कर्नाटक से राज्यसभा चुनाव लड़ रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नामांकन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने चुनावी हलफनामे में कुछ आवश्यक जानकारियों का खुलासा नहीं किया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इसी तरह के आरोपों के चलते रद्द किया जा चुका है।
शिकायत के बाद बढ़ी कांग्रेस की चिंता
कर्नाटक विधानसभा सचिवालय में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल अपने नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए हलफनामे में कुछ अनिवार्य सूचनाएं नहीं दीं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत निर्धारित नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
मामले ने कांग्रेस की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि हाल ही में मध्य प्रदेश में पार्टी को इसी तरह के विवाद का सामना करना पड़ा था।
नामांकन में जानकारी छिपाने का आरोप
यह शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश कल्लाहल्ली की ओर से दर्ज कराई गई है। न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत में कहा गया है कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को अपने हलफनामे में वित्तीय स्थिति, विभिन्न संगठनों में पद, प्रबंधन संबंधी अधिकारों तथा ट्रस्ट एवं अन्य संस्थाओं से जुड़े संबंधों की जानकारी देना अनिवार्य होता है।
सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट से संबंधों का उल्लेख नहीं करने का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल हलफनामे में सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के साथ अपने संबंधों की जानकारी साझा नहीं की। इसी आधार पर उनके नामांकन की जांच की मांग की गई है।
5 जून को दाखिल किया था नामांकन
मल्लिकार्जुन खरगे ने 5 जून को कर्नाटक से राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। उनका वर्तमान और पहला राज्यसभा कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है।
यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है और नामांकन से जुड़ी कोई अनियमितता सामने आती है, तो उनके सामने कानूनी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
मीनाक्षी नटराजन के मामले से जुड़ी चिंता
कांग्रेस के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मध्य प्रदेश में पार्टी उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन जानकारी छिपाने के आरोपों के कारण खारिज हो चुका है।
उनकी उम्मीदवारी रद्द होने के बाद भारतीय जनता पार्टी को फायदा मिला और उसके उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इसी कारण खरगे से जुड़ी शिकायत को भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव
कर्नाटक में राज्यसभा की कुल चार सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस ने तीन उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जिनमें मल्लिकार्जुन खरगे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान शामिल हैं।
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने प्रोफेसर एम नागराजा को उम्मीदवार बनाया है।
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निर्विरोध जीत की संभावना
विधानसभा में दोनों दलों की संख्या को देखते हुए सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस और बीजेपी ने अपने-अपने विधायकों की संख्या के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन किया है।
Conclusion
राज्यसभा चुनाव के बीच मल्लिकार्जुन खरगे के नामांकन को लेकर दर्ज शिकायत ने राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि आरोपों पर अंतिम निर्णय जांच और चुनावी प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा, लेकिन मीनाक्षी नटराजन के मामले के बाद कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सतर्क नजर आ रही है।







