व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

अंडर-19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल- एरॉन जॉर्ज के शतक और वैभव सूर्यवंशी की तूफानी शुरुआत से भारत ने अफगानिस्तान को हराकर फाइनल में मारी धमाकेदार एंट्री

एरॉन जॉर्ज के शतक और वैभव सूर्यवंशी की तूफानी शुरुआत से भारत ने अफगानिस्तान को हराकर फाइनल में मारी धमाकेदार एंट्री
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 5, 2026 12:43 अपराह्न
Follow Us:

दुबई।अंडर-19 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने युवा क्रिकेट के इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ दिया। एरॉन जॉर्ज के शानदार शतक और वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत की बदौलत भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ 311 रनों का विशाल लक्ष्य महज 41.1 ओवरों में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।

यह न सिर्फ टूर्नामेंट का बल्कि अंडर-19 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे तेज सफल रनचेज साबित हुआ। इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली और खिताब की ओर एक मजबूत कदम बढ़ा दिया।

अफगानिस्तान ने दो शतकों से खड़ा किया पहाड़ जैसा स्कोर

सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जबरदस्त आत्मविश्वास दिखाया। टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 310 रन बनाए। अफगान पारी की सबसे बड़ी खासियत रही उनके दो बल्लेबाजों के शानदार शतक।

फैसल खान ने बेहतरीन तकनीक और संयम का प्रदर्शन करते हुए तीन अंकों का आंकड़ा पार किया। उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की हर रणनीति को नाकाम करते हुए लगातार गैप में शॉट लगाए और रन गति को बनाए रखा।

दूसरे छोर से उज़ैरुल्लाह नियाज़ई ने भी कमाल की बल्लेबाजी करते हुए शानदार शतक जड़ा। दोनों बल्लेबाजों के बीच लंबी और मजबूत साझेदारी हुई, जिसने अफगानिस्तान को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

इन दोनों शतकीय पारियों ने भारत के सामने सेमीफाइनल में एक कठिन चुनौती पेश कर दी। 310 रन का लक्ष्य युवा क्रिकेट में आसान नहीं माना जाता, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने इसे इतिहास में बदल दिया।

वैभव सूर्यवंशी ने पहले ही ओवर से बदल दिया मैच का रुख

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी शुरुआत दिलाई, जिसने अफगानिस्तान के हौसले शुरू में ही तोड़ दिए।

पहली गेंद से ही वैभव आक्रामक मूड में नजर आए। तेज गेंदबाज हों या स्पिनर — किसी को उन्होंने बख्शा नहीं। चौकों-छक्कों की बारिश के बीच उन्होंने पावरप्ले में ही भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और बेखौफ अंदाज साफ झलक रहा था। मैदान के चारों ओर शॉट खेलते हुए वैभव ने रनरेट को लक्ष्य से कहीं आगे पहुंचा दिया।

हालांकि वह बड़ी पारी में तब्दील होने से पहले आउट हो गए, लेकिन तब तक भारतीय टीम जीत की राह पर मजबूती से बढ़ चुकी थी। उनकी यह तूफानी शुरुआत भारत की रिकॉर्ड जीत की नींव साबित हुई।

एरॉन जॉर्ज का शतक – दबाव में परिपक्वता की मिसाल

वैभव के आउट होने के बाद जिम्मेदारी एरॉन जॉर्ज ने संभाली और उन्होंने इसे बखूबी निभाया।

जहां एक ओर तेजी से रन बनाना जरूरी था, वहीं विकेट बचाना भी अहम था। एरॉन ने दोनों के बीच शानदार संतुलन बनाकर बल्लेबाजी की। उन्होंने स्ट्राइक रोटेट करते हुए अफगान गेंदबाजों को थकाया और खराब गेंदों पर करारे प्रहार किए। धीरे-धीरे एरॉन ने अपनी पारी को शतक में बदला। सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर आया यह शतक भारतीय पारी की रीढ़ साबित हुआ। उनकी बल्लेबाजी में संयम, आत्मविश्वास और मैच की समझ साफ झलक रही थी। जब भी अफगानिस्तान ने दबाव बनाने की कोशिश की, एरॉन ने बाउंड्री लगाकर उसका जवाब दिया।

रिकॉर्ड रनचेज से बना नया इतिहास

भारत ने 311 रनों का लक्ष्य केवल 41.1 ओवरों में हासिल कर लिया और सिर्फ तीन विकेट गंवाए।

इतनी तेजी से इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करना अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था, खासकर सेमीफाइनल जैसे दबाव भरे मुकाबले में।

यह जीत भारतीय बल्लेबाजी की गहराई और आत्मविश्वास का शानदार उदाहरण बनी। आखिरी ओवरों में भारत पूरी तरह नियंत्रण में नजर आया और बिना किसी घबराहट के जीत तक पहुंच गया।

जैसे ही विजयी रन बना, पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। युवा खिलाड़ी खुशी से झूम उठे और एक-दूसरे को गले लगाकर इस ऐतिहासिक पल का जश्न मनाया।

अफगानिस्तान की शानदार कोशिश, लेकिन भारत भारी पड़ा

हालांकि अफगानिस्तान को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी बल्लेबाजी काबिले-तारीफ रही। फैसल खान और उज़ैरुल्लाह नियाज़ई के शतक लंबे समय तक याद रखे जाएंगे।

310 रन बनाकर उन्होंने भारत पर जबरदस्त दबाव डाला, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के आक्रामक और आत्मविश्वास भरे खेल के सामने उनकी मेहनत फीकी पड़ गई।

कप्तान की प्रतिक्रिया

मैच के बाद भारतीय कप्तान ने कहा,

“यह हमारी टीम के लिए अविश्वसनीय जीत है। 310 रनों का पीछा करना आसान नहीं था, लेकिन वैभव ने शुरुआत में जो आक्रामकता दिखाई और एरॉन ने जिस धैर्य के साथ शतक जमाया, वही हमारी जीत की कुंजी रही।”

उन्होंने अफगान बल्लेबाजों की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके दो शतक मुकाबले को बेहद रोमांचक बना गए।

फाइनल में भारत की नजरें खिताब पर

इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच चुका है। पूरे टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने शानदार संतुलन दिखाया है — आक्रामक बल्लेबाजी और अनुशासित प्रदर्शन के साथ।

वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारे जहां तेजी से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं, वहीं एरॉन जॉर्ज जैसे बल्लेबाज मुश्किल हालात में टीम को संभालना जानते हैं।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment