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दक्षिण अमेरिकी में चिली के जंगल में लगी आग 19 लोगों की मौत  50 हजार लोग बेघर

दक्षिण अमेरिकी में चिली के जंगल में लगी आग 19 लोगों की मौत 
नवजोत कौर सिद्धू
On: जनवरी 19, 2026 6:15 अपराह्न
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दक्षिण अमेरिका के चिली (Chile) में जनवरी 2026 में लगी भीषण जंगल की आग ने एक बार फिर मानवता को झकझोर कर रख दिया है। इस आपदा ने न केवल प्राकृतिक संपदा को नष्ट किया है, बल्कि बड़ी संख्या में जनहानि और विस्थापन का कारण भी बनी है।

चिली के जंगलों में भीषण आग – तबाही 

चिली के मध्य और दक्षिणी हिस्सों, विशेष रूप से नुबल (Ñuble) और बायोबायो (Biobío) क्षेत्रों में लगी इस आग ने भारी तबाही मचाई है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, कम से कम 18 से 19 लोगों की मृत्यु हो चुकी है और लगभग 50,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है 

आग लगने के मुख्य कारण

चिली में आग लगने के पीछे प्राकृतिक और मानवीय दोनों कारणों का मेल देखा जा रहा है-

  • भीषण गर्मी (Heatwave) –  इस समय चिली में ग्रीष्म ऋतु है और तापमान 38°C (100°F) के पार जा चुका है। अत्यधिक गर्मी ने जंगलों को बारूद के ढेर में बदल दिया।
  • तेज हवाएं –  दक्षिणी गोलार्ध की तेज हवाओं ने छोटी सी चिंगारी को कुछ ही घंटों में मीलों दूर तक फैला दिया।
  • सूखा –  चिली पिछले कई वर्षों से ‘मेगा-ड्रॉट’ (भयानक सूखे) का सामना कर रहा है, जिससे मिट्टी और वनस्पतियों में नमी बिल्कुल खत्म हो गई है।

 लोग बेघर कैसे हुए?

आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

मध्यरात्रि का प्रकोप –  कई इलाकों में आग आधी रात के बाद रिहायशी इलाकों तक पहुंची। लोग सो रहे थे और धुएं की गंध से उनकी नींद खुली।

अनियंत्रित दिशा – हवा के बदलते रुख के कारण आग ने जंगलों से निकलकर सीधे शहरों (जैसे पेनको और लिरक्विन) का रुख किया।

संपत्ति का विनाश –  शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, 1,000 से अधिक घर पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। लोग केवल अपने शरीर पर मौजूद कपड़ों के साथ जान बचाकर भागने में सफल रहे।

प्रशासन और सरकार की कार्रवाई

राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक ने प्रभावित क्षेत्रों में ‘आपदा की स्थिति’ (State of Catastrophe) घोषित कर दी है।

  • सेना की तैनाती – आपातकाल घोषित होने के बाद सेना को राहत कार्य और आग बुझाने में लगाया गया है।
  • अग्निशमन दल –  लगभग 4,000 से अधिक फायरफाइटर्स और 77 से अधिक लड़ाकू विमान/हेलीकॉप्टर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।
  • कर्फ्यू –  प्रभावित इलाकों में रात का कर्फ्यू लगाया गया है ताकि खाली किए गए घरों में लूटपाट न हो और आपातकालीन वाहनों को रास्ता मिल सके।

अनुमानित आर्थिक नुकसान

हालांकि अभी पूर्ण मूल्यांकन होना बाकी है, लेकिन अनुमान डरावने हैं

  • कृषि और वानिकी –  करीब 8,500 हेक्टेयर (21,000 एकड़) से अधिक भूमि जल चुकी है। इससे अंगूर के बागों और लकड़ी उद्योग को करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ है।
  • बुनियादी ढांचा – स्कूल, चर्च, और बिजली की लाइनें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं। 2025-2026 के लिए चिली सरकार ने आग से लड़ने का बजट पहले ही बढ़ाकर 160 बिलियन पेसो (लगभग 166 मिलियन डॉलर) कर दिया था, लेकिन यह आपदा उस बजट से कहीं बड़ी साबित हो रही है।

बेघर लोगों और घायलों के लिए व्यवस्था

  • आश्रय स्थल (Shelters) – प्रशासन ने सरकारी स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों को अस्थायी आश्रय स्थलों में बदल दिया है। यहाँ लोगों को भोजन, पानी और सोने की जगह दी जा रही है।
  • नकद सहायता – सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए सीधे बैंक खातों में नकद सहायता भेजने की योजना शुरू की है ताकि वे अपनी तत्काल जरूरतें पूरी कर सकें।
  • घायलों का उपचार –  गंभीर रूप से झुलसे लोगों को कन्सेप्सिओन (Concepción) के मुख्य अस्पतालों और सैंटियागो के विशेषज्ञ बर्न यूनिट्स में ले जाया जा रहा है। धुएं से सांस की तकलीफ झेल रहे लोगों के लिए स्थानीय स्तर पर मोबाइल क्लीनिक लगाए गए हैं।

विशेष नोट – यह रिपोर्ट ताज़ा घटनाक्रमों और उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है। जंगल की आग की स्थिति पल-पल बदल रही है, इसलिए सटीक संख्या में वृद्धि हो सकती है।

Dr Pankaj Sharma

fitness coach and writer mainly work on sports, fitness, Religious, foreign news, and technology

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