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इटली की PM ने कहा – रूस यूक्रेन युद्ध खत्म हो गया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल के लिए करेगे नॉमिनेट 

रूस यूक्रेन युद्ध खत्म हो गया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल के लिए करेगे नॉमिनेट
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 25, 2026 12:29 अपराह्न
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रूस और यूक्रेन के बीच पिछले करीब चार वर्षों से चल रहे विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में 2026 की शुरुआत एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखी जा रही है। हाल ही में इतालवी प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का बयान और अबू धाबी में हुई त्रिपक्षीय बैठक ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

जॉर्जिया मेलोनी ने ट्रंप को नोबेल के लिए क्यों चुना?

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने जनवरी 2026 को जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि यदि डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कर एक “न्यायपूर्ण और स्थायी शांति” स्थापित करने में सफल होते हैं, तो वे उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करेंगी।

मेलोनी के इस बयान के पीछे मुख्य कारण

ट्रंप की शांतिदूत की छवि – ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान से ही यह दावा किया है कि वे 24 घंटे में युद्ध रुकवा सकते हैं। मेलोनी का मानना है कि यदि कोई नेता वास्तव में इस जटिल युद्ध को रुकवा देता है, तो वह इस सर्वोच्च सम्मान का हकदार है।

  • यूरोप की स्थिरता –  रूस-यूक्रेन युद्ध ने पूरे यूरोप की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा को हिला दिया है। मेलोनी चाहती हैं कि अमेरिका के नेतृत्व में यह संकट जल्द खत्म हो।
  • ट्रंप का प्रोत्साहन –  हाल ही में ट्रंप ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री को एक संदेश भेजा था जिसमें उन्होंने नोबेल न मिलने पर अपनी निराशा व्यक्त की थी। मेलोनी का यह बयान ट्रंप को प्रोत्साहित करने और उनके साथ बेहतर कूटनीतिक संबंध बनाने की एक कोशिश भी है।

अबू धाबी (UAE) में त्रिपक्षीय बैठक और महत्वपूर्ण चर्चा

युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार रूस, यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच एक सीधी और उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक हुई है।

  • स्थान – अबू धाबी, संयुक्त अरब अमीरात (UAE)।
  • समय –  23 और 24 जनवरी 2026।
  • प्रतिनिधि –  इस बैठक में यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उनके मुख्य वार्ताकार ने किया, जबकि अमेरिका की ओर से ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर शामिल हुए। इससे ठीक पहले अमेरिकी दूतों ने मॉस्को में पुतिन से भी मुलाकात की थी।

क्या बात हुई बैठक में 

क्षेत्रीय रियायतें (Territory) – मुख्य विवाद अभी भी जमीन को लेकर है। रूस डोनबास के उन हिस्सों पर कब्जा चाहता है जो उसने अब तक युद्ध में जीते हैं, जबकि जेलेंस्की ने साफ किया है कि वे अपनी एक इंच जमीन भी नहीं छोड़ना चाहते।

सुरक्षा गारंटी –  यूक्रेन चाहता है कि भविष्य में रूस दोबारा हमला न करे, इसके लिए उसे पुख्ता सुरक्षा गारंटी मिले। ट्रंप के दूतों ने इस पर चर्चा की है।

युद्धविराम का खाका –  ट्रंप के 28-सूत्रीय शांति समझौते (Peace Plan) पर चर्चा की गई, जिसमें एक तत्काल युद्धविराम और एक ‘पीस जोन’ बनाने का प्रस्ताव शामिल है।

ट्रंप का “शांति मास्टरप्लान” – क्या कर रहे हैं युद्ध समाप्त करने के लिए 

डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद संभालते ही इस युद्ध को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है। उनके द्वारा उठाए जा रहे कदमों में निम्नलिखित शामिल हैं

  • बोर्ड ऑफ पीस (Board of Peace) –  ट्रंप ने एक अंतरराष्ट्रीय ‘पीस बोर्ड’ का गठन किया है। शुरुआत में यह गाजा के लिए था, लेकिन अब इसका विस्तार यूक्रेन युद्ध सुलझाने के लिए भी कर दिया गया है। इसमें कई मुस्लिम देशों और सहयोगियों को शामिल किया गया है।
  • दबाव की रणनीति – ट्रंप ने पुतिन और जेलेंस्की दोनों को चेतावनी दी है कि यदि वे समझौते की मेज पर नहीं आए, तो वे ‘मूर्ख’ कहलाएंगे। उन्होंने रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने या यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता रोकने (ताकि वह वार्ता के लिए मजबूर हो) जैसे कूटनीतिक कार्ड खेले हैं।
  • 28-सूत्रीय शांति योजना – रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप के पास एक विस्तृत योजना है जिसमें विवादित क्षेत्रों को कुछ समय के लिए ‘स्थिर’ (Freeze) करने और यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की प्रक्रिया को फिलहाल रोकने की बात कही गई है।
  • ग्रीनलैंड और आर्कटिक रणनीति –  ट्रंप आर्कटिक क्षेत्र में रूस के प्रभाव को कम करने के लिए ग्रीनलैंड जैसे रणनीतिक मुद्दों पर भी काम कर रहे हैं, ताकि रूस पर दबाव बनाया जा सके।

क्या है उम्मीद- कब समाप्त होगा युद्ध

वर्तमान कूटनीतिक हलचल को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि

  • निकट भविष्य – वार्ता अब ‘अंतिम एक मुद्दे’ (Status of Donbas) पर आकर अटक गई है। ट्रंप का मानना है कि वे फरवरी 2026 के अंत तक एक स्थायी युद्धविराम की घोषणा करवा सकते हैं।
  • चुनौतियां – हालांकि, जेलेंस्की पर अपने देश की जनता का दबाव है कि वे जमीन का समझौता न करें। वहीं पुतिन अपनी जीत दर्ज कराए बिना पीछे नहीं हटना चाहते।

यदि ट्रंप अपनी कूटनीति से पुतिन को अपनी सेनाएं पीछे हटाने और जेलेंस्की को सुरक्षा गारंटी के बदले कुछ समझौतों पर राजी कर लेते हैं, तो 2026 इस युद्ध की समाप्ति का वर्ष बन सकता है। मेलोनी का नोबेल वाला दांव इसी बड़े बदलाव की संभावना को देखते हुए लगाया गया है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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