डेलीबार्ता,मप्रबजट-मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास का केंद्र आम नागरिक होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पेश किए गए इस बजट में किसानों, महिलाओं, मजदूरों, युवाओं, विद्यार्थियों और जनजातीय समाज को प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण में सामाजिक सुरक्षा, कृषि उन्नति, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, खेल और अधोसंरचना विकास को सरकार की मुख्य दिशा बताया।
यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, युवाओं को अवसर देने और गांव-शहर के विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश के रूप में सामने आया है।
किसानों के लिए बड़ा पैकेज: सोलर पंप से प्राकृतिक खेती तक
मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि है और बजट में इसका स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है। सरकार ने किसानों की लागत कम करने और आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है।
1 लाख सोलर पंप योजना
सरकार ने 3000 करोड़ रुपये की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसका उद्देश्य किसानों को बिजली पर निर्भरता से मुक्त करना और सिंचाई व्यवस्था को सस्ती एवं टिकाऊ बनाना है।
किसान सम्मान और कल्याण योजनाएं
राज्य के किसान परिवारों को केंद्र की किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपये की सहायता मिलती रहेगी। इससे छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।
कृषक उन्नति योजना
सरकार ने नई “कृषक उन्नति योजना” शुरू करने का ऐलान किया है, जिसके तहत किसानों को उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
फसल बीमा और प्रोत्साहन राशि
- पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान
- मुख्यमंत्री कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये
- 6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि
सरकार ने वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” घोषित करते हुए कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने की कोशिश की है।
प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा
प्रदेश में 21.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए पंजीकृत किया गया है। सरकार ने 1 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में प्राकृतिक खेती बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इससे खेती की लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मजदूर और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा
बजट में श्रमिक वर्ग को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है।
सरकार के अनुसार:
- प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 4.61 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं।
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3.64 करोड़ लोगों का पंजीयन हुआ।
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 1.54 करोड़ से अधिक लोग जुड़े।
इन योजनाओं के माध्यम से गरीब और मजदूर वर्ग को आर्थिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
महिला सशक्तिकरण: लाड़ली योजनाओं पर बड़ा निवेश
इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता महिला कल्याण योजनाओं पर भारी खर्च है। सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए बड़े पैमाने पर बजट आवंटित किया है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना
राज्य की 52 लाख से अधिक बालिकाओं को लाभ देने वाली इस योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लाड़ली बहना योजना
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रमुख योजना लाड़ली बहना के लिए 23,882 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इससे करोड़ों महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।
पोषण और सुरक्षा
- आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 80 लाख दूध पैकेट वितरण
- पोषण अभियान के लिए 6,700 करोड़ रुपये
- कामकाजी महिलाओं के लिए “सखी भवन” निर्माण
सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 1.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है।
शिक्षा और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार
सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को सामाजिक बदलाव का आधार मानते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
- छात्रवृत्ति और कोचिंग सहायता
- पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 7.95 लाख विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता
- सरदार पटेल कोचिंग योजना के तहत 4,000 छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद
- कमजोर वर्गों के लिए विशेष बजट
- पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ समुदायों के विकास के लिए 1,651 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
8वें वेतन आयोग को लेकर बढ़ी हलचल, बजट में केंद्रीय कर्मचारियों
खेल और युवाओं के लिए नई पहचान
- राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। मुख्यमंत्री युवा शक्ति योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र में सर्वसुलभ स्टेडियम बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
- प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण कार्य पहले से प्रगति पर है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर ही खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
- ग्रामीण विकास और सड़क कनेक्टिविटी पर बड़ा निवेश
- ग्रामीण क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने अधोसंरचना पर भारी निवेश किया है।
ग्रामीण कनेक्टिविटी योजनाओं के लिए 21,630 करोड़ रुपये
- सड़क मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री मजरा-टोला योजना के तहत 20,900 किलोमीटर सड़क निर्माण
- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40,062 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आवास और गरीब कल्याण योजनाएं
गरीब परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 6,850 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक योजनाओं के लिए अलग-अलग बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
पर्यावरण और कृषि वानिकी पर ध्यान
सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को भी बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। वन एवं पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6,151 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि वानिकी योजना शुरू कर किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंदों को धार्मिक यात्राओं का लाभ मिलेगा। धर्म एवं संस्कृति संरक्षण के लिए 2,055 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
सिंहस्थ महापर्व: अधोसंरचना और विकास का बड़ा प्लान
आगामी सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने व्यापक तैयारियों का ऐलान किया है।
- कुल 13,851 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत
- 2026-27 में 3,060 करोड़ रुपये का विशेष बजट
- इंदौर-उज्जैन सिक्स लेन सड़क के लिए 1,164 करोड़ रुपये
- ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए 1,370 करोड़ रुपये
- उज्जैन बायपास के लिए 701 करोड़ रुपये
इन परियोजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।
नगरीय विकास और बुनियादी सुविधाएं
शहरों में तेजी से बढ़ती आबादी और माइग्रेशन को ध्यान में रखते हुए नगरीय विकास के लिए 21,561 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। “संध्या छाया” कार्यक्रम के माध्यम से शहरी परिवारों को सहायक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
पुलिस व्यवस्था का डिजिटलीकरण और भर्ती
कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए सरकार डिजिटल पुलिसिंग पर जोर दे रही है।
- 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी
- पुलिसकर्मियों को 25 हजार टैबलेट
- पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी
- 11,000 नए पुलिस आवास निर्माण
इसके साथ ही 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन योजना में तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
जनजातीय और ग्रामीण समाज के लिए विशेष पहल
11,277 जनजातीय गांवों के विकास का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार सुविधाओं से जोड़ा जाए।
बजट से पहले शेयर बाजार में भूचाल15 मिनट में निवेशकों के चार लाख करोड़
समावेशी विकास की दिशा में बजट
मध्य प्रदेश बजट 2026 को यदि समग्र रूप से देखा जाए तो यह कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, महिलाओं को आर्थिक शक्ति देने, युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने और ग्रामीण-शहरी अंतर को कम करने की दिशा में तैयार किया गया बजट दिखाई देता है।
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि गांव, किसान, मजदूर, महिला और छात्र इसके केंद्र में रहेंगे।
कल्याण और विकास के संतुलन की कोशिश
मोहन यादव सरकार का यह बजट सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कृषि सुधार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा निवेश, खेल सुविधाएं और अधोसंरचना विस्तार सभी क्षेत्रों में व्यापक घोषणाएं इस बात का संकेत देती हैं कि सरकार दीर्घकालिक विकास मॉडल पर काम कर रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि इन घोषणाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाई देता है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकता है।







