बेल्जियम और नीदरलैंड्स की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले विश्वकप हॉकी 2026 के लिए अंतर्राष्ट्रीय हॉकी फेडरेशन (FIH)ने महिला और पुरुष वर्गों के लिए ग्रुप ड्रॉ की घोषणा कर दी है,इस टूर्नामेंट में विश्व की शीर्ष टीमें खिताब जीतने के लिए संघर्ष करेंगी,पुरुष वर्ग में भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में रखा गया है जबकि महिला वर्ग में भारत को एक कठिन ग्रुप मिला है , खेल विशेषज्ञ इसे “ग्रुप ऑफ डेथ” भी बता रहे हैं।
भारत पाकिस्तान की टक्कर यानी सबसे बड़ा आकर्षण
FIH द्वारा जारी ड्रॉ के अनुसार पुरुष हॉकी विश्वकप 2026 के लिए भारत को पूल D में रखा गया है, इस ग्रुप में भारत के अलावा पाकिस्तान, इंग्लैंड और वेल्स जैसी मजबूत टीमें भी हैं, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी में भारत और पाकिस्तान के बीच की प्रतिद्वंदिता प्रसिद्ध है, दोनों टीमों का एक समृद्ध हॉकी इतिहास रहा है और जब ये दोनों टीमें आमने – सामने होतीं हैं तो रोमांच अपने आप ही बढ़ जाता है।इस बार भी यह भिड़ंत ग्रुप स्टेज में ही देखने को मिल जाएगी, इस भिड़ंत का दोनों टीमों के प्रशंसक बेसब्री से इंतजार करेंगे।
इंग्लैंड और वेल्स, कठिन होगी चुनौती
इस ग्रुप को एक कठिन ग्रुप माना जा रहा है,ग्रुप में शामिल इंग्लैंड की टीम यूरोप की शक्तिशाली टीम है और इस टीम ने हाल के वर्षों में अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।टीम की फिटनेस, रणनीति और टीम कॉम्बिनेशन इसे खतरनाक टीमों में शुमार करता है।वहीं वेल्स की टीम को अंडरडॉग माना जा सकता है यूरोप की यह टीम भी अपनी फिटनेस और यूरोपियन शैली की हॉकी के दम पर कोई भी बड़ा उलटफेर करने की क्षमता रखती है।
महिला वर्ग : आसान नहीं होगी राह
महिला वर्ग के लिए जारी ड्रॉ के अनुसार भारत को दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और चीन के साथ ग्रुप D में रखा गया है। कागजों में यह ग्रुप सबसे कठिन माना जा रहा है, क्योंकि विश्व की शीर्ष रैंकिंग वाली टीमें इसी ग्रुप में हैं। इंग्लैंड की टीम यूरोप की मजबूत टीमों में शामिल है और बड़े आयोजनों में उनका प्रदर्शन अच्छा रहता है, वहीं अफ्रीका महाद्वीप से आने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम की गिनती भी एक सशक्त टीम के रूप में होती है , ग्रुप में चौथी टीम चीन है ,इस टीम को एशिया का महिला हॉकी पावरहाउस कहा जाता है, पिछले कुछ दशकों में चीन ने हॉकी में खूब तरक्की की है खासकर इनकी महिला टीम ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।भारत के लिए यह ग्रुप कठिन भले ही लग रहा हो लेकिन भारतीय महिला खिलाड़ियों ने हाल के दिनों में अच्छे प्रदर्शन किए हैं और प्रशंसक भी उनसे अच्छा प्रदर्शन दोहराने की उम्मीद कर रहे हैं।
Read also
- शूटआउट के रोमांच से सजी HIL 2026 की धमाकेदार शुरुआत पुरुष हॉकी लीग ने फिर भरी नई जान
- हॉकी इंडिया लीग 2026 दो मुकाबलों में 14 गोल HIL GC और हैदराबाद तूफान्स की दमदार जीत
तैयारियां और रणनीति
हॉकी विश्वकप 2026 के लिए भारतीय महिला और पुरुष दोनों टीमें अपनी तैयारियों में जुटी हुई हैं। पिछले कुछ वर्षों से भारत की दोनों टीमों ने ओलिंपिक जैसी प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जहां पुरुष टीम अपने अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के साथ उतरेगी वहीं महिला टीम भी अपने हालिया प्रदर्शन की बदौलत आत्मविश्वास से भरी हुई हैं।
प्रतियोगिता का प्रारूप
हॉकी के इस महाकुंभ को जीतने के लिए प्रत्येक टीम अपना पूरा जोर लगाएंगी , लेकिन लक्ष्य को हासिल करने के लिए टीमों को कई चक्रों से गुजरना पड़ेगा। टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार भाग लेने वाली 16 टीमों को चार ग्रुपों में बांटा गया है , प्रत्येक ग्रुप की दो शीर्ष टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी ।अगले चक्र में भी चार – चार टीमों के दो ग्रुप बनेगा और इन्हीं दोनों ग्रुप की दो शीर्ष टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी।इस प्रारूप में प्रत्येक मैच का महत्व है और टीमों को अपनी लय और निरंतरता बनाए रखनी होगी।
FIH महिला हॉकी विश्वकप क्वालीफायर: इटली को 1-0 पराजित कर भारत फाइनल में
खेल विशेषज्ञों की नजर में ड्रॉ
अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी के जानकार और पूर्व खिलाड़ी ड्रॉ को बेहद संतुलित और प्रतिस्पर्धात्मक मान रहे हैं, इनका मानना है कि कोई भी ग्रुप आसान नहीं है। भारत की चुनौती अपने निरंतरता को बनाए रखने की होगी ।पाकिस्तान के साथ खेला जाने वाला मुकाबला बेहद अहम होगा जिसमें भारतीय टीम की रणनीति और फिटनेस की परीक्षा होगी , वहीं महिला टीम का चीन और इंग्लैंड से खेले जाने वाले मुकाबले टर्निंग पॉइंट साबित हो सकते हैं ।
पूरे विश्व के हॉकी प्रेमियों की नजर अब इस हॉकी विश्वकप 2026 पर टिकी है, जहां खेल, जुनून और प्रतिस्पर्धा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।







