नई दिल्ली: वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का रोमांच निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। आज टूर्नामेंट का पहला एलिमिनेटर मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स (DC) और गुजरात जायंट्स (GG) के बीच खेला जाएगा। इस मुकाबले में जीत दर्ज करने वाली टीम सीधे फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) से भिड़ेगी, जबकि हारने वाली टीम का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा।
दिल्ली कैपिटल्स ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथे सीजन में भी प्लेऑफ में जगह बनाई है, लेकिन अब तक खिताब जीतने का सपना अधूरा रहा है। इस बार टीम पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरकर पहली बार ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगी।
दिल्ली कैपिटल्स की मजबूती: अनुभवी सितारों के दम पर भरोसा
दिल्ली कैपिटल्स इस सीजन एक संतुलित और मजबूत टीम के रूप में उभरी है। टीम की कप्तान मेग लैनिंग ने एक बार फिर अपने अनुभव से टीम को सही दिशा दी है। उनकी ओपनिंग साझेदार शफाली वर्मा अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाती रही हैं।
मिडिल ऑर्डर में जेमिमा रोड्रिग्स और एलिस कैप्सी ने कई अहम मौकों पर उपयोगी पारियां खेलकर टीम को संभाला है। वहीं ऑलराउंडर मारिज़ान कैप ने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देकर दिल्ली को कई मैचों में बढ़त दिलाई है।
गेंदबाजी विभाग में शिखा पांडे, राधा यादव और जेस जोनासेन ने अहम भूमिका निभाई है। पावरप्ले में विकेट निकालने से लेकर डेथ ओवर्स में रन रोकने तक दिल्ली की गेंदबाजी काफी प्रभावी रही है।
गुजरात जायंट्स की ताकत: आक्रामक बल्लेबाजी और विदेशी सितारे
गुजरात जायंट्स का सफर इस सीजन भले ही उतार-चढ़ाव से भरा रहा हो, लेकिन टीम ने निर्णायक मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर एलिमिनेटर में जगह बनाई है।
GG की कप्तान बेथ मूनी टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने कई मौकों पर टीम को मजबूत शुरुआत दी है। उनके साथ लौरा वोल्वार्ड्ट ने भी तेज तर्रार पारियां खेलकर स्कोरबोर्ड को गति दी है।
मिडिल ऑर्डर में एश्ले गार्डनर गुजरात की सबसे बड़ी ताकत रही हैं। ऑलराउंडर गार्डनर ने बड़े शॉट्स के साथ-साथ अहम विकेट भी चटकाए हैं। भारतीय खिलाड़ियों में हरलीन देओल और स्नेह राणा ने बल्ले और गेंद से अहम योगदान दिया है।
गेंदबाजी में किम गार्थ, तानिया भाटिया (विकेटकीपर के रूप में) और स्नेह राणा ने कई मौकों पर विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान किया है।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड: रोमांचक मुकाबलों का इतिहास
WPL के पिछले सीजन और मौजूदा टूर्नामेंट में दिल्ली और गुजरात के बीच मुकाबले काफी रोमांचक रहे हैं। दिल्ली ने जहां अपनी निरंतरता के दम पर बढ़त बनाई है, वहीं गुजरात ने भी बड़े मौकों पर दिल्ली को हराकर अपनी ताकत दिखाई है।
आंकड़ों में भले ही DC आगे हो, लेकिन नॉकआउट मुकाबलों में रिकॉर्ड मायने नहीं रखते। एक छोटी सी चूक पूरे टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है।
RCB पहले से फाइनल में, खिताब की प्रबल दावेदार
लीग चरण में शानदार प्रदर्शन के चलते रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर पहले ही फाइनल में पहुंच चुकी है। कप्तान स्मृति मंधाना की अगुवाई में RCB ने लगातार जीत दर्ज कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया।
RCB की बल्लेबाजी में एलिस पैरी, रिचा घोष और सोफी डिवाइन जैसे बड़े नाम शानदार फॉर्म में हैं, जबकि गेंदबाजी में श्रेयांका पाटिल और रेणुका सिंह ने अहम विकेट झटके हैं।
अब RCB शांति से एलिमिनेटर के विजेता का इंतजार कर रही है ताकि फाइनल में पूरी तैयारी के साथ उतर सके।
एलिमिनेटर में रणनीति होगी निर्णायक
दिल्ली कैपिटल्स का लक्ष्य होगा कि वह अपने अनुभवी बल्लेबाजों के दम पर मजबूत स्कोर खड़ा करे और फिर अनुशासित गेंदबाजी से गुजरात को दबाव में रखे।
वहीं गुजरात जायंट्स शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाकर दिल्ली के गेंदबाजों पर हमला करने की रणनीति बना सकती है। एश्ले गार्डनर और बेथ मूनी जैसे खिलाड़ी किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
पावरप्ले के शुरुआती ओवर और अंतिम पांच ओवर इस मुकाबले में बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया की दो दिग्गज खिलाड़ियों एलिस पैरी और एनाबेल सदरलैंड ने अपना नाम वापस लिया WPL 2026 से
दिल्ली के लिए ‘अब या कभी नहीं’ का मौका
लगातार चार बार प्लेऑफ में पहुंचने के बावजूद दिल्ली अब तक ट्रॉफी से दूर रही है। हर बार टीम फाइनल या नॉकआउट में चूक गई। इस बार टीम प्रबंधन और खिलाड़ी दोनों बेहद आत्मविश्वास में हैं।
मेग लैनिंग के नेतृत्व में दिल्ली इस मौके को इतिहास में बदलना चाहेगी और पहली बार WPL खिताब जीतने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाएगी।







