19 जून 2026 पिछले पांच सत्रों से जारी लगातार तेजी पर आज भारतीय शेयर बाजार में ब्रेक लग गया। आज सुबह घरेलू शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला और दिन के मध्य तक यह बिकवाली और भी ज्यादा गहरी हो गई। दोपहर के सत्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी (Nifty 50) करीब 235 अंक टूटकर 23,930 के स्तर पर आ गया जिससे यह मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया। वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स (Sensex) 850 अंकों से अधिक की भारी गिरावट के साथ 76,555 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।
बाजार की इस अचानक आई गिरावट ने निवेशकों के बीच थोड़ी घबराहट पैदा की है विशेषकर इसलिए क्योंकि पिछले कुछ दिनों से वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों के दम पर बाजार नई ऊंचाइयों को छू रहा था।
गिरावट का मुख्य विलेन- आईटी (IT) सेक्टर में मची भगदड़
दिन के मध्य तक बाजार के इस क्रैश का सबसे बड़ा और मुख्य कारण इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर में हुई चौतरफा और आक्रामक बिकवाली रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स में दिन के दौरान 6.5% से अधिक की भीषण गिरावट दर्ज की गई।
आखिर क्यों टूटा आईटी सेक्टर?
वैश्विक आईटी दिग्गज कंपनी एक्सेंचर (Accenture) द्वारा जारी किए गए कमजोर तिमाही नतीजों और उसके बाद वित्तीय वर्ष 2026 के लिए अपने राजस्व (Revenue Growth Forecast) के अनुमान को घटाकर 3-4% करने के फैसले ने भारतीय आईटी कंपनियों के होश उड़ा दिए। इसके बाद वॉल स्ट्रीट पर भारतीय आईटी कंपनियों के ADR (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट) जैसे इन्फोसिस और विप्रो में 8 से 10 फीसदी तक की भारी गिरावट देखी गई जिसका सीधा असर आज सुबह भारतीय बाजारों के खुलते ही यहां की टेक कंपनियों पर पड़ा। इस खराब आउटलुक ने यह चिंता फिर से बढ़ा दी है कि वैश्विक कंपनियां वर्तमान में आईटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर अपने खर्चों में कटौती कर रही हैं।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा कल के सत्र में की गई लगभग ₹1,025 करोड़ की शुद्ध बिकवाली और पिछले 5 दिनों की लगातार रैली के बाद ऊपरी स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) ने बाजार पर दबाव को दोगुना कर दिया।
दिन के मध्य तक- टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स
बाजार में मंदी के इस माहौल के बीच भी कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली लेकिन बिकवाली का पलड़ा भारी रहा।
टॉप लूजर्स (Top Losers)-
आईटी सेक्टर में आई गिरावट के कारण आज के टॉप लूजर्स में अधिकांश टेक कंपनियां ही शामिल रहीं
- Infosys- लगभग 7.5% से 8% की भारी गिरावट के साथ सबसे बड़ा ड्रैगर रहा।
- Mphasis & Tech Mahindra- दोनों में 6% से अधिक की कमजोरी देखी गई।
- TCS & HCLTech- देश की दिग्गज आईटी कंपनियों में 5.5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
- Wipro- करीब 4% टूटकर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक शांति समझौते की आहट से भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक उछाल
टॉप गेनर्स (Top Gainers)
बाजार के इस गिरावट के दौर में भी कुछ सेक्टर्स जैसे डिफेंस, पावर और चुनिंदा हैवीवेट्स ने बाजार को संभालने की कोशिश की
- Adani Enterprises- करीब 1.02% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा।
- ICICI Bank- बैंकिंग स्पेस में मजबूती दिखाते हुए मामूली बढ़त पर कारोबार कर रहा था।
- NTPC & Power Grid- ऊर्जा क्षेत्र के इन शेयरों में आंशिक खरीदारी देखी गई।
- Sun Pharma- फार्मा सेक्टर में हल्की मजबूती के साथ यह हरे निशान में टिका रहा।
अन्य प्रमुख अपडेट्स
- रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की AGM पर नजर- आज दोपहर 2-00 बजे रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) होने जा रही है। बाजार की नजरें मुकेश अंबानी के भाषण पर टिकी हैं जिसमें जियो (Jio) के आईपीओ की टाइमलाइन, न्यू एनर्जी रोडमैप और एआई (AI) रणनीति को लेकर बड़े ऐलान हो सकते हैं। चूंकि निफ्टी में रिलायंस का वजन काफी ज्यादा है इसलिए दोपहर बाद बाजार की चाल इस पर निर्भर करेगी।
- इंडिया विक्स (India VIX) में उछाल- बाजार में बढ़ती अस्थिरता और डर को दर्शाने वाला सूचकांक ‘India VIX’ आज 5.20% उछलकर 13.33 के स्तर पर पहुंच गया जो निवेशकों में बढ़ती बेचैनी को दिखाता है।
- कच्चा तेल और वैश्विक बाजार- अमेरिका-ईरान शांति समझौते के चलते कच्चे तेल की कीमतें $78-$80 प्रति बैरल के आसपास स्थिर बनी हुई हैं जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात है। हालांकि एशियाई बाजारों जैसे कोस्पी और हैंगसेंग में 2% तक की गिरावट ने भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट को और कमजोर किया।
भारतीय शेयर बाजार में ‘बुल्स’ की जोरदार वापसी-सेंसेक्स 74,500 और निफ्टी 23,300 के पार
बाजार के जानकारों और सलाहकारों की राय
अधिकांश मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि इस गिरावट को पैनिक सेलिंग (डर की बिकवाली) के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। सलाहकारों के अनुसार
- आईटी सेक्टर पर नजर- एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक्सेंचर के कमजोर गाइडेंस से शॉर्ट-टर्म में आईटी शेयरों में दबाव रहेगा लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह अच्छे फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप आईटी शेयरों (जैसे TCS और Infosys) को निचले स्तरों पर धीरे-धीरे जमा करने का एक बेहतरीन मौका (Buy on Dips) हो सकता है।
- तकनीकी स्तर (Technical Levels)- तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के लिए अब 23,800-23,750 का स्तर एक बेहद मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा। जब तक बाजार इसके ऊपर बना हुआ है तब तक लंबी अवधि का बुलिश ट्रेंड बरकरार रहेगा। ऊपरी स्तर पर 24,200 एक कड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है।
आज की गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक आईटी परिदृश्य में आई अस्थिरता और पिछले दिनों की तेजी के बाद स्वाभाविक मुनाफावसूली का परिणाम है। बाजार का बुनियादी ढांचा अभी भी मजबूत बना हुआ है।
नोट- शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। यह जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है।







