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इंडोनेशिया के जावा द्वीप में भारी बारिश के कारण मिट्टी खिसकने से 8 मौत की 80 से ज्यादा लापता

इंडोनेशिया के जावा द्वीप में भारी बारिश के कारण मिट्टी खिसकने से 8 मौत की 80 से ज्यादा लापता
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 25, 2026 1:01 अपराह्न
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इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर भूस्खलन (landslides) की घटनाएं अक्सर मानसून के दौरान काफी विनाशकारी होती हैं। हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण हुई तबाही|

इंडोनेशिया भूस्खलन 

इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर मूसलाधार बारिश के बाद मिट्टी धंसने से बड़ी त्रासदी हुई है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।

घटना स्थल और प्रशासनिक क्षेत्र

यह दुखद घटना मुख्य रूप से पश्चिमी जावा (West Java) प्रांत के सुकुबुमी (Sukabumi) जिले के सिमपेनैन (Simpenan) और सिआन्जुर (Cianjur) के आसपास के पहाड़ी गांवों में हुई है। सबसे अधिक प्रभावित गांव सिरेउम (Cireum) और इसके आसपास के छोटे बस्तियां हैं। यह क्षेत्र अपनी ढलानी भौगोलिक स्थिति के कारण भूस्खलन के प्रति बेहद संवेदनशील माना जाता है।

 हताहतों और लापता लोगों का विवरण

  • मृतकों की संख्या – आधिकारिक तौर पर अब तक 8 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं।
  • लापता –  वर्तमान में 80 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। आशंका है कि ये लोग अपने घरों के साथ मिट्टी के मलबे में दब गए हैं।
  • घायल –  लगभग 25 से 30 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज स्थानीय और जिला अस्पतालों में चल रहा है।

संपत्ति का नुकसान-प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, लगभग 120 से अधिक घर पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं या भारी नुकसान झेल चुके हैं। कई बुनियादी ढांचे जैसे बिजली के खंभे और सड़कें भी पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन (BNPB) की कार्रवाई

इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (BNPB) ने तत्काल प्रभाव से ‘आपातकाल’ घोषित कर दिया है।

  • बचाव अभियान –  सेना (TNI), पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों की संयुक्त टीमें मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनरी और खोजी कुत्तों का उपयोग कर रही हैं।
  • सुरक्षित निकाले गए लोग – अब तक लगभग 250 लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाया गया है।
  • BNPB का बयान – एजेंसी के प्रवक्ता ने कहा है कि “प्राथमिकता अभी मलबे में दबे जीवित लोगों को ढूंढना और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय देना है।” उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले अन्य लोगों को भी ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

शवों और घायलों का प्रबंधन

  • मृतकों के लिए – बरामद किए गए शवों को पास के जिला अस्पताल (Sukabumi Regional Hospital) के शवगृह में ले जाया जा रहा है, जहाँ पहचान की प्रक्रिया और पोस्टमार्टम किया जा रहा है। उसके बाद शवों को उनके परिजनों को सौंपने की व्यवस्था की जा रही है।
  • घायलों का उपचार – घायलों के लिए आपदा स्थल के पास ही अस्थाई मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को एम्बुलेंस के जरिए शहर के बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है, जहाँ उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा है।

विस्थापित परिवारों के लिए व्यवस्था

प्रशासन ने प्रभावित लोगों के रहने और खाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं

  • राहत शिविर –  स्थानीय सरकारी स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों को अस्थाई आश्रय स्थलों में बदल दिया गया है।
  • सामुदायिक रसोई (Public Kitchens) –  रेड क्रॉस और सामाजिक मंत्रालय द्वारा गर्म भोजन, साफ पानी और बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था की जा रही है।
  • स्वास्थ्य सुविधा – शिविरों में संक्रामक रोगों को रोकने के लिए डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई हैं।

जावा द्वीप पर यह आपदा जलवायु परिवर्तन और वनों की कटाई के कारण मिट्टी की पकड़ कमजोर होने का परिणाम मानी जा रही है। वर्तमान में बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी है, जिससे ‘सेकेंडरी लैंडस्लाइड’ (दोबारा भूस्खलन) का खतरा बना हुआ है।

नोट – चूंकि बचाव कार्य अभी भी जारी है, लापता और मृतकों के आंकड़ों में बदलाव संभव है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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