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सराफा  बाजार में हाहाकार- रिकॉर्ड ऊंचाई से औंधे मुंह गिरे सोना-चांदी जानें इस बड़ी गिरावट के मुख्य कारण

सराफा  बाजार में हाहाकार- रिकॉर्ड ऊंचाई से औंधे मुंह गिरे सोना-चांदी जानें इस बड़ी गिरावट के मुख्य कारण
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 20, 2026 1:27 अपराह्न
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भारतीय सराफा  बाजार के इतिहास में पिछला एक हफ्ता बेहद उतार-चढ़ाव भरा और चौंकाने वाला रहा है। लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे सोने और चांदी की कीमतों पर अचानक ब्रेक लग गया और दोनों कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखी गई। पिछले 7 दिनों के भीतर घरेलू बाजार (MCX) और रिटेल बाजार में सोने के भाव में लगभग ₹4,000 से ₹5,000 प्रति 10 ग्राम की बड़ी कमी आई है वहीं चांदी तो पूरी तरह क्रैश होती हुई नजर आई और इसकी कीमतों में करीब ₹10,000 प्रति किलोग्राम तक की भारी गिरावट दर्ज की गई।

​इस अचानक आई गिरावट ने जहां आम खरीदारों और शादियों के सीजन के लिए आभूषण बनवाने वालों को बड़ी राहत दी है वहीं ऊंचे स्तरों पर निवेश करने वाले निवेशकों में थोड़ी चिंता बढ़ा दी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर सोने-चांदी के रथ को किसने रोका और देश के प्रमुख शहरों में अब इनके ताजा भाव क्या हैं।

​कीमतें गिरने के 4 मुख्य वैश्विक और घरेलू कारण

​वैश्विक कमोडिटी बाजार में जब भी कोई बड़ी हलचल होती है उसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ता है। इस बार की ऐतिहासिक गिरावट के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण जिम्मेदार रहे हैं

अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त रुख (Hawkish Fed Policy)

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन द्वारा दिए गए बयानों ने बाजार का रुख पूरी तरह बदल दिया। फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए हैं कि मुद्रास्फीति (महंगाई) को नियंत्रित करने के लिए इस वर्ष ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। जब भी ब्याज दरें बढ़ने की संभावना होती है तो बॉन्ड यील्ड बढ़ जाती है। चूंकि सोने पर कोई निश्चित ब्याज या यील्ड नहीं मिलती इसलिए निवेशक सोने से पैसा निकालकर अमेरिकी बॉन्ड और बैंकों में लगाने लगते हैं, जिससे सोने की मांग घटती है और कीमतें गिरती हैं।

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डॉलर इंडेक्स में जोरदार मजबूती (Stronger US Dollar)

वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की प्राइसिंग अमेरिकी डॉलर में होती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर इंडेक्स तेजी से मजबूत हुआ है। डॉलर के मजबूत होने से अन्य देशों की मुद्राओं (जैसे भारतीय रुपया) के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है जिससे वैश्विक मांग में कमी आती है और कीमतें नीचे खिसक जाती हैं।

भू-राजनीतिक तनाव में कमी (Geopolitical Ease)

पिछले कुछ महीनों से मध्य पूर्व (विशेषकर अमेरिका और ईरान) के बीच चल रहे तनाव के कारण सोने को ‘सेफ हेवन’ (सुरक्षित निवेश) मानकर लोग जमकर खरीदारी कर रहे थे। लेकिन हाल ही में दोनों पक्षों के बीच अंतरिम शांति समझौते या युद्धविराम की सकारात्मक खबरों के चलते वैश्विक तनाव में कमी आई है। जैसे ही युद्ध के बादल छंटे, निवेशकों ने सुरक्षित एसेट से अपना ध्यान हटाकर इक्विटी (शेयर बाजार) जैसे जोखिम भरे लेकिन अधिक रिटर्न देने वाले विकल्पों की तरफ लगा दिया।

भारतीय सराफा बाजार में भूचाल – सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

ऊंचे स्तरों पर भारी मुनाफावसूली (Profit Booking)

