देश की प्रमुख सीमेंट कंपनियों में शामिल डालमिया भारत ने आने वाले वर्षों के लिए बड़ा विस्तार रोडमैप तैयार किया है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता 11 से 13 करोड़ टन तक पहुंचाना है। इसके लिए कंपनी 4,000 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने की योजना बना रही है। हाल ही में जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates) के मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश स्थित सीमेंट प्लांट के अधिग्रहण ने इस विस्तार रणनीति को और मजबूती दी है।
2031 तक क्षमता दोगुनी से अधिक करने की तैयारी
डालमिया भारत की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की मौजूदा सीमेंट उत्पादन क्षमता लगभग 4.95 करोड़ टन है। मध्यम अवधि में इसे 7.5 करोड़ टन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अंतिम उद्देश्य 2030-31 तक 11 से 13 करोड़ टन प्रति वर्ष की क्षमता हासिल करना है।
इस विस्तार के लिए कंपनी नए अधिग्रहणों के साथ-साथ मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार पर भी ध्यान देगी।
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4,000 करोड़ रुपये जुटाने का प्रस्ताव
विस्तार योजनाओं को वित्तीय समर्थन देने के लिए कंपनी आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में 4,000 करोड़ रुपये तक जुटाने का प्रस्ताव शेयरधारकों के सामने रखेगी।
इस प्रस्ताव को कंपनी के निदेशक मंडल ने 23 मई 2026 को मंजूरी दी थी।
कंपनी यह राशि इक्विटी शेयर, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP), ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट (GDR), अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट (ADR), विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बॉन्ड (FCCB), परिवर्तनीय डिबेंचर और अन्य प्रतिभूतियों के माध्यम से जुटा सकती है।
प्राप्त पूंजी का उपयोग पूंजीगत व्यय, कर्ज चुकाने, कार्यशील पूंजी, सहायक कंपनियों में निवेश तथा सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा।

सीमेंट की मांग बढ़ने का अनुमान
कंपनी का मानना है कि केंद्र सरकार के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, निजी क्षेत्र के पूंजीगत व्यय और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण आने वाले वर्षों में सीमेंट की मांग में 6 से 7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि देखने को मिल सकती है।
इसी अनुमान को ध्यान में रखते हुए कंपनी उन क्षेत्रों में भी विस्तार करेगी जहां उसकी मौजूदगी सीमित है या नहीं है। साथ ही मौजूदा बाजारों में क्षमता बढ़ाकर बाजार हिस्सेदारी मजबूत करने की रणनीति अपनाई जाएगी।
दूसरे चरण में 6,800 करोड़ रुपये का निवेश
कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुनीत डालमिया और प्रबंध निदेशक गौतम डालमिया के अनुसार, कंपनी भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप खुद को एक अखिल भारतीय सीमेंट कंपनी के रूप में स्थापित करना चाहती है।
दूसरे चरण की विस्तार योजना के तहत बेलगावी, पुणे और कडप्पा में 1.2 करोड़ टन अतिरिक्त क्षमता विकसित करने के लिए 6,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की घोषणा की गई है।
इसके अलावा उत्तरी तमिलनाडु में उपस्थिति मजबूत करने के लिए चेन्नई के पास एक बल्क टर्मिनल भी विकसित किया जा रहा है।
JP Associates के प्लांट का अधिग्रहण
हाल ही में डालमिया भारत ने जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates) की मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश स्थित सीमेंट परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए 2,850 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर समझौता किया है।
कंपनी का मानना है कि यह अधिग्रहण भविष्य की क्षमता वृद्धि और बाजार विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
वित्तीय प्रदर्शन भी रहा मजबूत
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी ने अब तक की सबसे अधिक 3,083 करोड़ रुपये की कर-पूर्व आय (PBT) दर्ज की।
इस दौरान कंपनी का कुल राजस्व 6 प्रतिशत बढ़कर 14,804 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि शुद्ध लाभ 65 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,157 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
उद्योग में किसकी कितनी क्षमता?
वर्तमान में भारत में केवल दो सीमेंट कंपनियों की वार्षिक उत्पादन क्षमता 10 करोड़ टन से अधिक है।
- UltraTech Cement – 20.55 करोड़ टन
- Ambuja Cement – 10.9 करोड़ टन
डालमिया भारत 2031 तक अपनी विस्तार योजना पूरी कर इन बड़ी कंपनियों की श्रेणी में मजबूती से जगह बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
Conclusion
डालमिया भारत की नई विस्तार रणनीति कंपनी की दीर्घकालिक विकास योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नए बाजारों में प्रवेश करने और JP Associates की सीमेंट परिसंपत्तियों के अधिग्रहण जैसे कदम कंपनी को आने वाले वर्षों में प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति दिला सकते हैं। यदि निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरे होते हैं, तो 2031 तक भारतीय सीमेंट उद्योग में कंपनी की हिस्सेदारी और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं।







