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फ्रेंच ओपन 2026- आखिर खत्म हुआ ज्वेरेव का सूखा 5 सेट के महामुकाबले में कोबोली को रौंदकर जीता करियर का पहला ग्रैंड स्लैम

फ्रेंच ओपन 2026- आखिर खत्म हुआ ज्वेरेव का सूखा 5 सेट के महामुकाबले में कोबोली को रौंदकर जीता करियर का पहला ग्रैंड स्लैम
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 8, 2026 12:58 अपराह्न
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पेरिस। जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव का वो बरसों पुराना सपना आखिरकार सच हो गया, जिसके लिए वे सालों से तरस रहे थे। फ्रेंच ओपन 2026 के पुरुष एकल फाइनल में ज्वेरेव ने इटली के युवा सनसनी फ्लावियो कोबोली को पांच सेटों तक चले सांस रोक देने वाले मुकाबले में मात दी और पहली बार रोलां गैरोस की चमचमाती ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमा लिया। पेरिस की लाल मिट्टी पर साढ़े तीन घंटे से ज्यादा चले इस ऐतिहासिक फाइनल में ज्वेरेव ने कोबोली को 6-1, 4-6, 6-4, 6-7, 6-1 से धूल चटाई।29 साल के ज्वेरेव के करियर की यह सबसे बड़ी और यादगार जीत है। दरअसल, इस मुकाबले से पहले तक ज्वेरेव पर ‘बड़े मैचों का चोकर’ होने का ठप्पा लगा हुआ था, क्योंकि वे तीन बार ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचकर भी चूक गए थे। आलोचक अक्सर कहते थे कि ज्वेरेव दबाव में बिखर जाते हैं, लेकिन इस बार पेरिस के मुख्य कोर्ट पर उन्होंने अपनी मानसिक मजबूती और गजब की फिटनेस से उन तमाम आलोचकों का मुंह हमेशा के लिए बंद कर दिया।

पहले सेट में ज्वेरेव का तूफान, कोबोली बेअसर

मैच की शुरुआत देखकर ऐसा लगा मानो ज्वेरेव आज किसी अलग ही मूड में कोर्ट पर उतरे हों। उन्होंने पहले ही गेम से अपनी बुलेट जैसी सर्विस और खतरनाक बेसलाइन शॉट्स से कोबोली को बैकफुट पर धकेल दिया। ज्वेरेव के रिटर्न इतने सटीक थे कि इतालवी खिलाड़ी को कोर्ट पर संभलने तक का मौका नहीं मिला। ज्वेरेव ने इस सेट में एकतरफा दबदबा बनाते हुए कोबोली को सिर्फ एक गेम जीतने दिया और पहला सेट 6-1 से आसानी से अपनी जेब में डाल लिया। स्टैंड्स में बैठे दर्शकों को लगा कि मैच शायद एक-दो घंटे में ही खत्म हो जाएगा।

दूसरे सेट में कोबोली का पलटवार, मैच में लौटा रोमांच

लेकिन कहानी में ट्विस्ट आना अभी बाकी था। दूसरे सेट में इटली के 24 साल के युवा फ्लावियो कोबोली ने अपनी रणनीति बदली। उन्होंने डिफेंसिव खेल छोड़ कड़ा प्रहार करना शुरू किया। कोबोली ने ज्वेरेव को बेसलाइन पर लंबा दौड़ाया और लंबी-लंबी रैलियों में उलझा दिया। इसी चक्कर में ज्वेरेव ने कुछ अनफोर्स्ड एरर्स (गलतियां) कर दिए, जिसका फायदा उठाकर कोबोली ने ज्वेरेव की सर्विस ब्रेक की और दूसरा सेट 6-4 से जीतकर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। यहीं से असली थ्रिलर शुरू हुआ।

तीसरे और चौथे सेट में कांटे की टक्कर

तीसरे सेट में दोनों दिग्गजों के बीच एक-एक पॉइंट के लिए जबरदस्त घमासान देखने को मिला। यहाँ ज्वेरेव ने अपने बरसों के तजुर्बे का इस्तेमाल किया और अहम मौकों पर नसों पर काबू रखते हुए कोबोली की सर्विस तोड़ी और यह सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। अब ज्वेरेव चैंपियनशिप से सिर्फ एक सेट दूर थे।लेकिन अपना पहला ग्रैंड स्लैम फाइनल खेल रहे कोबोली इतनी जल्दी हथियार डालने वाले नहीं थे। चौथे सेट में इस इतालवी खिलाड़ी ने अपनी जान झोंक दी। दोनों के बीच 15 से 20 शॉट्स की लंबी रैलियां हुईं। ज्वेरेव ने कई बार मैच खत्म करने की कोशिश की, पर कोबोली दीवार बनकर अड़ गए। आखिरकार यह सेट टाईब्रेकर में गया, जहाँ कोबोली ने बाजी मारी और 7-6 से सेट जीतकर मैच को पांचवें और निर्णायक सेट में खींच ले गए।

आखिरी सेट में काम आई ज्वेरेव की फिटनेस

जब मुकाबला पांचवें सेट में पहुंचा, तो दोनों खिलाड़ी बुरी तरह थक चुके थे। लेकिन यहाँ ज्वेरेव की गजब की फिटनेस और उनका पुराना अनुभव रंग लाया। उन्होंने निर्णायक सेट की शुरुआत में ही कोबोली की सर्विस ब्रेक की और देखते ही देखते 2-0 की बढ़त बना ली। इस शुरुआती झटके से युवा कोबोली उबर नहीं पाए और थकान उनके खेल पर साफ दिखने लगी। ज्वेरेव ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया और आखिरी सेट 6-1 से जीतकर इतिहास रच दिया। जैसे ही मैच पॉइंट मिला, ज्वेरेव भावुक होकर कोर्ट पर ही लेट गए और उनकी आँखों से आँसू छलक पड़े।

आखिर खत्म हुआ ज्वेरेव का सूखा 5 सेट के महामुकाबले में कोबोली को रौंदकर जीता

तीन पुरानी हार के दर्द पर लगाया मरहम

इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के साथ ही ज्वेरेव के सिर से वो अनचाहा दाग भी धुल गया, जो उन्हें बड़े मैचों में कमजोर साबित करता था। इससे पहले वे 2020 यूएस ओपन, 2024 फ्रेंच ओपन और 2025 ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जाकर खिताबी मुकाबला हार चुके थे। जर्मन टेनिस के लिए भी यह बेहद खास दिन है, क्योंकि एक लंबे अरसे के बाद उनके किसी पुरुष खिलाड़ी ने रोलां गैरोस में एकल खिताब का सूखा खत्म किया है।दूसरी ओर, भले ही फ्लावियो कोबोली फाइनल हार गए हों, लेकिन उन्होंने अपनी फाइटिंग स्पिरिट से पेरिस के दर्शकों का दिल जीत लिया। अपने पहले ही ग्रैंड स्लैम फाइनल में ज्वेरेव जैसी बड़ी तोप को पांचवें सेट तक घसीटना कोई मामूली बात नहीं है। इस प्रदर्शन से कोबोली ने साफ कर दिया है कि वे टेनिस की दुनिया के नए सुपरस्टार बनने की राह पर हैं।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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