सोना और चांदी दोनों ही अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (All-Time High) पर कारोबार कर रहे थे। जानकारों का मानना है कि इतने ऊंचे भाव पर बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) और गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) द्वारा बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग की गई। जब बाजार में अचानक बड़ी मात्रा में सप्लाई आती है तो कीमतों का गिरना तय हो जाता है। इसके अलावा भारत में हालिया इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ोतरी के बाद घरेलू मांग में भी अस्थाई सुस्ती देखी गई है।

सोना-चांदी जानें इस बड़ी गिरावट

​देश के मुख्य शहरों में सोने और चांदी का ताजा भाव (विवरण सहित)

​इस भारी गिरावट के बाद देश के अलग-अलग महानगरों में सोने (24 कैरेट, प्रति 10 ग्राम) और चांदी (प्रति किलोग्राम) की कीमतें कुछ इस प्रकार स्थिर हुई हैं-

शहर24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम)चांदी 999 फाइन (प्रति किलोग्राम)स्थानीय बाजार का हाल
दिल्ली (Delhi)₹1,47,239₹2,32,870दिल्ली के चांदनी चौक और करोल बाग बाजारों में इस गिरावट के बाद खरीदारों की चहल-पहल बढ़ी है।
मुंबई (Mumbai)₹1,47,390₹2,32,870कमोडिटी एक्सचेंज MCX के सबसे नजदीक होने के कारण मुंबई के झवेरी बाजार में भारी वॉल्यूम के साथ ट्रेडिंग देखी गई।
चेन्नई (Chennai)₹1,47,830₹2,33,100दक्षिण भारत के इस प्रमुख केंद्र में सोने की कीमतों में सबसे तीव्र प्रतिक्रिया देखी गई है।
कोलकाता (Kolkata)₹1,47,610₹2,33,950कोलकाता के आभूषण निर्माताओं के अनुसार इस गिरावट से शादियों के लिए बुकिंग में तेजी आने की उम्मीद है।
बेंगलुरु (Bengaluru)₹1,48,000₹2,33,150आईटी हब बेंगलुरु में डिजिटल गोल्ड और फिजिकल गोल्ड दोनों की रिटेल लिफ्टिंग में सुधार देखा जा रहा है।

(नोट- उपर्युक्त कीमतों में स्थानीय वैट, मेकिंग चार्ज और अन्य राज्य स्तरीय कर शामिल नहीं हैं इसलिए आपके नजदीकी सराफा  व्यापारी के भाव में थोड़ा अंतर हो सकता है।)

​इस गिरावट पर बाजार विशेषज्ञों की सलाह

​मार्केट एक्सपर्ट्स और कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि लंबी अवधि की अभूतपूर्व तेजी के बाद इस तरह का करेक्शन (गिरावट) बाजार की सेहत के लिए बेहद जरूरी और सामान्य था। विशेषज्ञों के अनुसार

  • घबराकर न बेचें- जिन निवेशकों ने ऊंचे दामों पर खरीदारी की है उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सोने का दीर्घकालिक आउटलुक (Long-term Outlook) अभी भी मजबूत है।
  • किश्तों में खरीदें (SIP मोड)- नए खरीदारों या निवेशकों के लिए यह गिरावट एक बेहतरीन अवसर है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सारा पैसा एक साथ लगाने के बजाय हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा सोना या चांदी (Buy on Dips) खरीदें।
  • शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग से बचें- वर्तमान में डॉलर इंडेक्स और क्रूड ऑयल की वजह से बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव (Volatility) है इसलिए नए ट्रेडर्स को अभी बड़ी पोजीशन लेने से बचना चाहिए।

​वैश्विक आर्थिक समीकरणों, डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक मोर्चे पर मिली राहत के कारण सोने-चांदी में यह बड़ी गिरावट आई है। यह क्रैश स्थाई नहीं बल्कि एक अस्थाई बाजार करेक्शन है जो निवेशकों को निचले स्तरों पर दोबारा प्रवेश करने का और आम उपभोक्ताओं को सस्ते में खरीदारी करने का एक सुनहरा मौका दे रहा है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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