दमिश्क सीरिया| मध्य सीरिया में इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह के एक संदिग्ध बंदूकधारी द्वारा घात लगाकर किए गए एक हमले में बीते दिन दो अमेरिकी सेना के जवान और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया (interpreter) मारे गए, जबकि 4 अन्य लोग घायल भी हुए हैं|

जिससे इस क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों की नाजुक प्रकृति उजागर हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि इस हमले में और भी तीन अन्य अमेरिकी सैनिक भी घायल हुए हैं। जिससे पता लगता है कि कुल सात लोग घायल हुए हैं|
दुखद घटना का विवरण
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह हमला सीरिया के ऐतिहासिक शहर पालमायरा के पास हुआ था जिस समय यह घटना हुई थी उस समय जवान और नागरिक एक प्रमुख नेता जुड़ाव (key leader engagement) का संचालन कर रहे थे जो क्षेत्र में चल रहे आईएस विरोधी और आतंकवाद विरोधी अभियानों के समर्थन स्वरूप था।
CENTCOM ने एक बयान में कहा कि यह हमला अकेले आईएस बंदूकधारी द्वारा घात लगाकर किया गया था जिसे बाद में सहयोगी सेनाओं के द्वारा मार गिराया गया। हालांकि ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) ने एक अलग रिपोर्ट दी है जिसमें कहा गया है कि हमलावर सीरियाई सुरक्षा बलों का सदस्य था। अमेरिकी अधिकारियों ने हमलावर की पहचान या उसकी संबद्धता के संबंध में अलग-अलग रिपोर्टों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन यह पुष्टि की है कि हमलावर मारा गया है।
घायल सैनिकों को हेलीकॉप्टरों द्वारा इराक और जॉर्डन की सीमा के पास अमेरिकी गैरीसन अल-तनफ (al-Tanf garrison) ले जाया गया। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी इस हमले की निंदा की और चेतावनी दी कि अमेरिकियों को निशाना बनाने वाले बर्बर लोगों को सहयोगी सेनाओं द्वारा मार गिराया गया है और घटना की जांच की जा रही है।
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अमेरिकी प्रतिक्रिया और जवाबी कार्रवाई की प्रतिज्ञा
इस दुखद घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस्लामिक स्टेट समूह के खिलाफ बहुत गंभीर जवाबी कार्रवाई करने का संकल्प भी लिया है। ट्रम्प ने एक सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए उसमें लिखा है कि यह हमला अमेरिका और सीरिया के खिलाफ किया गया एक बहुत खतरनाक हमला है जो उनके सीरियाई सरकार द्वारा पूरी तरह से नियंत्रित नहीं है। उन्होंने मारे गए तीन अमेरिकियों के लिए शोक व्यक्त किया और कहा कि सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शाराआ इस हमले से बेहद नाराज और परेशान हैं और सीरिया अमेरिका के साथ मिलकर लड़ रहा है।
सीरिया के विदेश मंत्री असद अल-शैबानी ने भी पाल्मायरा क्षेत्र में संयुक्त सीरियाई-अमेरिकी आतंकवाद विरोधी गश्त को निशाना बनाने वाले आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की है|
सीरिया में अमेरिकी मौजूदगी का संदर्भ
सीरिया में यह हमला जिसमें अमेरिकी हताहत हुए हैं पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन के बाद से एक साल में इस तरह की पहली घटना है। अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के हिस्से के रूप में पूर्वी सीरिया में कई सौ सैनिकों को तैनात किया है।
भले ही आईएस को 2019 में सीरिया में क्षेत्रीय रूप से पराजित कर दिया गया था लेकिन अमेरिकी अधिकारी कहते हैं कि उसके लड़ाके गुरिल्ला रणनीति का उपयोग करके और रेगिस्तानी इलाकों में छिपकर लगातार हमले कर रहे हैं। अमेरिकी सेना की टुकड़ियाँ जिनमें अल-तनफ गैरीसन पर तैनात सैनिक भी शामिल हैं अतीत में भी निशाना बनी हैं। 2019 में उत्तरी शहर मनबिज में हुए एक बम विस्फोट में दो अमेरिकी सैनिकों और दो अमेरिकी नागरिकों सहित कई लोग मारे गए थे।
यह हमला सीरिया में आतंकवाद विरोधी अभियानों की निरंतर चुनौती को दर्शाता है खासकर पाल्मायरा जैसे क्षेत्रों में जो पहले इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण में था। अमेरिकी और सीरियाई सहयोगियों के बीच बढ़ते संबंध के बावजूद आईएस के अवशेष इस क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने की क्षमता रखते हैं।






