व्यापारभारतविदेशी समाचारखेलजीवन शैलीराजनीतिधर्मभौगोलिकसेलिब्रेटीज़शिक्षास्वास्थ्य

टी20 वर्ल्ड कप 2026- पाकिस्तान के भारत मैच बहिष्कार पर गावस्कर-हरभजन का ICC से कड़ा रुख ‘कार्यवाही अनिवार्य’

पाकिस्तान के भारत मैच बहिष्कार पर गावस्कर-हरभजन का ICC से कड़ा रुख ‘कार्यवाही अनिवार्य’
नवजोत कौर सिद्धू
On: फ़रवरी 3, 2026 4:38 अपराह्न
Follow Us:

नई दिल्ली: ICC मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के एक अत्यंत चर्चित मोड़ पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। पाकिस्तान सरकार ने घोषणा की है कि उसकी टीम टूर्नामेंट में हिस्सा तो लेगी, लेकिन वह अपने 15 फरवरी को भारत के खिलाफ ग्रुप-स्टेज मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी। इस फैसले पर भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों ने ICC से सख्त कार्रवाई की मांग की है और इसे खेल की आत्मा और नियमों के खिलाफ करार दिया है। 

इस फैसले के बाद सुनील गावस्कर और हरभजन सिंह सहित कई अनुभवी क्रिकेट हस्तियों की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के इस कदम की खुलकर निंदा की और ICC पर दबाव बनाया है कि वह नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए। 

पाकिस्तान का बहिष्कार निर्णय

पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक बयान में कहा है कि उसका क्रिकेट टीम टी20 विश्व कप 2026 में हिस्सा लेगी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच में नहीं खेलेगी। टीम टूर्नामेंट में अन्य सभी मैच शुरू से पूरा करेगी, मगर विशेष रूप से भारत के खिलाफ ग्रुप-स्टेज मुकाबले को नहीं खेलने का निर्देश प्राप्त हुआ है। 

यह मैच 15 फरवरी को कोलंबो में होना था, और इसे विश्व क्रिकेट का सबसे अधिक प्रत्याशित और व्यावसायिक मुकाबला माना जाता है। इस मैच का बहिष्कार न केवल खेल उत्साह को प्रभावित कर सकता है, बल्कि ICC के वित्तीय हितों, प्रसारण अधिकारों और लाखों दर्शकों की उम्मीदों पर भी असर डाल सकता है। 

गावस्कर का रुख: ICC को सख्त कदम उठाना चाहिए

पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने पाकिस्तान के फैसले को “खेल और अनुबंध की अवमानना” बताते हुए ICC से आग्रह किया है कि वह इस पर कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई करे। उन्होंने कहा है कि यदि पाकिस्तान के पास वैध कारण नहीं है, तो ICC को PCB के खिलाफ कठोर प्रतिक्रिया देनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कदम उठाने से पहले सोचे। 

गावस्कर ने यह भी कहा कि यह पूरा मामला ICC के स्पोर्ट्समैनशिप और टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा के लिए खतरा है। उन्होंने संकेत दिया कि ICC बोर्ड संभावित दंडों पर विचार कर सकता है, जिसमें पाकिस्तान के रैंकिंग अंक घटाना, विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप अंकों में कटौती, या भविष्य के ICC आयोजनों की मेजबानी से वंचित करना शामिल हो सकता है। 

गावस्कर ने मजाकिया रूप से भी कहा कि पाकिस्तान के निर्णय में उलट-फेर (U-turn) की संभावना है, यह बताते हुए कि अक्सर पाकिस्तान के क्रिकेट संगठनों द्वारा लिए गए कुछ फैसले समय आने पर वापस लिए जाते रहे हैं।

हरभजन की तीखी निंदा: ‘यह ड्रामा है’

पूर्व भारतीय ऑफ़ स्पिनर हरभजन सिंह ने पाकिस्तान के निर्णय को “बिना तर्क के बनाया गया ड्रामा” करार दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पहले कभी किसी समस्या का सामना नहीं किया, लेकिन अब वह अचानक विशेष रूप से भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला कर रहा है। 

हरभजन ने यह भी कहा कि विरोध केवल राजनीतिक नाटक के लिए दिखाया गया लगता है, जबकि इसका कोई ठोस खेल-आधारित कारण नहीं है। उन्होंने पूछा कि अगर पाकिस्तान वास्तव में किसी सिद्धांत के लिए खड़ा है, तो उसे इसके परिणामों का सामना भी करना चाहिए। 

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ICC इस फैसले को खेल की गरिमा और टूर्नामेंट की अखंडता के खिलाफ मान सकता है और पाकिस्तान को संभावित दंड, जुर्माना या भविष्य के किसी ICC टूर्नामेंट की मेजबानी से वंचित करने जैसे कदम उठा सकता है। 

ICC और BCCI की प्रतिक्रिया

ICC ने स्पष्ट किया है कि चयनात्मक भागीदारी किसी भी विश्व-स्तरीय टूर्नामेंट की मूल भावना के विपरीत है। विश्व निकाय ने चेतावनी दी है कि ऐसी घटनाओं का प्रभाव खेल, दर्शकों और क्रिकेट सिस्टम पर व्यापक रूप से पड़ेगा। 

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी ICC के रुख का समर्थन करते हुए कहा है कि ICC द्वारा लिए गए निर्णय का समर्थन बर्दाश्त किया जाना चाहिए और सभी क्रिकेट बोर्डों को खेल की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। 

क्रिकेट जगत में बहिष्कार का प्रभाव और आगे की स्थिति

यह विवाद सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं है। यह राजनीति और खेल के बीच की सीमाओं, ICC के नियमों की कठोरता, और विश्व-स्तरीय टूर्नामेंटों की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। यदि पाकिस्तान इस निर्णय पर कायम रहता है, तो यह पहला मौका होगा जब ICC के इतिहास में भारत-पाक मैच आयोजित नहीं होगा। 

इस फैसले का प्रभाव न केवल प्रतियोगिता के परिणामों पर पड़ेगा, बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी विश्व कप के सबसे आकर्षक मैच को खोने से लाखों डॉलर की दर्शक और प्रसारण आय प्रभावित हो सकती है। 

खेल के नियम बनाम राजनीति

भारत-पाकिस्तान मैच के बहिष्कार ने साबित कर दिया है कि क्रिकेट आज भी राजनीतिक निर्णयों के प्रभाव से स्वतंत्र नहीं हो सका है। गावस्कर और हरभजन जैसे दिग्गजों ने ICC से स्पष्ट, न्यायोचित और दूरगामी कार्रवाई की मांग की है ताकि खेल की आत्मा और नियमों की रक्षा हो सके। यह मामला अब केवल एक मैच का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह बताता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खेल और राजनीति कब तक साथ चल सकते हैं—या कब खेल को अपनी प्राथमिकता खोनी पड़ सकती है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment