देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर सुरक्षा घेरे में है। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) से मिले ताजा इनपुट के बाद पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक और लाल किला क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
दिल्ली हाई अलर्ट – चांदनी चौक और धार्मिक स्थल आतंकियों के निशाने पर
- अलर्ट की तिथि – 21 फरवरी 2026
- मुख्य टारगेट – चांदनी चौक (धार्मिक स्थल) और लाल किला
- आतंकी संगठन – लश्कर-ए-तैयबा (LeT)
- हमले का प्रकार – IED धमाका / आतंकी हमला
- पिछली घटना – 10 नवंबर 2025 (लाल किला कार ब्लास्ट)
- सुरक्षा स्थिति – दिल्ली हाई अलर्ट पर सुरक्षा बल तैनात
21 फरवरी 2026 को केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने एक बार फिर से दिल्ली के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। इस जानकारी की आई हुई रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा LET दिल्ली में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा है। इस आई हुई खुफिया खबर में विशेष रूप से पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल (मंदिर) और लाल किले के आसपास के क्षेत्र को संभावित टारगेट बताया गया है।
हमले की साजिश का कारण (Motive)
खुफिया सूत्रों के मुताबिक यह आतंकी साजिश एक बदले की कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है।
- इस्लामाबाद मस्जिद धमाका- 6 फरवरी 2026 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक मस्जिद में बम धमाका हुआ था।
- बदले की आग- आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा इस घटना का दोष भारत पर मढ़ने की कोशिश कर रहा है और उसी का बदला लेने के लिए भारत के प्रमुख मंदिरों और ऐतिहासिक स्थलों को निशाना बनाना चाहता है।
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हमले का तरीका (Modus Operandi)
एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि आतंकी IED (Improvised Explosive Device) यानी तात्कालिक विस्फोटक उपकरणों का उपयोग कर सकते हैं।
- भीड़भाड़ वाले इलाके – चांदनी चौक अपनी संकरी गलियों और भारी भीड़ के लिए जाना जाता है, जो आतंकियों के लिए सॉफ्ट टारगेट हो सकता है।
- नवंबर 2025 का संदर्भ – सुरक्षा एजेंसियां इसलिए भी अधिक सतर्क हैं क्योंकि 10 नवंबर 2025 को लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक कार बम धमाका हुआ था जिसमें 12 लोगों की जान गई थी। उस घटना की जांच अभी भी एनआईए (NIA) द्वारा की जा रही है।
दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
अलर्ट मिलते ही दिल्ली पुलिस और अन्य अर्धसैनिक बलों ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद कर दिया है
- घेराबंदी और तलाशी – चांदनी चौक के प्रमुख मंदिरों, जैसे गौरी शंकर मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में कमांडो तैनात कर दिए गए हैं।
- CCTV निगरानी – पूरे इलाके की सीसीटीवी कैमरों से डिजिटल निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
- बम निरोधक दस्ता (BDS)- बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
- पार्किंग पर पाबंदी- संवेदनशील इलाकों में लावारिस वाहनों और संदिग्ध वस्तुओं की सघन चेकिंग की जा रही है।
नागरिकों के लिए अपील
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि पैनिक (घबराहट) की कोई आवश्यकता नहीं है लेकिन सतर्कता अत्यंत अनिवार्य है। दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी लावारिस वस्तु, जैसे बैग, खिलौने या संदिग्ध वाहन को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
चांदनी चौक जैसे व्यस्त बाजार में दुकानदारों को भी अपने आसपास के सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत देने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी और जनता का सहयोग ही इस प्रकार की आतंकी साजिशों को नाकाम करने में सबसे बड़ा हथियार है।







