वित्त मंत्री ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप को और मजबूती प्रदान की है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य मध्यम वर्ग को राहत, तकनीकी नवाचार (Innovation) और ग्रामीण विकास के बीच संतुलन बनाना है।
राजकोषीय स्थिति और मुख्य आंकड़े
सरकार ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने का लक्ष्य रखा है।
- राजकोषीय घाटा लक्ष्य – सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 4.2%।
- पूंजीगत व्यय (Capex) – बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इसमें 12% की वृद्धि की गई है।
मध्यम वर्ग और व्यक्तिगत आयकर (Direct Tax)
इस साल के बजट में मध्यम वर्ग के लिए टैक्स स्लैब में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, ताकि उपभोग (Consumption) को बढ़ावा दिया जा सके।
- नई कर व्यवस्था (New Tax Regime) – मानक कटौती (Standard Deduction) को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है।
- टैक्स स्लैब में बदलाव – ₹5 लाख तक की आय को पूरी तरह कर मुक्त रखा गया है, और ₹15 लाख से अधिक की आय पर लगने वाले अधिभार (Surcharge) में कटौती की गई है।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
ग्रामीण भारत की क्रय शक्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर’ पर जोर दिया है।
- प्राकृतिक खेती – 2 करोड़ अतिरिक्त किसानों को प्राकृतिक खेती (Natural Farming) से जोड़ने का लक्ष्य।
- भंडारण सुविधा – ब्लॉक स्तर पर दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना के लिए बजट आवंटन में बढ़ोतरी।
- MSP और ऋण – कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर ₹25 लाख करोड़ किया गया है।
बुनियादी ढांचा और परिवहन (Infrastructure)
‘गति शक्ति’ योजना को और विस्तार देते हुए सरकार ने लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने का संकल्प लिया है।
- रेलवे – 400 नई वंदे भारत ट्रेनों की घोषणा और रेलवे सुरक्षा के लिए ‘कवच’ प्रणाली का पूर्ण विस्तार।
- सड़क – नए आर्थिक गलियारों (Economic Corridors) का निर्माण, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों में।
- ऊर्जा – ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 1.5 करोड़ घरों को सोलर पैनल से जोड़ने का लक्ष्य।
शिक्षा, कौशल और रोजगार
युवाओं के लिए बजट में ‘रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन’ (Employment Linked Incentives – ELI) पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
- इंटर्नशिप योजना – शीर्ष 500 कंपनियों में 1 करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप के अवसर, जिसमें ₹6,000 मासिक भत्ता सरकार वहन करेगी।
- कौशल विकास – 2,000 नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक तकनीक के साथ अपग्रेड किया जाएगा।
उद्योग और MSME क्षेत्र
छोटे उद्योगों को ऋण की उपलब्धता आसान बनाने के लिए नई क्रेडिट गारंटी योजना शुरू की गई है।
- MSME क्रेडिट – बिना किसी गारंटी के ₹50 लाख तक के ऋण के लिए नई मशीनरी खरीदने हेतु सहायता।
- ई-कॉमर्स हब – छोटे कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मोड में ई-कॉमर्स निर्यात हब की स्थापना।
स्वास्थ्य और कल्याण
- आयुष्मान भारत – इस योजना के तहत अब 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा, चाहे उनकी आय कुछ भी हो।
- मेडिकल कॉलेज – मौजूदा अस्पतालों के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना।
बजट 2026 का क्षेत्र-वार प्रभाव (संक्षेप में)
| क्षेत्र | मुख्य प्रभाव |
| रियल एस्टेट | किफायती आवास के लिए ब्याज सब्सिडी का विस्तार। |
| टेक्नोलॉजी | AI रिसर्च और सेमीकंडक्टर मिशन के लिए विशेष कोष। |
| रक्षा | रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण (Atma Nirbharta) पर जोर। |
| महिलाएं | लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य 3 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ किया गया। |
2026 का केंद्रीय बजट स्थिरता और विकास के बीच एक सेतु की तरह है। जहाँ एक ओर राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने का प्रयास किया गया है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे और रोजगार सृजन पर भारी निवेश का निर्णय लिया गया है। यह बजट ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नींव को और गहरा करता है।
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