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Welcome 3 Review: Akshay Kumar की ‘Welcome To The Jungle’ है फुल टाइमपास कॉमेडी दमदार कैमियो और स्टारकास्ट बनाएगी एंटरटेन

Welcome 3 Review: Akshay Kumar की 'Welcome To The Jungle' है फुल टाइमपास कॉमेडी दमदार कैमियो और स्टारकास्ट बनाएगी एंटरटेन
नवजोत कौर सिद्धू
On: जून 26, 2026 1:52 अपराह्न
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अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म ‘Welcome To The Jungle’ (Welcome 3) आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अहमद खान के निर्देशन में बनी यह फिल्म अपनी विशाल स्टारकास्ट, कॉमिक मोमेंट्स और कैमियो से मनोरंजन करने की कोशिश करती है। हालांकि फिल्म का पूरा मजा तभी आता है, जब इसे बिना ज्यादा लॉजिक तलाशे देखा जाए।

कहानी: फ्लॉप फिल्म बनाने की योजना कैसे बनी असली मुसीबत

फिल्म की कहानी अरबपति कारोबारी काजा (जाकिर हुसैन) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी काली कमाई बचाने के लिए 2000 करोड़ रुपये की एक जानबूझकर फ्लॉप फिल्म बनाने का फैसला करता है।

इस योजना में उसका साथ मैनेजर दुबे (जॉनी लिवर) देता है। वहीं फिल्म बनाने की जिम्मेदारी देव (परेश रावल), दास (राजपाल यादव) और आधे-अंधे कैमरामैन नयनसुख (श्रेयस तलपड़े) को मिलती है।

फिल्म के लिए फ्लॉप अभिनेता राजीव (अक्षय कुमार), येड़ा शेट्टी अन्ना (सुनील शेट्टी), रोमियो भाई (अरशद वारसी) और नादिया (दिशा पाटनी) समेत कई कलाकारों को जोड़ा जाता है।

हालांकि कहानी उस समय पलट जाती है जब इनकम टैक्स की रेड में काजा की पूरी दौलत चली जाती है। इसके बाद वही फिल्म, जिसे फ्लॉप बनाना था, अब किसी भी कीमत पर हिट करवानी पड़ती है। इसी दौरान पूरी टीम की मुलाकात असली आतंकवादी जतारा (जैकी श्रॉफ) से होती है।

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कॉमेडी है फिल्म की सबसे बड़ी ताकत

फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी इसकी विशाल स्टारकास्ट है। कहानी कई जगहों पर पीछे छूट जाती है, लेकिन कॉमिक सिचुएशन दर्शकों को लगातार बांधे रखने की कोशिश करती है।

पहला हाफ अपेक्षाकृत ज्यादा मजबूत नजर आता है, जहां कहानी और विलेन को अच्छी तरह स्थापित किया गया है। अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल, अरशद वारसी, राजपाल यादव और जॉनी लिवर की कॉमिक टाइमिंग कई दृश्यों में खुलकर हंसने पर मजबूर करती है।

Welcome 3 Review

दूसरे हाफ में फिल्म कुछ समय के लिए धीमी पड़ती है, लेकिन क्लाइमेक्स तक पहुंचते-पहुंचते दोबारा मनोरंजक हो जाती है।

VFX कमजोर, लेकिन मनोरंजन बरकरार

फिल्म का सबसे कमजोर पक्ष इसका विजुअल इफेक्ट्स (VFX) नजर आता है। कुछ दृश्य तकनीकी रूप से कमजोर महसूस होते हैं और सस्ते प्रभाव का एहसास कराते हैं।

इसके बावजूद फिल्म एक हल्की-फुल्की फैमिली एंटरटेनर के रूप में खुद को संभाल लेती है और अंत तक मनोरंजन बनाए रखती है।

अहमद खान का निर्देशन कैसा रहा?

