaders) – Google, Microsoft, NVIDIA, और OpenAI जैसी कंपनियों के CEO और मुख्य वैज्ञानिक।
- भारतीय यूनिकॉर्न संस्थापक – भारत के शीर्ष एआई स्टार्टअप्स (जैसे Krutrim, Sarvam AI) के संस्थापक।
- शिक्षाविद – IITs, MIT, और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता।
- नीति निर्माता – नीति आयोग के सदस्य और वैश्विक डिजिटल रेगुलेटरी बॉडीज के प्रतिनिधि।
आयोजन में क्या-क्या खास होगा? (Key Activities)
- Global AI Expo – भारत मंडपम में एक विशाल प्रदर्शनी क्षेत्र होगा जहाँ अत्याधुनिक एआई रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस सिस्टम और जेनरेटिव एआई टूल्स का प्रदर्शन किया जाएगा।
- Experience Zones – आम जनता और छात्रों के लिए एआई अनुभव केंद्र जहाँ वे देख सकेंगे कि एआई दैनिक जीवन को कैसे बदल रहा है।
- Hackathons – डेवलपर्स के लिए वास्तविक समय की समस्याओं जैसे यातायात प्रबंधन या प्रदूषण नियंत्रण को सुलझाने के लिए 48 घंटे का नॉन-स्टॉप कोडिंग सत्र।
- B2B नेटवर्किंग – निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच वन-टू-वन मीटिंग्स के लिए समर्पित लाउंज।
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भारत का एआई दशक
India AI Impact Summit 2026 केवल चर्चा का मंच नहीं है, बल्कि यह एक घोषणापत्र है कि भारत भविष्य की तकनीक का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता (Architect) है। भारत मंडपम से निकलने वाले निष्कर्ष आने वाले वर्षों में वैश्विक एआई मानकों और नीतियों को प्रभावित करेंगे।
यह आयोजन इस विश्वास को पुख्ता करता है कि जब तकनीक मानवीय संवेदनाओं और समावेशी विकास से जुड़ती है तो वह वास्तव में एक इम्पैक्ट पैदा करती है।







