ट्रम्प ने 2025 के फरवरी में गोल्ड कार्ड नाम से एक नया वीजा प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया था। हालांकि ट्रम्प द्वारा उस वक्त इसकी कीमत 5 मिलियन डॉलर रखी गई थी, जो भारतीय रुपए मे 42 करोड़ होती है पर उसके बाद सितंबर में इसे घटाकर 1 मिलियन डॉलर किया गया जो भारतीय रुपए में करीब 8.8 करोड़ रुपए होती है। और अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक नया वीजा प्रोग्राम शुरू कर दिया है, जिसे ट्रंप गोल्ड कार्ड का नाम दिया गया है। उन्होंने घोषणा कर दी है कि लोग बुधवार दोपहर से इस गोल्ड कार्ड नागरिकता के लिए आवेदन कर सकेंगे।

अरबों डॉलर से भरेगा खजााना
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि इस नए वीजा प्रोग्राम से अमेरिकी के खजाने में अरबों डॉलर का इजाफा होगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अमेरिका सरकार का ट्रंप गोल्ड कार्ड आज से शुरू हो गया है, योग्य लोगों के लिए यह कार्ड नागरिकता का सीधा रास्ता है हमारी कंपनियां अब अपनी कीमती योग्य लोगो को रोक कर रख सकेंगी लाइव साइट लगभग 30 मिनट में खुल रही है ट्रंप ने यह भी बताया कि उनके लिए और देश के लिए बहुत हर्ष की बात है,कि हमने ट्रंप गोल्ड कार्ड आज लॉन्च कर दिया है। इस कार्ड के माध्यम से आने वाले पूरा पैसा अमेरिकी सरकार के खजाने में जाएगा को यह ग्रीन कार्ड जैसा ही है, पर इससे ज्यादा फायदे होंगे कोई भी कंपनियां किसी भी कॉलेज में जा सकेंगी कार्ड खरीद सकेंगी और उस व्यक्ति को अमेरिका में भी रख सकेंगी। यह हमारे देश के लिए बड़े प्रतिभाशाली लोगों को लाने का मौका देगा।
खुलेगा अमरिका का रास्ता,कई कंपनियां होगी खुश
ट्रंप ने कहा कि कई प्रतिभाशाली छात्र कॉलेज से पास होने के बाद अपने देश जैसे भारत चीन या फ्रांस लौट जाते हैं। पर अब इस कार्ड से कंपनियां बहुत खुश होंगी। उन्होनें कहा कि एप्पल के टिम कुक भी काफी समय से इस बारे में बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी समस्या है, लेकिन अब नहीं रहेगी इसके अलावा हम उम्मीद करते हैं कि इस कार्यक्रम से अमेरिकी खजाने में अरबों डॉलर जमा होंगे ट्रंप पहले भी ऐसे गोल्ड कार्ड जैसी वीज़ा योजना की बात कर चुके हैं। जिसका उद्देश्य अमीर या अत्यधिक कुशल विदेशी नागरिकों को आकर्षित करना है,ताकि अमेरिका में शीर्ष प्रतिभा और बड़ा निवेश आए।
जानिये क्या है गोल्ड कार्ड की शर्ते
नए ट्रंप गोल्ड कार्ड के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं,जिससे अमेरिका जाने और वहां पर रहने का सपना थोड़ा महंगा सा हो गया है। नए नियमों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को आवेदक के लिए अमेरिकी को 1 मिलियन डॉलर की कीमत चुकानी होगी। वहीं अगर किसी कंपनी की ओर से स्पॉन्सर किए गए तो आवेदक को 2 मिलियन डॉलर देना होगा।इसके साथ ही 15,000 डॉलर की नॉन-रिफंडेबल प्रोसेसिंग फीस भी देनी होगी।ट्रंप के अनुसार इस कार्ड मे परिवार को भी शामिल किया जा सकता है।लेकिन इसके लिए भी अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यदि पति/पत्नी और बच्चा जिसकी उम्र 21 वर्ष से कम आयु की है, और वह अविवाहित बच्चे है तो उसे भी शामिल किया जा सकता है।
प्रत्येक के लिए अलग से प्रोसेसिंग फीस और 1 मिलियन डॉलर गिफ्ट देना होगा, इसके अलावा अतिरिक्त शुल्क जैसे यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट फीस परिस्थितियों के आधार पर लागू हो सकते हैं। वहीं यदि आवेदक से राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम जुड़ते हैं या कोई गंभीर आपराधिक गतिविधि सामने आती है तो गोल्ड कार्ड उससे वापस लिया जा सकता है।
प्रोसेसिंग व अप्रूवल प्रक्रिया
गोल्डन कार्ड को पाने के लिए ट्रंप प्रशासन के अनुसार प्रोसेसिंग फीस भरने के बाद वेरिफिकेशन और अप्रूवल प्रक्रिया होने के कुछ हफ्ते लगते हैं, ऐसे कुछ देशों के आवेदकों्, को वीजा उपलब्धता के आधार पर देरी का सामना करना पड़ सकता है।
इंटरव्यू और डॉक्यूमेंट्स की समय पर सबमीशन अनिवार्य है।गोल्ड कार्ड धारकों पर अमेरिकी रेजिडेंट्स की तरह ही टैक्स नियम लागू होंगे।
गोल्ड कार्ड की घोषणा के साथ ही वाइट हाउस ने ट्रंप प्लैटिनम कार्ड का वेटलिस्ट रजिस्ट्रेशन भी खोल दिया है।जिसमें आवेदन के लिए15,000 डॉलर DHS प्रोसेसिंग शुल्क और5 मिलियन डॉलर देना होगा। इसमें धारक हर साल अमेरिका में 270 दिनों तक रह सकेंगे, साथ ही विदेशी आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।