निर्देशक अहमद खान के लिए यह फिल्म अहम साबित होती है। 32-34 कलाकारों को एक साथ स्क्रीन पर संतुलित तरीके से पेश करना आसान काम नहीं था, लेकिन उन्होंने लगभग सभी कलाकारों को पर्याप्त स्क्रीन स्पेस देने की कोशिश की है।

करीब 2 घंटे 45 मिनट लंबी फिल्म को उन्होंने व्यवस्थित रखने का प्रयास किया है। हालांकि कुछ जगहों पर निर्देशन और बेहतर हो सकता था। दिवंगत लेखक नीरज वोहरा की मूल कहानी को पर्दे पर प्रभावी ढंग से पेश करने की कोशिश साफ दिखाई देती है।

फिल्म का संगीत हालांकि ज्यादा यादगार असर छोड़ता नजर नहीं आता।

कलाकारों की परफॉर्मेंस

अक्षय कुमार और कॉमिक टीम ने संभाली जिम्मेदारी

अक्षय कुमार अपनी कॉमिक टाइमिंग से फिल्म में जान डालते हैं। उनके साथ परेश रावल, सुनील शेट्टी, अरशद वारसी, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े और जॉनी लिवर की केमिस्ट्री फिल्म का बड़ा आकर्षण बनती है।

कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, तुषार कपूर और जाकिर हुसैन ने भी अपने हिस्से के किरदार को ईमानदारी से निभाया है।

हालांकि फिल्म में सिंगर दलेर मेहंदी का चयन प्रभावशाली नहीं लगता।

रवीना टंडन और बाकी कलाकार

करीब 20 साल बाद रवीना टंडन और अक्षय कुमार एक साथ स्क्रीन पर दिखाई देते हैं। रवीना के हिस्से में फिल्म में अपेक्षाकृत बेहतर भूमिका आती है और उन्होंने अपने किरदार के साथ न्याय किया है।

दिशा पाटनी और जैकलीन फर्नांडिस ग्लैमर का तड़का लगाती हैं। आफताब शिवदसानी और हेमंत पांडे भी अपने रोल में ठीक नजर आते हैं।

फरीदा जलाल और किरण कुमार का काम अलग प्रभाव छोड़ता है। खास तौर पर फरीदा जलाल का किरदार दर्शकों को चौंकाता है।

कैमियो और विलेन

फिल्म में अक्षय कुमार डबल रोल में दिखाई देते हैं। पुनीत इस्सर, पंकज धीर और फिरोज खान की मौजूदगी सीमित समय के लिए है, लेकिन वे अपनी छाप छोड़ते हैं।

जैकी श्रॉफ ने विलेन जतारा के रूप में डर और हास्य का मिश्रण पेश किया है। उनके साथ विंदु दारा सिंह भी अच्छे लगे हैं।

फिल्म में उर्वशी रौतेला और लारा दत्ता के कैमियो भी शामिल हैं, जो अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में सफल रहते हैं।

क्या ‘Welcome 3’ देखनी चाहिए?

अगर आप ऐसी कॉमेडी फिल्म पसंद करते हैं जिसमें लॉजिक से ज्यादा मनोरंजन हो, तो Welcome To The Jungle आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है।

लेकिन यदि आप कहानी की गहराई, मजबूत स्क्रीनप्ले और तर्कसंगत घटनाक्रम की उम्मीद लेकर जाएंगे, तो फिल्म आपको पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाएगी।

Conclusion

Welcome To The Jungle एक ऐसी मल्टीस्टारर कॉमेडी है जिसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट, कॉमिक टाइमिंग और कैमियो हैं। कमजोर VFX और कुछ धीमे हिस्सों के बावजूद फिल्म मनोरंजन करने में काफी हद तक सफल रहती है। बिना ज्यादा दिमाग लगाए देखी जाए तो यह एक फुल टाइमपास फैमिली एंटरटेनर साबित हो सकती है।

Pradeep Pandey

A versatile writer mainly works on politics, business, crime, current affairs and entertainment

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