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Aaj Ka Mausam: 10 अप्रैल 2026 को भारत के संपूर्ण मौसम की जानकारी और विस्तृत विश्लेषण

Aaj Ka Mausam
नवजोत कौर सिद्धू
On: अप्रैल 10, 2026 7:04 पूर्वाह्न
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​अप्रैल का महीना भारत में ‘ट्रांजिशन पीरियड’ यानी ऋतु परिवर्तन का समय होता है। 10 अप्रैल 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल सकते हैं। जहाँ उत्तर भारत में गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून गतिविधियों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।

​भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के सांख्यिकीय डेटा और उपग्रह चित्रों के विश्लेषण के आधार पर, यहाँ देश के विभिन्न क्षेत्रों का विस्तृत मौसम विवरण प्रस्तुत है

​उत्तर भारत – बढ़ता तापमान और लू (Heatwave) की आहट

​उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 10 अप्रैल तक सूर्य की किरणें सीधी होने लगती हैं, जिससे तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाएगी।

  • दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा – इन क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। आसमान साफ रहने के कारण दिन का अधिकतम तापमान 36°C से 40°C के बीच रहने का अनुमान है। सुबह और रात के समय हल्की राहत रहेगी, लेकिन दोपहर में गर्म हवाएं (लू जैसी स्थिति) चलने की संभावना है।
  • राजस्थान –  जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे पश्चिमी जिलों में तापमान 42°C को पार कर सकता है। यहाँ शुष्क और धूल भरी हवाएं चलने की चेतावनी दी जा सकती है।
  • पहाड़ी राज्य (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड) –  एक कमजोर ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण ऊँचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी और निचले इलाकों में छिटपुट वर्षा की संभावना है। इससे मैदानी इलाकों की गर्मी से कुछ हद तक राहत मिल सकती है।

​मध्य भारत –  भीषण गर्मी का केंद्र

​मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) के इलाके अप्रैल के दूसरे सप्ताह में अक्सर “हॉटस्पॉट” बन जाते हैं।

  • तापमान –  अधिकतम तापमान 40°C से 43°C के दायरे में रहेगा।
  • विदर्भ और मराठवाड़ा – इन क्षेत्रों में शुष्क मौसम के साथ भीषण गर्मी का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया जा सकता है। नागरिकों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।
  • हवा की दिशा –  उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं मध्य भारत के तापमान को और बढ़ाएंगी।

​दक्षिण भारत-  प्री-मानसून बौछारें और उमस

​दक्षिण भारत में मौसम उत्तर के मुकाबले थोड़ा अलग रहेगा। यहाँ समुद्र से आने वाली नमी के कारण नमी और बादलों की आवाजाही बनी रहेगी।

  • केरल और कर्नाटक –  पश्चिमी तट पर ‘ट्रफ लाइन’ बनने के कारण शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी हो सकती है।
  • तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश –  यहाँ तापमान 35°C से 38°C के बीच रहेगा, लेकिन उच्च आर्द्रता (Humidity) के कारण ‘रियल फील’ तापमान बहुत अधिक महसूस होगा। तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है।

​पूर्व और पूर्वोत्तर भारत – “काल बैसाखी” (Nor’westers) का प्रभाव

​पूर्वोत्तर भारत में अप्रैल का महीना बारिश और तूफानी हवाओं के लिए जाना जाता है।

  • असम, मेघालय, और अरुणाचल प्रदेश –  बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण इन राज्यों में मध्यम से भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है।
  • पश्चिम बंगाल और ओडिशा – यहाँ ‘काल बैसाखी’ (Nor’westers) का प्रभाव दिख सकता है। दोपहर के बाद अचानक तेज हवाओं (50-60 किमी/घंटा) के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना रहती है। यह स्थिति किसानों के लिए सतर्क रहने का संकेत है।
  • बिहार और झारखंड –  यहाँ मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा, लेकिन शाम के समय छिटपुट बादल छा सकते हैं।

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भारत के प्रमुख शहरों का तापमान चार्ट (अनुमानित)

शहरअधिकतम तापमान (°C)न्यूनतम तापमान (°C)मौसम की स्थिति
नई दिल्ली36°C22°Cआंशिक रूप से बादल
मुंबई33°C26°Cगर्म और उमस भरा
बेंगलुरु34°C21°Cशाम को गरज-चमक
कोलकाता37°C27°Cउमस और आंधी की संभावना
श्रीनगर16°C07°Cमध्यम बारिश और ठंड
अहमदाबाद40°C25°Cशुष्क और गर्म
गुवाहाटी28°C20°Cभारी

​समुद्री स्थिति और मछुआरों के लिए चेतावनी

  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी – समुद्र की स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी में हल्की हलचल देखी जा सकती है।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह – यहाँ हल्की वर्षा जारी रहेगी।

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​कृषि और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श (Health & Agri Advisory)

​किसानों के लिए

  • रबी फसल – उत्तर भारत में गेहूँ की कटाई का समय है, अतः मौसम शुष्क रहने के कारण किसान तेजी से कटाई और भंडारण का कार्य पूरा कर सकते हैं।
  • सिंचाई –  बढ़ती गर्मी को देखते हुए सब्जियों और बागवानी फसलों में हल्की और नियमित सिंचाई की सलाह दी जाती है।

​आम नागरिकों के लिए

  • हीट स्ट्रोक से बचाव –  दोपहर में हाइड्रेटेड रहें। सूती और ढीले कपड़े पहनें।
  • बिजली से सुरक्षा – पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के लोग गरज-चमक के समय ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।

​10 अप्रैल 2026 को भारत का मौसम मुख्य रूप से द्वैत (Duality) वाला रहेगा। एक तरफ जहाँ उत्तर और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में होंगे, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून की बारिश राहत और आफत दोनों लेकर आ सकती है। स्थानीय मौसम की सटीक जानकारी के लिए IMD के ‘नवाकास्ट’ (Nowcast) पर नजर रखना सबसे बेहतर रहता है।

नोट –  यह पूर्वानुमान उपलब्ध मौसमी डेटा और IMD के रुझानों पर आधारित है। मौसम में अचानक बदलाव संभव है, इसलिए वास्तविक समय (Real-time) अपडेट के लिए ‘मौसम’ ऐप या रेडियो बुलेटिन का अनुसरण करें।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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