भारतीय शेयर बाजार में आज यानी 18 जून 2026 को जबरदस्त उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिल रहा है। सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत तो बढ़त या सपाट स्तरों के साथ हुई थी लेकिन दिन के मध्य (Mid-Day) तक आते-आते बिकवाली (Profit Booking) के भारी दबाव के चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में फिसल गए। निवेशकों के बीच अनिश्चितता और वैश्विक संकेतों के मिले-जुले असर के कारण बाजार में यह गिरावट दर्ज की गई है।
दिन के मध्य तक बाजार का हाल (सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति)
सुबह के सत्र में शुरुआती मजबूती दिखाने के बाद बाजार ऊपरी स्तरों को बनाए रखने में नाकाम रहा।
- बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex)- दिन के मध्य के कारोबार में सेंसेक्स करीब 40-50 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 77,110 के आसपास कारोबार करता हुआ देखा गया।
- एनएसई निफ्टी (NSE Nifty)- निफ्टी 50 इंडेक्स में भी मुनाफावसूली का दौर दिखा और यह गिरावट के साथ 23,055 (तथा इसके तकनीकी दायरे) के आसपास संघर्ष करता नजर आया।
बाजार का यह रुख साफ दर्शाता है कि निवेशक इस समय ऊंचे स्तरों पर जोखिम लेने से बच रहे हैं और ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपना रहे हैं।
बाजार में आई गिरावट के मुख्य कारण
दिन के मध्य तक बाजार के लाल निशान में जाने के पीछे कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) का कड़ा रुख- अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन नए फेड चेयरमैन के बयानों में महंगाई को लेकर चिंता जताई गई है। ब्याज दरों में कटौती की धीमी रफ्तार की आशंका ने वैश्विक बाजारों समेत भारतीय बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया।
- ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking)- पिछले लगातार चार सत्रों से भारतीय शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई की तरफ बढ़ रहा था। ऐसे में ट्रेडर्स ने दिन के मध्य में ऊंचे दामों पर बिकवाली करके अपना मुनाफा सुरक्षित करना बेहतर समझा।
- मानसून की सुस्त रफ्तार- देश के कुछ हिस्सों में मानसून की प्रगति को लेकर आ रही शुरुआती सुस्त खबरों ने भी ग्रामीण मांग से जुड़े सेक्टर्स में थोड़ी चिंता पैदा की है।
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली- एफआईआई द्वारा बाजार से लगातार की जा रही चुनिंदा बिकवाली ने भी घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की खरीदारी के सपोर्ट को थोड़ा कमजोर किया।
वैश्विक शांति समझौते की आहट से भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक उछाल
आज के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स (Top Gainers & Losers)
दिन के मध्य तक के रुझानों के मुताबिक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ कंपनियों ने मजबूती दिखाई तो कुछ में भारी गिरावट देखी गई
टॉप गेनर्स (Top Gainers)-
- Max Health (मैक्स हेल्थ)- स्वास्थ्य क्षेत्र की इस कंपनी में आज सबसे ज्यादा तेजी देखी गई जो करीब 1.46% से अधिक के उछाल के साथ कारोबार कर रही है।
- HDFC Life (एचडीएफसी लाइफ)- बीमा क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी के शेयर में भी 1.30% के आसपास की बढ़त दर्ज की गई।
- SBI Life (एसबीआई लाइफ)- इस शेयर में भी लिवाली का अच्छा दौर देखा गया और यह करीब 1.24% की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है।
- Trent (ट्रेंट) और BEL (बीईएल)- इन दोनों ही कंपनियों के शेयरों में 1% से अधिक की खरीदारी देखने को मिली।
टॉप लूजर्स (Top Losers)-
- Tata Motors PV (टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स)- आज ऑटो सेक्टर के इस बड़े शेयर में भारी गिरावट देखी गई जो करीब 8% तक टूटकर कारोबार कर रहा है।
- Cipla (सिप्ला)- फार्मा सेक्टर की इस कंपनी में करीब 1.67% की मंदी देखी गई।
- Bajaj Finserv (बजाज फिनसर्व)- वित्तीय सेवा प्रदाता इस कंपनी के शेयर में 1.25% की गिरावट आई।
- ONGC (ओएनजीसी)- कच्चे तेल की कीमतों में आ रहे बदलावों के बीच ओएनजीसी का शेयर भी 1.11% के लाल निशान में देखा गया।
भारतीय शेयर बाजार में ‘बुल्स’ की जोरदार वापसी-सेंसेक्स 74,500 और निफ्टी 23,300 के पार
सेक्टोरल प्रदर्शन- कहां हुई बिकवाली और कहां रही खरीदारी?
बाजार के विभिन्न सेक्टर्स (Sectoral Indices) में आज मिला-जुला और अलग-अलग रुझान देखने को मिला
सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टर्स-
दिन के मध्य तक सबसे ज्यादा गिरावट ऑटोमोबाइल (Automobile) और फार्मा (Pharma) सेक्टरों में दर्ज की गई। टाटा मोटर्स में आई एकतरफा गिरावट ने पूरे ऑटो इंडेक्स को नीचे खींचने का काम किया। इसके अलावा आईटी (IT) और फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services) सेक्टर्स में भी ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया।
सबसे ज्यादा खरीदारी वाले सेक्टर्स
गिरावट के इस माहौल में भी हेल्थकेयर (Healthcare/Insurance) और पब्लिक सेक्टर बैंक (PSU Banks) में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। बीमा कंपनियों (जैसे एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ) में आज निवेशकों का भरोसा सबसे मजबूत रहा जिसके कारण इन सेक्टर्स में अच्छी लिवाली (Buying) देखी गई।
18 जून 2026 को भारतीय शेयर बाजार में आया यह उछाल-कूद वैश्विक स्तर पर फेडरल रिजर्व के कड़े बयानों और स्थानीय स्तर पर मुनाफावसूली का सीधा नतीजा है। हालांकि बाजार लाल निशान में गया है लेकिन निफ्टी और सेंसेक्स के प्रमुख सपोर्ट लेवल्स अभी भी बरकरार हैं। निवेशकों को इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए।
नोट- शेयर बाजार में निवेश पूरी तरह से बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या सेक्टर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श अवश्य लें और पूरी रिसर्च के बाद ही कदम उठाएँ।







