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3 किलो चांदी 65 देवी-देवताओं के चित्र और 25 लाख की लागत जयपुर में व्यापारी पिता ने बेटी की शादी के लिए बनवाया अनोखा निमंत्रण कार्ड

3 किलो चांदी 65 देवी-देवताओं के चित्र और 25 लाख की लागत जयपुर में व्यापारी पिता ने बेटी की शादी के लिए बनवाया अनोखा निमंत्रण कार्ड
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 21, 2026 3:33 अपराह्न
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डेलीबार्ता,जयपुर। शादियों में महंगे कार्ड कोई नई बात नहीं है, लेकिन जयपुर के एक व्यापारी ने अपनी बेटी की शादी के लिए ऐसा निमंत्रण कार्ड बनवाया है, जिसकी चर्चा अब देशभर में हो रही है। जयपुर निवासी व्यापारी शिव जौहरी ने अपनी बेटी श्रुति जौहरी की शादी के लिए करीब 3 किलो चांदी से बना विशेष कार्ड तैयार कराया है। इस अनोखे कार्ड को बनाने में लगभग 25 लाख रुपये खर्च हुए हैं और इसे पूरी तरह तैयार होने में एक साल का समय लगा।

यह कार्ड न सिर्फ अपनी कीमत के कारण खास है, बल्कि इसकी धार्मिक कलाकारी, बारीक नक्काशी और भावनात्मक जुड़ाव इसे एक यादगार धरोहर बना देता है।

बिना कील-स्क्रू के बना अनोखा कार्ड

इस भव्य कार्ड की एक बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने में किसी भी कील या स्क्रू का इस्तेमाल नहीं किया गया है। कार्ड को 128 अलग-अलग चांदी के टुकड़ों से तैयार किया गया है, जिन्हें बेहद सटीक तरीके से आपस में जोड़ा गया है। यह कारीगरी न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रही, बल्कि इसे एक कलात्मक उत्कृष्टता भी प्रदान करती है।

जानिये कैसा है कार्ड

बॉक्स के आकार वाला यह कार्ड 8 इंच लंबा और 6.5 इंच चौड़ा है, जिसे देखकर पहली नजर में ही इसकी भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

गणेश वंदना से होती है शुरुआत

कार्ड के ऊपरी हिस्से पर भगवान गणेश की बड़ी और आकर्षक आकृति उकेरी गई है, जिसके साथ लिखा है— “श्री गणेशाय नमः”। गणेश भगवान के दाईं ओर माता पार्वती और बाईं ओर भगवान शिव की आकृति दिखाई देती है। इसके नीचे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की सुंदर प्रतिमाएं उकेरी गई हैं, जो वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और मंगल कामना का प्रतीक मानी जाती हैं।

65 देवी-देवताओं की कलात्मक प्रस्तुति

इस चांदी के कार्ड में कुल 65 देवी-देवताओं के चित्र उकेरे गए हैं। कार्ड के बाहरी हिस्से पर माता लक्ष्मी के आठ रूप, सूर्य भगवान, साथ ही अन्य धार्मिक प्रतीक अंकित हैं। वहीं कार्ड के अंदर भगवान कृष्ण के जीवन के प्रमुख प्रसंगों को बेहद सुंदर तरीके से दर्शाया गया है।

अंदर की नक्काशी में भगवान

विष्णु के दस अवतार, दक्षिण भारतीय शैली में बनी कृष्ण की प्रतिमा, और वेंकटेश्वर भगवान (तिरुपति बालाजी) के दोनों अवतार भी शामिल हैं। इसके अलावा सारथी, दीपक लिए हुए देवी-देवता, शंख और ढोल बजाते सेवकों की आकृतियां इस कार्ड को और भी जीवंत बना देती हैं।

रिश्तेदारों के साथ देवी-देवताओं को भी न्योता

कार्ड को लेकर शिव जौहरी भावुक नजर आते हैं। वे कहते हैं, “मैं चाहता था कि मेरी बेटी की शादी में सिर्फ रिश्तेदार और मित्र ही नहीं, बल्कि सभी देवी-देवताओं को भी आमंत्रण मिले। यह मेरी पुरानी इच्छा थी कि शादी का निमंत्रण धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से भी खास हो।”उन्होंने बताया कि इस कार्ड को बनाने का फैसला उन्होंने करीब छह महीने सोच-विचार के बाद लिया और फिर इसे पूरा करने में पूरे एक साल की मेहनत लगी।

पीढ़ियों तक साथ रहने वाला तोहफा

शिव जौहरी के मुताबिक, यह कार्ड केवल शादी का निमंत्रण नहीं, बल्कि उनकी बेटी के लिए एक अनमोल तोहफा है। उन्होंने कहा, “मैं अपनी बेटी को ऐसा उपहार देना चाहता था, जो केवल शादी तक सीमित न रहे, बल्कि पीढ़ियों तक उसके साथ रहे। यह कार्ड हमारी आस्था, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों का प्रतीक है।”

दूल्हा-दुल्हन और परिवार के नाम भी उकेरे गए

इस चांदी के कार्ड में धार्मिक चित्रों के साथ-साथ दूल्हा-दुल्हन के नाम भी बीच में उकेरे गए हैं। दुल्हन का नाम श्रुति जौहरी और दूल्हे का नाम हर्ष सोनी है। इसके अलावा दोनों पक्षों के माता-पिता और परिवार के सदस्यों के नाम भी इस कार्ड पर अंकित किए गए हैं, जिससे यह पूरी तरह व्यक्तिगत और भावनात्मक बन गया है।

चर्चा का विषय बना शाही निमंत्रण

शादी के इस खास कार्ड की तस्वीरें सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। लोग इसे न केवल शाही अंदाज का निमंत्रण बता रहे हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, धर्म और कारीगरी का अद्भुत उदाहरण भी मान रहे हैं।

जयपुर जैसे ऐतिहासिक और कला-प्रेमी शहर में बना यह चांदी का कार्ड इस बात का प्रतीक है कि आज भी परंपरा और आधुनिकता को साथ लेकर कुछ अलग और यादगार किया जा सकता है।

Swati Pandey

A versatile writer mainly works on trending news, daily updates from politics, business, crime, current affairs and entertainment.

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