वडोदरा। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात जायंट्स को 7 विकेट से करारी शिकस्त दी और लगातार चौथी बार फाइनल में प्रवेश कर इतिहास रच दिया। गेंदबाजी में अनुशासन और बल्लेबाजी में आक्रामकता का बेहतरीन मेल दिखाते हुए दिल्ली ने यह मुकाबला बेहद आसान बना दिया।
बीसीए स्टेडियम, वडोदरा में खेले गए इस अहम मुकाबले में दिल्ली ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। गुजरात जायंट्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट पर 168 रन बनाए, लेकिन दिल्ली की मजबूत बल्लेबाजी के सामने यह लक्ष्य बेहद छोटा साबित हुआ। दिल्ली ने मात्र 15.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और 26 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की।
गुजरात जायंट्स की संघर्षपूर्ण बल्लेबाजी
पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात जायंट्स की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। शुरुआती ओवरों में दिल्ली के गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। हालांकि अनुभवी बल्लेबाज बेट मूनी ने एक छोर संभालते हुए शानदार पारी खेली।
मूनी ने 51 गेंदों पर नाबाद 62 रन बनाए, जिसमें छह चौके शामिल रहे। उनके अलावा जॉर्जिया वेयरहम ने तेजतर्रार 35 रन जोड़ते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों के बीच मध्यक्रम में 61 रनों की उपयोगी साझेदारी हुई, जिससे गुजरात की पारी को स्थिरता मिली।
लेकिन दिल्ली की गेंदबाजी लगातार विकेट निकालती रही। चिनेल हेनरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके और गुजरात की रन गति पर ब्रेक लगाया। वहीं नंदिनी शर्मा ने भी 2 विकेट लेकर मध्यक्रम को झकझोर दिया।
नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण गुजरात बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और टीम 168 रन तक ही सीमित रह गई।
दिल्ली की तूफानी शुरुआत से ही मुकाबला एकतरफा
169 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरुआत बेहद विस्फोटक रही। सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा और लिज़ेल ली ने गुजरात के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही हमला बोल दिया।
दोनों ने पहले विकेट के लिए 89 रनों की तेज साझेदारी कर मैच को लगभग दिल्ली की झोली में डाल दिया।
- लिज़ेल ली ने 24 गेंदों पर 43 रन बनाए
- शैफाली वर्मा ने 21 गेंदों पर 31 रनों की आक्रामक पारी खेली
- पावरप्ले में ही दिल्ली का रनरेट आसमान छूने लगा, जिससे गुजरात की गेंदबाजी पूरी तरह दबाव में आ गई।
हालांकि जॉर्जिया वेयरहम ने एक ही ओवर में दोनों ओपनर्स को आउट कर गुजरात को थोड़ी उम्मीद जरूर दिलाई, लेकिन यह वापसी ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।
मध्यक्रम ने दिखाया संयम और क्लास
ओपनर्स के आउट होने के बाद दिल्ली की कप्तान ज़ेमीमह रोड्रिग्स ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 41 रन बनाए और रन गति को बनाए रखा।
उनका भरपूर साथ दिया लौरा वोलवार्ड ने, जिन्होंने नाबाद 32 रन की शांत लेकिन प्रभावशाली पारी खेली। दोनों के बीच हुई साझेदारी ने गुजरात की आखिरी उम्मीद भी खत्म कर दी।
अंत में मारिज़ाने काप ने विजयी चौका लगाकर दिल्ली को फाइनल में पहुंचाया। दिल्ली ने यह लक्ष्य सिर्फ 15.4 ओवर में हासिल कर लिया — जो WPL प्लेऑफ इतिहास की सबसे प्रभावशाली चेज़ में से एक मानी जा रही है।
लगातार चौथा फाइनल — दिल्ली की ऐतिहासिक उपलब्धि
इस जीत के साथ दिल्ली कैपिटल्स विमेंस प्रीमियर लीग के इतिहास में लगातार चार बार फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है।
हालांकि पिछले तीन फाइनल में दिल्ली खिताब जीतने से चूक गई थी, लेकिन इस बार टीम का आत्मविश्वास और संतुलन कहीं ज्यादा मजबूत नजर आ रहा है।
गुजरात जायंट्स का सपना टूटा
गुजरात जायंट्स के लिए यह हार बेहद निराशाजनक रही। टीम ने पूरे सीजन अच्छा प्रदर्शन किया और प्लेऑफ तक का सफर तय किया, लेकिन एलिमिनेटर में दबाव झेल नहीं सकी।
बेट मूनी और वेयरहम के अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका। गेंदबाजी में भी गुजरात के खिलाड़ी दिल्ली की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने बेबस नजर आए।
हालांकि यह सीजन गुजरात के लिए सीख भरा रहा और आने वाले वर्षों में टीम मजबूत वापसी कर सकती है।
अब फाइनल में दिल्ली की टक्कर RCB से
दिल्ली कैपिटल्स अब WPL 2026 के फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) से भिड़ेंगी। यह मुकाबला 5 फरवरी को खेला जाएगा।
RCB ने पूरे सीजन शानदार खेल दिखाया है और दिल्ली के खिलाफ फाइनल में कड़ा मुकाबला देखने को मिलने की उम्मीद है।
एक ओर दिल्ली लगातार चौथे फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच चुकी है, वहीं RCB अपनी पहली बड़ी WPL ट्रॉफी जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।







