डेलीबार्ता, साइबर ठगी। साइबर ठग (Cyber Crime )रोजाना नये नये पैतरेबाजी अपनाकर लगातार लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। हाल यह है कि पढ़े लिखे और समझदार व्यक्ति भी इनकी ठगी के जाल में फंसते जा रहे हैं। कुछ ऐसे ही मामले मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से सामनें आये हैं जहां साइबर ठगों नें अपनी पैतरेबाजी से करीब डेढ़ करोड़ की ठगी को अंजाम दिया है। साइबर ठगी यह मामले में एक दिन में दर्ज हुये हैं जो अलग-अलग थानों से सामनें आये हैं और कुल 35 मामलों में साइबर अपराधियों ने लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपए की ठगी की है। इतना ही नहीं ठगों नें बिजली बिल को भी ठगी का जरिया बनाया है और ठगी की घटना को अंजाम दिया है।
जागरुकता के बाद भी हो रही ठगी
तमाम जागरूकता के बावजूद भोपाल में डिजिटल धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भोपाल में बीते 24 घंटे के भीतर 13 पुलिस स्टेशनों में साइबर अपराध के 35 मामले दर्ज हुए हैं। इन मामलों में आरोपियों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की ठगी सामनें आई है। ज्यादार ठगी शेयर मार्केट में निवेश, नौकरी के ऑफर, मुनाफे की स्कीम, व्हाट्सएप पर लिंक के जरिए मैलवेयर भेजने और बिजली काटने की धमकी के नाम पर है।
जानिये किन थानों में दर्ज हुये मामले
दरअसल, पिछले 24 घंटों में राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन में 6 बाग सेवनिया में 7, अशोका, मिसरोद में 5 और अवधपुरी थाने में 4 एफआईआर दर्ज कराये गये हैं। इसके साथ ही हबीबगंज,ऐशबाग, निशातपुरा, शाहजहांबाद, बैरागढ़ और गांधी नगर में 1-1 शिकायत दर्ज की गई। कमला नगर और पिपलानी में 2-2 केस रिपोर्ट हुए हैं। वहीं, कोलार में तीन क्राइम रजिस्टर हुए हैं।
Read more:
- Artificial intelligence (AI) क्यों बन गया लैपटॉप मोबाइल महंगा होने का कारण
- AI Supercomputing और खास AI-Chips का बढ़ता रोल
- AI के दौर में कौन-सी स्किल सीखना सबसे ज़रूरी
एक रुपए के नोट के नाम पर हुई ठगी
यह ठग इतनें शातिर है कि यह रोजाना नये नये पैतरें अपना रहे हैं। कुछ ऐसा ही एक मामला सामनें आया जिसमें एक रुपये के नाम पर ठगी की गई । दरअसल बैरागढ़ के कस्तूरीगंज में रहने वाले 76 वर्षीय गोकुल प्रसाद चौरसिया ने फेसबुक पर विज्ञापन दिखा था। इसमें साइबर अपराधियों द्वारा बताया गया था कि वह एक रुपए के पुराने नोट खरीदेंगे। गोकुल प्रसाद ने जब उनसे संपर्क किया तो आरोपियों ने एक रुपए के नोट उनसे लाखों में खरीदने की बात कही, और इसके बाद ठगी का सिलसिला शुरु हुआ और अलग-अलग चार्ज के नाम पर उनसे 1.14 लाख रुपए ठग लिए।
यहां तो अकाउंट से ही निकल गए 1.13 लाख रुपए
भोपाल के बाग सेवनिया के नारायण नगर के प्रेमचंद जैन को एक कॉल आया। इसमें दावा किया गया कि उनका कंज्यूमर नंबर बदल रहा है। बिजली डिपार्टमेंट के एप को डाउनलोड करके 12 रुपए जमा करने को कहा गया। इसके बाद उनके अकाउंट से 1.13 लाख रुपए डिबेट हो गए। बाद में और पैसे निकल गए। कुल 2.21 लाख रुपए निकले। एक अन्य व्यक्ति नंद किशोर यादव को बिजली अधिकर बनकर शख्स ने फोन किया और खाते से 3.66 लाख रुपए निकाल लिए।
क्रेडिट कार्ड के नाम पर भी हुआ फ्रॉड
भोपाल निवासी राकेश कुशवाहा ने बताते हैं कि कथित क्रेडिट कार्ड ऑफिसर के साथ कार्ड डिटेल्स शेयर कीं और एक ऐप इंस्टॉल करने के बाद 1.03 लाख गंवा दिए। इसी तरह, राजा गोपाल रेड्डी के क्रेडिट कार्ड से 1.21 लाख रुपए की निकासी हुई है।
कमला नगर पुलिस स्टेशन में शिवम कटियार से 23 लाख की ठगी हुई है। महिला ने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए उनसे संपर्क किया था। फिर टेलीग्राम के जरिए विदेशी ट्रेडिंग स्कीम में इन्वेस्ट करने के लिए मनाया।
ठगी के इस नेटवर्क से रहे सावधान
लगातार साइबर ठगी (Cyber Crime) और डिजिटल आरेस्ट को लेकर सरकार सख्ती से कदम उठा रही है। इतना ही नहीं इसके लिये जागरुकता संदेश भी लगातार प्रसारित किये जा रहे हैं,बावजूद इसके एक छोटी सी गलती और भरोसे और प्रलोभन इन ठगों को अपनें मंशूबे में कामयाब कर देते हैं। ऐसे में सतर्कता अत्यंत आवश्यक है, ताकि साइबर ठगों के इस नेटवर्क से आप बच सके।







